Nehemiah (Hindi)
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1:1b.NEH.001.001 हकल्याह के पुत्रा नहेमायाह के वचन। बीसवें वर्ष के किसलवे नाम महीने में, जब मैं शूशन नाम राजगढ़ में रहता था,
1:2b.NEH.001.002 तब हनानी नाम मेरा एक भाई और यहूदा से आए हुए कई एक पुरूष आए; तब मैं ने उन से उन बचे हुए यहूदियों के विषय जो बन्धुआई से छूट गए थे, और यरूशलेम के विष्य में पूछा।
1:3b.NEH.001.003 उन्हों ने मुझ से कहा, जो बचे हुए लोग बन्धुआई से छूटकर उस प्रान्त में रहते हैं, वे बड़ी दुर्दशा में पड़े हैं, और उनकी निन्दा होती है; क्योंकि यरूशलेम की शहरपनाह टूटी हुई, और उसके फाटक जले हुए हैं।
1:4b.NEH.001.004 ये बातें सुनते ही मैं बैठकर रोने लगा और कितने दिन तक विलाप करता; और स्वर्ग के परमेश्वर के सम्मुख उपवास करता और यह कहकर प्रार्थना करता रहा।
1:5b.NEH.001.005 हे स्वर्ग के परमेश्वर यहोवा, हे महान और भययोग्य ईश्वर ! तू जो अपने प्रेम रखनेवाले और आज्ञा माननेवाले के विष्य अपनी वाचा पालता और उन पर करूणा करता है;
1:6b.NEH.001.006 तू कान लगाए और आंखें खोले रह, कि जो प्रार्थना मैं तेरा दास इस समय तेरे दास इस्राएलियों के लिये दिन रात करता रहता हूँ, उसे तू सुन ले। मैं इस्राएलियों के पापों को जो हम लोगों ने तेरे विरूद्ध किए हैं, मान लेता हूँ। मैं और मेरे पिता के घराने दोनों ने पाप किया है।
1:7b.NEH.001.007 हम ने तेरे साम्हने बहुत बुराई की है, और जो आज्ञाएं, विधियां और नियम तू ने अपने दास मूसा को दिए थे, उनको हम ने नहीं माना।
1:8b.NEH.001.008 उस वचन की सुधि ले, जो तू ने अपने दास मूसा से कहा था, कि यदि तुम लोग विश्वासघात करो, तो मैं तुम को देश देश के लोगों में तितर बितर करूंगा।
1:9b.NEH.001.009 परन्तु यदि तुम मेरी ओर फिरो, और मेरी आज्ञाएं मानो, और उन पर चलो, तो चाहे तुम में से निकाले हुए लोग आकाश की छोर में भी हों, तौभी मैं उनको वहां से इकट्ठा करके उस स्थान में पहुंचाऊंगा, जिसे मैं ने अपने नाम के निवास के लिये चुन लिया है।
1:10b.NEH.001.010 अब वे तेरे दास और तेरी प्रजा के लोग हैं जिनको तू ने अपनी बड़ी सामर्थ और बलवन्त हाथ के द्वारा छुड़ा लिया है।
1:11b.NEH.001.011 हे प्रभु बिनती यह है, कि तू अपने दास की प्रार्थना पर, और अपने उन दासों की प्रार्थना पर, जो तेरे नाम का भय मानना चाहते हैं, कान लगा, और आज अपने दास का काम सुफल कर, और उस पुरूष को उस पर दयालु कर। (मैं तो राजा का पियाऊ था।)
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2:1b.NEH.002.001 अर्तक्षत्रा राजा के बीसवें वर्ष के नीसान नाम महीने में, जब उसके साम्हने दाखमधु था, तब मैं ने दाखमधु उठाकर राजा को दिया। इस से पहिले मैं उसके साम्हने कभी उदास न हुआ था।
2:2b.NEH.002.002 तब राजा ने मुझ से पूछा, तू तो रेगी नहीं है, फिर तेरा मुंह क्यों उतरा है? यह तो मन ही की उदासी होगी।
2:3b.NEH.002.003 तब मैं अत्यन्त डर गया। और राजा से कहा, राजा सदा जीवित रहे ! जब वह नगर जिस में मेरे पुरखाओं की कबरें हैं, उजाड़ पड़ा है और उसके फाटक जले हुए हैं, तो मेरा मुंह क्यों न उतरे?
