Micah (Hindi)

Micah (Hindi)

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1:1b.MIC.001.001 यहोवा का वचन, जो यहूदा के राजा योताम, आहाज और हिजकिरयाह के दिनों में मीका मोरेशेती को पहुंचा, जिस को उस ने शोमरोन और यरूशलेम के विषय में पाया।।

1:2b.MIC.001.002 हे जाति- जाति के सब लोगों, सुनो! हे पृथ्वी तू उस सब समेत जो तुझ में है, ध्यान दे! और प्रभु यहोवा तुम्हारे विरूद्ध, वरन परमेश्वर अपने पवित्रा मन्दिर में से तुम पर साक्षी दे।

1:3b.MIC.001.003 कयोंकि देख, यहोवा अपने पवित्रास्थान से बाहर निकल रहा है, और वह उतरकर पृथ्वी के ऊंचे स्थानों पर चलेगा।

1:4b.MIC.001.004 और पहाड़ उसके नीचे गल जाएंगे, और तराई ऐसे फटेंगी, जैसे मोम आग की आंच से, और पानी जो घाट से नीचे बहता है।

1:5b.MIC.001.005 यह सब याकूब के अपराध, और इस्राएल के घराने के पाप के कारण से होता है। याकूब का अपराध क्या है? क्या सामरिया नहीं? और यहूदा के ऊंचे स्थान क्या हैं? क्या यरूशलेम नहीं?

1:6b.MIC.001.006 इस कारण मैं सामारिया को मैदान के खेत का ढेर कर दूंगा, और दाख का बगीचा बनाऊंगा; और मैं उसके पत्थरों को खड्ड में लुढ़का दूंगा, और उसकी नेव उखाड़ दूंगा।

1:7b.MIC.001.007 उसकी सब खुदी हुई मूरतें टुकड़े टुकड़े की जाएंगी; और जो कुछ उस ने छिनाला करके कमाया है वह आग से भस्म किया जाएगा, और उसकी सब प्रतिमाओं को मैं चकनाचूर करूंगा; क्योंकि छिनाले ही की कमाई से उसने उसको संचय किया है, और वह फिर छिनाले की सी कमाई हो जाएगी।।

1:8b.MIC.001.008 इस कारण मैं छाती पीटकर हाय, हाय, करूंगा; मैं लुटा हुआ सा और नंगा चला फिरा करूंगा; मैं गीदड़ों की नाई चिल्लाऊंगा, और शतुर्मुगों की नाईं रोऊंगा।

1:9b.MIC.001.009 क्योंकि उसका घाव असाध्य है; और विपत्ति यहूदा पर भी आ पड़ी, वरन वह मेरे जातिभाइयों पर पड़कर यरूशलेम के फाटक तक पहुंच गई है।।

1:10b.MIC.001.010 गात नगर में इसकी चर्चा मत करो, और मत रोओ; बेतआप्रा में धूति में लोटपोट करो।

1:11b.MIC.001.011 हे शापीर की रहनेवाली नंगी होकर निर्लज चली जा; सानान की रहनेवाली नहीं निकल सकती; बेतसेल के रोने पीटने के कारण उसका शरणस्थान तुम से ले लिया जाएगा।

1:12b.MIC.001.012 क्योंकि मारोत की रहनेवाली तो कुशल की बाट जोहते- जोहते तड़प गई है, क्योंकि यहोवा की ओर से यरूशलेम के फाटक तक विपत्ति आ पहुंची है।

1:13b.MIC.001.013 हे लाकीश की रहनेवाली अपने रथों में वेग चलनेवाले घोड़े जोत; तुझी से सिरयोन की प्रजा के पाप का आरम्भ हुआ, क्योंकि इस्राएल के अपराध तुझी में पाए गए।

1:14b.MIC.001.014 इस कारण तू गात के मोरेशेत को दान देकर दूर कर देगा; अकजीब के घर से इस्राएल के राजा धोशा ही खाएंगे।

1:15b.MIC.001.015 हे मारेशा की रहनेवाली मैं फिर तुझ पर एक अधिकारी ठहराऊंगा, और इस्राएल के प्रतिष्ठित लोगों को अदुल्लाम में आना पड़ेगा।

