2 John (Hindi)
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1:1b.2JO.001.001 मुझ प्राचीन की ओर से उस चुनी हुई श्रीमती और उसके लड़केबालों के नाम जिन से मैं उस सच्चाई के कारण सत्य प्रेम रखता हूं, जा हम में स्थिर रहती है, और सर्वदा हमारे साथ अटल रहेगी।
1:2b.2JO.001.002 और केवल मैं ही नहीं, बरन वह सब भी प्रेम रखते हैं, जो सच्चाई को जानते हैं।।
1:3b.2JO.001.003 परमेश्वर पिता, और पिता के पुत्रा यीशु मसीह की ओर से अनुग्रह, और दया, और शान्ति, सत्य, और प्रेम सहित हमारे साथ रहेंगे।।
1:4b.2JO.001.004 मैं बहुत आनन्दित हुआ, कि मैं ने तेरे कितने लड़के- बालों को उस आज्ञा के अनुसार, जो हमें पिता की ओर से मिली थी सत्य पर चलते हुए पाया।
1:5b.2JO.001.005 अब हे श्रीमती, मैं तुझे कोई नई आज्ञा नहीं, पर वही जो आरम्भ से हमारे पास है, लिखता हूं; और तुझ से बिनती करता हूं, कि हम एक दूसरे से प्रेम रखें।
1:6b.2JO.001.006 और प्रेम यह है कि हम उस की आज्ञाओं के अनुसार चलें: यह वही आज्ञा है, जो तुम ने आरम्भ से सुनी है और तुम्हें इस पर चलना भी चाहिए।
1:7b.2JO.001.007 क्योंकि बहुत से ऐसे भरमानेवाले जगत में निकल आए हैं, जो यह नहीं मानते, कि यीशु मसीह शरीर में होकर आया: भरमानेवाला और मसीह का विरोधी यही है।
1:8b.2JO.001.008 अपने विषय में चौकस रहो; कि जो परिश्रम हम ने किया है, उस को तुम न बिगाड़ो: बरन उसका पूरा प्रतिफल पाओ।
1:9b.2JO.001.009 जो कोई आगे बढ़ जाता है, और मसीह की शिक्षा में बना नहीं रहता, उसके पास परमेश्वर नहीं: जो कोई उस की शिक्षा में स्थिर रहता है, उसके पास पिता भी है, और पुत्रा भी।
1:10b.2JO.001.010 यदि कोई तुम्हारे पास आए, और यही शिक्षा न दे, उसे न तो घर मे आने दो, और न नमस्कार करो।
1:11b.2JO.001.011 क्योंकि जो कोई ऐसे जन को नमस्कार करता है, वह उस के बुरे कामों में साझी होता है।।
1:12b.2JO.001.012 मुझे बहुत सी बातें तुम्हें लिखनी हैं, पर कागज और सियाही से लिखना नहीं चाहता; पर आशा है, कि मैं तुम्हारे पास आऊंगा, और सम्मुख होकर बातचीत करूंगा: जिस से तुम्हारा आनन्द पूरा हो।
1:13b.2JO.001.013 तेरी चुनी हुई बहिन के लड़के- बाले तुझे नमस्कार करते हैं।
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- TextGrid Repository (2025). Hindi Collection. 2 John (Hindi). 2 John (Hindi). Multilingual Parallel Bible Corpus. Multilingual Bible Corpus. https://hdl.handle.net/21.11113/0000-0016-9C8B-C