2:4b.NEH.002.004 राजा ने मुझ से पूछा, फिर तू क्या मांगता है? तब मैं ने स्वर्ग के परमेश्वर से प्रार्थना करके, राजा से कहा;
2:5b.NEH.002.005 यदि राजा को भाए, और तू अपने दास से प्रसन्न हो, तो मुझे यहूदा और मेरे पुरखाओं की कबरों के नगर को भेज, ताकि मैं उसे बनाऊं।
2:6b.NEH.002.006 तब राजा ने जिसके पास रानी भी बैठी थी, मुझ से पूछा, तू कितने दिन तक यात्रा में रहेगा? और कब लैटेगा? सो राजा मुझे भेजने को प्रसन्न हुआ; और मैं ने उसके लिये एक समय नियुक्त किया।
2:7b.NEH.002.007 फिर मैं ने राजा से कहा, यदि राजा को भाए, तो महानद के पार के अधिपतियों के लिये इस आशय की चिटि्ठयां मुझे दी जाएं कि जब तक मैं यहूदा को न महुंचूं, तब तक वे मुझे अपने अपने देश में से होकर जाने दें।
2:8b.NEH.002.008 और सरकारी जंगल के रखवाले आसाप के लिये भी इस आशय की चिट्ठी मुझे दी जाए ताकि वह मुझे भवन से लगे हुए राजगढ़ की कड़ियों के लिये, और शहरपनाह के, और उस घर के लिये, जिस में मैं जाकर रहूंगा, लकड़ी दे। मेरे परमेश्वर की कृपादृष्टि मुझ पर थी, इसलिये राजा ने यह बिनती ग्रहण किया।
2:9b.NEH.002.009 तब मैं ने महानद के पार के अधिपतियों के पास जाकर उन्हें राजा की चिटि्ठयां दीं। िााज ने मेरे संग सेनापति और सवार भी भेजे थे।
2:10b.NEH.002.010 यह सुनकर कि एक मनुष्य इस्राएलियों के कल्याण का उपाय करने को आया है, होरोनी सम्बल्लत और तोबियाह नाम कर्मचारी जो अम्मोनी था, उन दोनों को बहुत बुरा लगा।
2:11b.NEH.002.011 जब मैं यरूशलेम पहुंच गया, तब वहां तीन दिन रहा।
2:12b.NEH.002.012 तब मैं थोड़े पुरूषोें को लेकर रात को उठा; मैं ने किसी को नहीं बताया कि मेरे परमेश्वर ने यरूशलेम के हित के लिये मेरे मन में क्या उपजाया था। और अपनी सवारी के पशु को छोड़ कोई पशु मेरे संग न था।
2:13b.NEH.002.013 मैं रात को तराई के फाटक में होकर निकला और अजगर के सोते की ओर, और कूड़ाफाटक के पास गया, और यरूशलेम की टूटी पड़ी हुई शहरपनाह और जले फाटकों को देखा।
2:14b.NEH.002.014 तब मैं आगे बढ़कर सोते के फाटक और राजा के कुणड के पास गया; परन्तु मेरी सवारी के पशु के लिये आगे जाने को स्थान न था।
2:15b.NEH.002.015 तब मैं रात ही रात नाले से होकर शहरपनाह को देखता हुआ चढ़ गया; फिर घूमकर तीई के फाटक से भीतर आया, और इस प्रकार लौट आया।
2:16b.NEH.002.016 और हाकिम न जानते थे कि मैं कहां गया और क्या करता था; वरन मैं ने तब तक न तो यहूदियों को कुछ बताया था और न याजकों और न रईसों और न हाकिमों और न दूसरे काम करनेवालों को।