1:16b.MIC.001.016 अपने दुलारे लड़कों के लिये अपना केश कटवाकर सिर मुंड़ा, वरन अपना पूरा सिर गिद्ध के समान गंजा कर दे, क्योंकि वे बंधुए होकर तेरे पास से चले गए हैं।

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2:1b.MIC.002.001 हाय उन पर, जो बिछौनों पर पड़े हुए बुराइयों की कल्पना करते और दुष्ट कर्म की इच्छा करते हैं, और बलवन्त होने के कारण भोर को दिन निकलते ही वे उसको पूरा करते हैं।

2:2b.MIC.002.002 वे खेतों का लालच करके उन्हें छली लेते हैं, और घरों का लालच करके उन्हें भी ले लेते हैं; और उसके घराने समेत पुरूष पर, और उसके निज भाग समेत किसी पुरूष पर अन्धेर और अत्याचार कहते हैं।

2:3b.MIC.002.003 इस कारण, यहोवा यों कहता है, मैं इस कुल पर ऐसी विपत्ति डालने पर हूं, जिस के नीचे से तुम अपनी गर्दन हटा न सकोगे; क्योंकि वह विपत्ति का समय होगा।

2:4b.MIC.002.004 उस समय यह अत्यन्त शोक का गीत दृष्टान्त की रीति पर गाया जाएगा: हम तो सर्वनाश हो गए; वह मेरे लोगों के भाग को बिगाड़ता है; हाय, वह उसे मुझ से कितनी दूर कर देता है! वह हमारे खेत बलवा करनेवाले को दे देता है।

2:5b.MIC.002.005 इस कारण तेरा ऐसा कोई न हो, जो यहोवा की मण्डली में चिट्ठी डालकर नापने की डोरी डाले।।

2:6b.MIC.002.006 बकवासी कहा करते हैं, कि बकवास न करो। इन बातें के लिये न कहा करो; ऐसे लोगों में से अपमान न मिटेगा।

2:7b.MIC.002.007 हे याकूब के घराने, क्या यह कहा जाए कि यहोवा का आत्मा अधीर हो गया है? क्या ये काम उसी के किए हुए हैं? क्या मेरे वचनों से उसका भला नहीं होता जो सीधाई से चलता है?

2:8b.MIC.002.008 परन्तु कल की बात है कि मेरी प्रजा शत्रु बनकर मेरे विरूद्ध उठी है; तुम शान्त और भोले- भाले राहियों के तन पर से चादर छीन लेते हो जो लड़ाई का विचार न करके निधड़क चले जाते हैं।

2:9b.MIC.002.009 मेरी प्रजा की स्त्रियों को तुम उनके सुखधामों से निकाल देते हो; और उनके नन्हें बच्चों से तुम मेरी दी हुई उत्तम वस्तुएं सर्वदा के लिये छीन लेते हो।

2:10b.MIC.002.010 उठो, चले जाओ! क्योंकि यह तुम्हारा विश्रामस्थान नहीं है; इसका कारण वह अशुद्धता है जो कठिन दु:ख के साथ तुम्हारा नाश करेगी।

2:11b.MIC.002.011 यदि कोई झूठी आत्मा में चलता हुए झूठी और व्यर्थ बातें कहे और कहे कि मैं तुम्हें नित्य दाखमधु और मदिरा के लिये प्रचार सुनाता रहूंगा, तो वही इन लोगों का भविष्यद्वक्ता ठहरेगा।।

2:12b.MIC.002.012 हे याकूब, मैं निश्चय तुम सभों को इकट्ठा करूंगा; मैं इस्राएल के बचे हुओं को निश्चय इकट्ठा करूंगा; और बोस्रा की भेड़बकरियों की नाईं एक संग रखूंगा। उस झुण्ड की नाईं जो अच्छी चराई में हो, वे मनुष्यों की बहुतायत के मारे कोलाहल मचाएंगे।

2:13b.MIC.002.013 उनके आगे आगे बाड़े का तोड़नेवाला गया है, इसलिये वे भी उसे तोड़ रहे हैं, और फाटक से होकर निकल जा रहे हैं; उनका राजा उनके आगे आगे गया अर्थात् यहोवा उनका सरदार और अगुवा है।।

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3:1b.MIC.003.001 और मैं ने कहा, हे याकूब के प्रधानों, हे इस्राएल के घराने के न्याइयों, सुनो! क्या न्याय का भेद जानना तुम्हारा काम नहीं?