2:17b.NEH.002.017 तब मैं ने उन से कहा, तुम तो आप देखते हो कि हम कैसी दुर्दशा में हैं, कि यरूशलेम उजाड़ पड़ा है और उसके फाटक जले हुए हैं। तो आओ, हम यरूशलेम की शहरपनाह को बनाएं, कि भविष्य में हमारी नामधराई न रहे।
2:18b.NEH.002.018 फिर मैं ने उनको बतलाया, कि मेरे परमेश्वर की कृपादृष्टि मुझ पर कैसी हुई और राजा ने मुझ से क्या क्या बातें कही थीं। तब उन्हों ने कहा, आओ हम कमर बान्धकर बनाने लगें। और उन्हों ने इस भले काम को करने के लिये हियाव बान्ध लिया।
2:19b.NEH.002.019 यह सुनकर होरोनी सम्बल्लत और तोबियाह नाम कर्मचारी जो अम्मोनी था, और गेशेम नाम एक अरबी, हमेेें ठट्ठों में उड़ाने लगे; और हमें तुच्छ जानकर कहन लगे, यह तुम क्या काम करते हो।
2:20b.NEH.002.020 क्या तुम राजा के विरूद्ध बलवा करोगे? तब मैं ने उनको उत्तर देकर उन से कहा, स्वर्ग का परमेश्वर हमारा काम सुफल करेगा, इसलिये हम उसके दास कमर बान्धकर बनाएंगे; परन्तु यरूशलेम में तुम्हारा न तो कोई भाग, न हक्क, न स्मारक है।
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3:1b.NEH.003.001 तब एल्याशीब महायाजक ने अपने भाई याजकों समेत कमर बान्धकर भेड़फाटक को बनाया। उन्हों ने उसकी प्रतिष्ठा की, और उसके पल्लों को भी लगाया; और हम्मेआ नाम गुम्मट तक वरन हननेल के गुम्मट के पास तक उन्हों ने शहरपनाह की प्रतिष्ठा की।
3:2b.NEH.003.002 उस से आगे यरीहो के मनुष्यों ने बनाया। और इन से आगे इम्री के पुत्रा जक्कूर ने बनाया ।
3:3b.NEH.003.003 फिर मछलीफाटक को हस्सना के बेटों ने बनाया; उन्हों ने उसकी कड़ियां लगाई, और उसके पल्ले, ताले और बेंड़े लगाए।
3:4b.NEH.003.004 और उन से आगे मरेमोत ने जो हक्कोस का पोता और ऊरियाह का पुत्रा था, मरम्मत की। और इन से आगे मशुल्लाम ने जो मशेजबेल का पोता, और बरेक्याह का पुत्रा था, मरम्मत की। और इस से आगे बाना के पुत्रा सादोक ने मरम्मत की।
3:5b.NEH.003.005 और इन से आगे तकोइयों ने मरम्मत की; परन्तु उनके रईसों ने अपने प्रभु की सेवा का जूआ अपनी गर्दन पर न लिया।
3:6b.NEH.003.006 फिर पुराने फाटक की मरम्मत पासेह के पुत्रा योयादा और बसोदयाह के पुत्रा मशुल्लाम ने की; उन्हों ने उसकी कड़ियां लगाई, और उसके पल्ले, ताले और बेंड़े लगाए।
3:7b.NEH.003.007 और उन से आगे गिबोनी मलत्याह और मेरोनोती यादोन ने और गिबोन और मिस्पा के मनुष्यों ने महानद के पार के अधिपति के सिंहासन की ओर से मरम्मत की।
3:8b.NEH.003.008 उन से आगे हर्हयाह के पुत्रा उजीएल ने और और सुनारों ने मरम्मत की। और इस से आगे हनन्याह ने, जो गन्धियों के समाज का था, मरम्मत की; और उन्हों ने चौड़ी शहरपनाह तक यरूशलेम को दृढ़ किया।
3:9b.NEH.003.009 और उन से आगे हूर के पुत्रा रपायाह ने, जो यरूशलेम के आधे जिले का हाकिम था, मरम्मत की।
3:10b.NEH.003.010 और उन से आगे हरूमप के पुत्रा यदायाह ने अपने ही घर के साम्हने मरम्मत की; और इस से आगे हशब्नयाह के पुत्रा हत्तूश ने मरम्मत की।
3:11b.NEH.003.011 हारीम के पुत्रा मल्कियाह और पहत्तोआब के पुत्रा हश्शूब ने एक और भाग की, और भट्टों के गुम्मट की मरम्मत की।
3:12b.NEH.003.012 इस से आगे यरूशलेम के आधे जिले के हाकिम हल्लोहेश के पुत्रा शल्लूम ने अपनी बेटियों समेत मरम्मत की।
3:13b.NEH.003.013 तराई के फाटक की मरम्मत हानून और जानोह के निवासियों ने की; उन्हों ने उसको बनाया, और उसके ताले, बेंड़े और पल्ले लगाए, और हजार हाथ की शहरपनाह को भी अर्थात् कूड़ाफाटक तक बनाया।
3:14b.NEH.003.014 और कूड़ाफाटक की मरम्मत रेकाब के पुत्रा मल्कियाह ने की, जो बेथक्केरेम के जिले का हाकिम था; उसी ने उसको बनाया, और उसके ताले, बेंड़े और पल्ले लगाए।
3:15b.NEH.003.015 और सोताफाटक की मरम्मत कोल्होजे के पुत्रा शल्लूम ने की, जो मिस्पा के जिले का हाकिम था; उसी ने उसको बनाया और पाटा, और उसके ताले, बेंड़े और पल्ले लगाए; और उसी ने राजा की बारी के पास के शेलह नाम कुणड की शहरपनाह को भी दाऊदपुर से उतरनेवाली सीढ़ी तक बनाया।
3:16b.NEH.003.016 उसके बाद अज अजबूक के पुत्रा नहेमायाह ने जो बेतसूर के आधे जिले का हाकिम था, दाऊद के कब्रिस्तान के साम्हने तक और बनाए हुए पोखरे तक, वरन वीरों के घर तक भी मरम्मत की।
3:17b.NEH.003.017 इसके बाद बानी के पुत्रा रहूम ने कितने लेवियों समेत मरम्मत की। इस से आगे कीला के आधे जिले के हाकिम हशब्याह ने अपने जिले की ओर से मरम्मत की।
3:18b.NEH.003.018 उसके बाद उनके भाइयों समेत कीला के आधे जिले के हाकिम हेनादाद के पुत्रा बव्वै ने मरम्मत की।
3:19b.NEH.003.019 उस से आगे एक और भाग की मरम्मत जो शहरपनाह के मोड़ के पास शस्त्रों के घर की चढ़ाई के साम्हने है, येशु के पुत्रा एज़ेर ने की, जो मिस्पा का हाकिम था।
3:20b.NEH.003.020 फिर एक और भाग की अर्थात् उसी मोड़ से ले एल्याशीब महायाजक के घर के द्वार तक की मरम्मत जब्बै के पुत्रा बारूक ने तन मन से की।
3:21b.NEH.003.021 इसके बाद एक और भाग की अर्थात् एल्याशीब के घर के द्वार से ले उसी घर के सिरे तक की मरम्मत, मरेमोत ने की, जो हक्कोस का पोता और ऊरियाह का पुत्रा था।
3:22b.NEH.003.022 उसके बाद उन याजकों ने मरम्मत की जो तराई के मनुष्य थे।