3:2b.MIC.003.002 तुम तो भलाई से बैर, और बुराई से प्रीति रखते हो, मानो, तुम, लोगों पर से उनकी खाल, और उनकी हडि्डयों पर से उनका मांस उधेड़ लेते हो;

3:3b.MIC.003.003 वरन तुम मेरे लोगों का मांस खा भी लेते, और उनकी खाल उधेड़ते हो; तुम उनकी हडि्डयों को हांड़ी में पकाने के लिये टुकड़े टुकड़े करते हो।

3:4b.MIC.003.004 वे उस समय यहोवा की दोहाई देंगे, परन्तु वह उनकी न सुनेगा, वरन उस समय वह उनके बुरे कामों के कारण उन से मुंह फेल लेगा।।

3:5b.MIC.003.005 यहोवा का यह वचन है कि जो भविष्यद्वक्ता मेरी प्रजा को भटका देते हैं, और जब उन्हें खाने को मिलता है तब शान्ति, शान्ति, पुकारते हैं, और यदि कोई उनके मुंह में कुछ न दे, तो उसके विरूद्ध युद्ध करते को तैयार हो जाते हैं।

3:6b.MIC.003.006 इस कारण तुम पर ऐसी रात आएगी, कि तुम को दर्शन न मिलेगा, और तुम ऐसे अन्धकार में पड़ोगे कि भावी न कह सकोगे। भविष्यद्वक्ताओं के लिये सूर्य अस्त होगा, और दिन रहते उन पर अन्धियारा छा जाएगा।

3:7b.MIC.003.007 दर्शी लज्जित होंगे, और भावी कहनेवालों के मुंह काले होंगे; और वे सब के सब अपने ओठों को इसलिये ढांपेंगे कि परमेश्वर की ओर से उत्तर नहीं मिलता।

3:8b.MIC.003.008 परन्तु मैं तो यहोवा की आत्मा से शक्ति, न्याय और पराक्रम पाकर परिपूर्ण हूं कि मैं याकूब को उसका अपराध और इस्राएल को उसका पाप जता सकूं।

3:9b.MIC.003.009 हे याकूब के घराने के प्रधानों, हे इस्राएल के घराने के न्यायियो, हे न्याय से धृणा करनेवालो और सब सीधी बातों की टेढ़ी- मेढ़ी करनेवालो, यह बात सुनो।

3:10b.MIC.003.010 तुम सिरयोन को हत्या करके और यरूशलेम को कुटिलता करके दृढ़ करते हो।

3:11b.MIC.003.011 उसके प्रधान घूस ले लेकर विचार करते, और याजक दाम ले लेकर व्यवस्था देते हैं, और भविष्यद्वक्ता रूपये के लिये भावी कहते हैं; तौीाी वे यह कहकर यहोवा पर भरोसा रखते हैं, यहोवा हमारे बीच में है, इसलिये कोई विपत्ति हम पर न आएगी।

3:12b.MIC.003.012 इसलिये तुम्हारे कारण सिरयोन जोतकर खेत बनाया जाएगा, और यरूशलेम डींह ही डींह हो जाएगा, और जिस पर्वत पर भवन बना है, वह वन के ऊंचे स्थान सा हो जाएगा।।

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4:1b.MIC.004.001 अन्त के दिनों में ऐसा होगा कि यहोवा के भवन के भवन का पर्वत सब पहाड़ों पर दृढ़ किया जाएगा, और सब पहाड़ियों से अधिक ऊंचा किया जाएगा; और हर जाति के लोग धारा की नाईं उसकी ओर चलेंगे।

4:2b.MIC.004.002 और बहुत जातियों के लाग जाएंगे, और आपस में कहेंगे, आओ, हम यहोवा के पर्वत पर चढ़कर, याकूब के परमेश्वर के भवन में जाएं; तब वह हम को अपने मार्ग सिखाएगा, और हम उसके पथों पर चलेंगे। क्योंकि यहोवा की व्यवस्था सिरयोन से, और उसका वचन यरूशलेम से निकलेगा।

4:3b.MIC.004.003 वह बहुत देखों के लोगों का न्याय करेगा, और दूर दूर तक की सामर्थी जातयों के झगड़ों को मिटाएगा; सो वे अपनी तलवारें पीटकर हल के फाल, और अपने भालों से हंसिया बनाएंगे; तब एक जाति दूसरी जाति के विरूद्ध तलवार फिर न चलाएगी;

4:4b.MIC.004.004 और लोग आगे को युद्ध विद्या न सीखेंगे। परन्तु वे अपनी अपनी दाखलता और अंजीर के वृक्ष तले बैठा करेंगे, और कोई उनको न डराएगा; सेनाओं के यहोवा ने यही वचन दिया है।।

4:5b.MIC.004.005 सब राज्यों के लोग तो अपने अपने देवता का नाम लेकर चलते हैं, परन्तु हम लोग अपने परमेश्वर यहोवा का नाम लेकर सदा सर्वदा चलते रहेंगे।।

4:6b.MIC.004.006 यहोवा की यह वाणी है, उस समय मैं प्रजा के लंगड़ों को, और बरबस निकाले हुओं को, और जिन को मैं ने दु:ख दिया है उन सब को इकट्ठे करूंगा।

4:7b.MIC.004.007 और लंगड़ों को मैं बचा रचाूंगा, और दूर किए हुओं को एक सामर्थी जाति कर दूंगा; और यहोवा उन पर सिरयोन पर्वत के ऊपर से सदा राज्य करता रहेगा।।

4:8b.MIC.004.008 और हे एदेर के गुम्मट, हे सिरयोन की पहाड़ी, पहिली प्रभुता अर्थात् यरूशलेम का राज्य तुझे मिलेगा।।

4:9b.MIC.004.009 अब तू क्यों चिल्लाती है? क्या तुझ में कोई राजा नहीं रहा? क्या तेरा युक्ति करनेवाला नाश हो गया, जिस से जच्चा स्त्री की नाईं तुझे पीड़ा उठती है?

4:10b.MIC.004.010 हे सिरयोन की बेटी, जच्चा स्त्री की नाईं पीड़ा उठाकर उत्पन्न कर; क्योंकि अब तू गढ़ी में से निकलकर मैदान में बसेगी, वरन बाबुल तक जाएगी; वहीं तू छुड़ाई जाएगी, अर्थात् वहीं यहोवा तुझे तेरे शत्रुओं के वश में से छुड़ा लेगा।।

4:11b.MIC.004.011 और अब बहुत सी जातियां तेरे विरूद्ध इकट्ठी होकर तेरे विषय में कहेंगी सिरयोन अपवित्रा की जाए, और हम अपनी आंखों से उसको निहारें।

4:12b.MIC.004.012 परन्तु वे यहोवा की कल्पनाएं नहीं जानते, न उसकी युक्ति समझते हैं, कि वह उन्हें ऐसा बटोर लेगा जैसे खलिहान में पूले बटोरे जाते हैं।

4:13b.MIC.004.013 हे सिरयोन, उठ और दांव कर, मैं तेरे सींगों को लोहे के, और तेरे खुओं कों पीतल के बना दूंगा; ओर तू बहुत सी जातियों को चूरचूर करेगी, ओर उनकी कमाई यहोवा को और उनकी धन- सम्पित्ति पृथ्वी के प्रभु के लिये अर्पण करेगी।।

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5:1b.MIC.005.001 अब हे बहुत दलों की स्वामिनी, दल बान्ध- बान्धकर इकट्ठी हो, क्योंकि उस ने हम लोगों को घेर लिया है; वे इस्राएल के न्यायी के गाल पर सोंटा मारेंगे।

5:2b.MIC.005.002 हे बेतलेहेम एप्राता, यदि तू ऐसा छोटा है कि यहूदा के हजारों में गिना नहीं जाता, तौभी तुझ में से मेरे लिये एक पुरूष निकलेगा, जो इस्राएलियों में प्रभुता करनेवाला होगा; और उसका निकलना प्राचीनकाल से, वरन अनादि काल से होता आया है।

5:3b.MIC.005.003 इस कारण वह उनको उस समय तक त्यागे रहेगा, जब तक जच्चा उत्पन्न न करे; तब इस्राएलियों के पास उसके बचे हुए भाई लौटकर उन से मिल जाएंगे।

5:4b.MIC.005.004 और वह खड़ा होकर यहोवा की दी हुई शक्ति से, और अपने परमेश्वर यहोवा के नाम के प्रताप से, उनकी चरवाही करेगा। और वे सुरक्षित रहेंगे, क्योंकि अब वह पृथ्वी की छोर तक महान् ठहरेगा।।

5:5b.MIC.005.005 और वह शान्ति का मूल होगा, जब अश्शूरी हमारे देश पर चढ़ाई करें, और हमारे राजभवनों में पांव धरें, तब हम उनके विरूद्ध सात चरवाहे वरन आठ प्रधान मनुष्य खड़ें करेंगे।

5:6b.MIC.005.006 और वे अश्शूर के देश को वरन पैठाव के स्थानों तक निम्रोद के देश केा तलवार चलाकर मार लेंगे; और जब अश्शूरी लोग हमारे देश में आएं, और उसके सिवाने के भीतर पांव धरें, तब वही पुरूष हम को उन से बचाएगा।

5:7b.MIC.005.007 और याकूब के बचे हुए लोग बहुत राज्यों के बीच ऐसा काम देंगे, जैसा यहोवा की ओर से पड़नेवाली ओस, और घास पर की वर्षा, जो किसी के लिये नहीं ठहरती और मनुष्यों की बाट नहीं जोहती।

5:8b.MIC.005.008 और याकूब के बचे हुए लोग जातियों में और देश देश के लोगों के बीच ऐसे होंगे जैसे वनपशुओं में सिंह, वा भेड़- बकरियों के झुण्डों में जवान सिंह होता है, क्योंकि जब वह उनके बीच में से जाए, तो लताड़ता और फाड़ता जाएगा, और कोई बचा न सकेगा।

5:9b.MIC.005.009 तेरा हाथ तेरे द्रोहियों पर पड़े, और तेरे सब शत्रु नाश हो जाएं।।

5:10b.MIC.005.010 यहोवा की यही वाणी है, उस समय मैं तेरे घोड़ों को तेरे बीच में से नाश करूंगा; और तेरे रथों का विनाश करूंगा।

5:11b.MIC.005.011 ओर मैं तेरे देश के नगरों को भी नाश करूंगा, और तेरे किलों को ढा दूंगा।

5:12b.MIC.005.012 और मैं तेरे तन्त्रा- मन्त्रा नाश करूंगा, और तुझ में टोन्हे आगे को न रहेंगे।

5:13b.MIC.005.013 ओर मैं तेरी खुदी हुई मूरतें, और तेरी लाठें, तेरे बीच में से नाश करूंगा; और तू आगे को अपने हाथ की बनाई हुई वस्तुओं को दण्डवत् न करेगा।

5:14b.MIC.005.014 और मैं तेरी अशेरा नाम मूरतों को तेरी भूमि में से उखाड़ डालूंगा, और तेरे नगरों का विनाश करूंगा।

5:15b.MIC.005.015 और मैं अन्यजातियों से जो मेरा कहा नहीं मानतीं, क्रोध और जल जलाहट के साथ पलटा लूंगा।।

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6:1b.MIC.006.001 जो बात यहोवा कहता है, उसे सुनो: उठकर, पहाड़ों के साम्हने वादविवाद कर, और टीले भी तेरी सुनने पाएं।

6:2b.MIC.006.002 हे पहाड़ों, और हे पृथ्वी की अटल नेव, यहोवा का वादविवाद सुनो, क्योंकि यहोवा का अपनी प्रजा के साथ मुक मा है, और वह इस्राएल से वादविवाद करता है।।

6:3b.MIC.006.003 हे मेरी प्रजा, मैं ने तेरा क्या किया, और क्या करके मैं ने तुझे उकता दिया है?

6:4b.MIC.006.004 मेरे विरूद्ध साक्षी दे! मैं तो तुझे मि देश से निकाल ले आया, और दासत्व के घर में से तुझे छुड़ा लाया; और तेरी अगुवाई करने को मूसा, हारून और मरियम को भेज दिया।

6:5b.MIC.006.005 हे मेरी प्रजा, स्मरण कर, कि मोआब के राजा बालक ने तेरे विरूद्ध कौन सी युक्ति की? और बोर के पुत्रा बिलाम ने उसको क्या सम्मत्ति दी? और शित्तिम से गिल्गाल तक की बातों का स्मरण कर, जिस से तू यहोवा के धर्म के काम समझ सके।।

6:6b.MIC.006.006 मैं क्या लेकर यहोवा के सम्मुख आऊं, और ऊपर रहनेवाले परमेश्वर के साम्हने झुकूं? क्या मैं होमबलि के लिये एक एक वर्ष के बछड़े लेकर उसके सम्मुख आऊं?

6:7b.MIC.006.007 क्या यहोवा हजारों मेढ़ों से, वा तेल की लाखों नदियों से प्रसन्न होगा? क्या मैं अपने अपराध के प्रायश्चित्त में अपने पहिलौठे को वा अपने पाप के बदले में अपने जन्माए हुए किसी को दूं?

6:8b.MIC.006.008 हे मनुष्य, वह तुझे बता चुका है कि अच्छा क्या है; और यहोवा तुझ से इसे छोड़ और क्या चाहता है, कि तू न्याय से काम करे, और कृपा से प्रीति रखे, और अपने परमेश्वर के साथ नम्रता से चले?

6:9b.MIC.006.009 यहोवा इस नगर को पुकार रहा है, और सम्पूर्ण ज्ञान, तेरे नाम का भय मानना है: राजदण्ड की, और जो उसे देनेवाला है उसकी बात सुनो!

6:10b.MIC.006.010 क्या अब तक दुष्ट के घर में दुष्टता से पाया हुआ धन और छोटा एपा घृणित नहीं है?

6:11b.MIC.006.011 क्या मैं कपट का तराजू और घटबढ़ के बटखरों की थैली लेकर पवित्रा ठहर सकता हूं?

6:12b.MIC.006.012 यहां के धनवान् लोग उपद्रव का काम देखा करते हैं; और यहां के सब रहनेवाले झूठ बोलते हैं और उनके मुंह से छल की बातें निकलती हैं।

6:13b.MIC.006.013 इस कारण मैं तुझे मारते मारते बहुत ही घायल करता हूं, और तेरे पापों के कारण तुझ को उजाड़ डालता हूं।

6:14b.MIC.006.014 तू खाएगा, परन्तु तृप्त न होगा, तेरा पट जलता ही रहेगा; और तू अपनी सम्पत्ति लेकर चलेगा, परन्तु न बचा सकेगा, और जो कुछ तू बचा भी ले, उसको मैं तलवार चलाकर लुटवा दूंगा।

6:15b.MIC.006.015 तू बोएगा, परन्तु लवेगा नहीं; तू जलपाई का तेल निकालेगा, परन्तु लगाने न पाएगा; और दाख रौंदेगा, परन्तु दाखमधु पीने न पाएगा।

6:16b.MIC.006.016 क्योंकि वे ओम्री की विधियों पर, और अहाब के घराने के सब कामों पर चलते हैं; और तुम उनकी युक्तियों के अनुसार चलते हो; इसलिये मैं तुझे उजाड़ दूंगा, और इस नगर के रहनेवालों पर ताली बजवाऊंगा, और तुम मेरी प्रजा की नामधराई सहोगे।।

7

7:1b.MIC.007.001 हाय मुझ पर ! क्योंकि मैं उस जल के समान हो गया हूं जो धूपकाल के फल तोड़ने पर, वा रही हुठ दाख बीनने के समय के अन्त में आ जाए, मुझे तो पक्की अंजीरों की लालसा थी, परन्तु खाने के लिये कोई गुच्छा नही रहा।

7:2b.MIC.007.002 भक्त लोग पृथ्वी पर से नाश हो गए हैं, और मनुष्यों में एक भी सीधा नहीं जन नहीं रहा; वे सब के सब हत्या के लिये घात लगाते, और जाल लगाकर अपने अपने भाई का आहेर करते हैं।

7:3b.MIC.007.003 वे अपने दोनों हाथों से मन लगाकर बुराई करते हैं; हाकिम घूस मांगता, और न्यायी घूस लेने को तैयार रहता है, और रईस अपने मन की दुष्टता वर्णन करता है; इसी प्रकार से वे सब मिलकर जालसाजी करते हैं।

7:4b.MIC.007.004 उन में से जो सब से उत्तम है, जो सब से सीधा है, वह कांटेवाले बाड़े से भी बुरा है। तेरे पहरूओं का कहा हुआ दिन, अर्थात् तेरे दण्ड का दिन आ गया है। अब वे शीघ्र चौंधिया जाएंगे।

7:5b.MIC.007.005 मित्रा पर विश्वास मत करो, परममित्रा पर भी भरोसा मत रखो; वरन अपनी अर्द्धागिन से भी संभलकर बोलना।

7:6b.MIC.007.006 क्योंकि पुत्रा पिता का अपमान करता, और बेटी माता के, और पतोह सास के विरूद्ध उठती है; मनुष्य के शत्रु उसके घर ही के लोग होते हैं।

7:7b.MIC.007.007 परन्तु मैं यहोवा की ओर ताकता रहूंगा, मैं अपने उद्धारकर्ता परमेश्वर की बाट जोहता रहूंगा; मेरा परमेश्वर मेरी सुनेगा।।

7:8b.MIC.007.008 हे मेरी बैरिन, मुझ पर आनन्द मत कर; क्योंकि ज्योंही मैं गिरूंगा त्योंही उठूंगा; और ज्योंही मैं अन्धकार में पडूंगा त्योंहि यहोवा मेरे लिये ज्योति का काम देगा।

7:9b.MIC.007.009 मैं ने यहोवा के विरूद्ध पाप किया है, इस कारण मैं उस समय तक उसके क्रोध को सहता रहूंगा जब तक कि वह मेरा मुक मा लड़कर मेरा न्याय न चुकाएगा। उस समय वह मुझे उजियाले में निकाल ले आएगा, और मैं उसका धर्म देखूंगा।

7:10b.MIC.007.010 तब मेरी बैरिन जो मुझ से यह कहती है कि तेरा परमेश्वर यहोवा कहां रहा, वह भी उसे देखेगी और लज्जा से मुंह ढांपेगी। मैं अपनी आंखों से उसे देखूंगा; तब वह सड़कों की कीच की नाईं लताड़ी जाएगी।।

7:11b.MIC.007.011 तेरे बाड़ों के बान्धने के दिन उसकी सीमा बढ़ाई जाएगी।

7:12b.MIC.007.012 उस दिन अश्शूर से, और मि और महानद के बीच के, और समुद्र- समुद्र और पहाड़- पहाड़ के बीच में देशों से लोग तेरे पास आंएगे।

7:13b.MIC.007.013 तौभी यह देश अपने रहनेवालों के कामों के कारण उजाड़ ही रहेगा।।

7:14b.MIC.007.014 तू लाठी लिये हुए अपनी प्रजा की चरवाही कर, अर्थात् अपने निज भाग की भेड़- बकरियों की, जो कर्म्मेल के वन में अलग बैठती है; वे पूर्वकाल की नाईं बाशान और गिलाद में चरा करें।।

7:15b.MIC.007.015 जैसे कि मि देश से तेरे निकल आने के दिनों में, वैसी ही अब मैं उसको अद्भुत काम दिखाऊंगा।

7:16b.MIC.007.016 अन्यजातियां देखकर अपने सारे पराक्रम के विषय में लजाएंगी; वे अपने मुंह को हाथ से छिपाएंगी, और उनके कान बहिरे हो जाएंगे।

7:17b.MIC.007.017 वे सर्प की नाईं मिट्टी चाटेंगी, और भूमि पर रेंगनेवाले जन्तुओं की भांति अपने बिलों में से कांपती हुई निकलेंगी; हे हमारे परमेश्वर यहोवा के पास थरथराती हुई आएंगी, और वे तुझ से डरेंगी।।

7:18b.MIC.007.018 तेरे समान ऐसा परमेश्वर कहां है जो अधर्म को क्षमा करे और अपने निज भाग के बचे हुओं के अपराध को ढांप दे? वह अपने क्रोध को सदा बनाए नहीं रहता, क्योंकि वह करूणा से प्रीति रखता है।

7:19b.MIC.007.019 वह फिर हम पर दया करेगा, और हमारे अधर्म के कामों को लताड़ डालेगा। तू उनके सब पापों को गहिरे समुद्र में डाल देगा।

7:20b.MIC.007.020 तू याकूब के विषय में वह सच्चई, और इब्राहीम के विषय में वह करूणा पूरी करेगा, जिस की शपथ तू प्राचीनकाल के दिनों से लेकर अब तक हमारे पितरों से खाता आया है।।


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