3:23b.NEH.003.023 उनके बाद बिन्यामीन और हश्शूब ने अपने घर के साम्हने मरम्मत की; और इनके पीछे अजर्याह ने जो मासेयाह का पुत्रा और अनन्याह का पोता था अपने घर के पास मरम्मत की।
3:24b.NEH.003.024 तब एक और भाग की, अर्थात् अजर्याह के घर से लेकर शहरपनाह के मोड़ तक वरन उसके कोने तक की मरम्मत हेनादाद के पुत्रा बिन्नूई ने की।
3:25b.NEH.003.025 फिर उसी मोड़ के साम्हने जो ऊंचा गुम्मट राजभवन से बाहर निकला हुआ बन्दीगृह के आंगन के पास है, उसके साम्हने ऊजै के पुत्रा पालाल ने मरम्मत की। इसके बाद परोश के पुत्रा पदायाह ने मरम्मत की।
3:26b.NEH.003.026 नतीन लोग तो ओपेल में पूरब की ओर जलफाटक के साम्हने तक और बाहर निकले हुए गुम्मट तक रहते थे।
3:27b.NEH.003.027 पदायाह के बाद तकोइयों ने एक और भाग की मरम्मत की, जो बाहर तिकले हुए बड़े गुम्मट के साम्हने और ओबेल की शहरपनाह तक है।
3:28b.NEH.003.028 फिर घोड़ाफाटक के ऊपर याजकों ने अपने अपने घर के साम्हने मरम्मत की।
3:29b.NEH.003.029 इनके बाद इम्मेर के पुत्रा सादोक ने अपने घर के साम्हने मरम्मत की; और तब पूरवी फाटक के रखवाले शकन्याह के पुत्रा समयाह ने मरम्मत की।
3:30b.NEH.003.030 इसके बाद शेलेम्याह के पुत्रा हनन्याह और सालाप के छठवें पुत्रा हानून ने एक और भाग की मरम्मत की। तब बेरेक्याह के पुत्रा मशुल्लाम ने अपनी कोठरी के साम्हने मरम्मत की।
3:31b.NEH.003.031 उसके बाद मल्कियाह ने जो सुनार था नतिनों और व्यापारियों के स्थान तक ठहराए हुए स्थान के फाटक के साम्हने और कोने के कोठे तक मरम्मत की।
3:32b.NEH.003.032 और कोनेवाले कोठे से लेकर भेड़फाटक तक सुनारों और व्यापारियों ने मरम्मत की।
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4:1b.NEH.004.001 जब सम्बल्लत ने सुना कि यहूदी लोग शहरपनाह को बना रहे हैं, तब उस ने बुरा माना, और बहुत रिसियाकर यहूदियों को ठट्ठों में उड़ाने लगा।
4:2b.NEH.004.002 वह अपने भाइयों के और शोमरोन की सेना के साम्हने यों कहने लगा, वे निर्बल यहूदी क्या किया चाहते हैं? क्या वे वह काम अपने बल से करेंगे? क्या वे अपना स्थान दृढ़ करेंगे? क्या वे यज्ञ करेंगे? क्या वे आज ही सब काम निपटा डालेंगे? क्या वे मिट्टीके ढेरों में के जले हुए पत्थ्रों को फिर नये सिरे से बनाएंगे?
4:3b.NEH.004.003 उसके पास तो अम्मोनी तोबियाह था, और वह कहने लगा, जो कुछ वे बना रहे हैं, यदि कोई गीदड़ भी उस पर चढ़े, तो वह उनकी बनाई हुई पत्थर की शहरपनाह को तोड़ देगा।
4:4b.NEH.004.004 हे हमारे परमेश्वर सुन ले, कि हमारा अपमान हो रहा है; और उनका किया हुआ अपमान उन्हीं के सिर पर लौटा दे, और उन्हें बन्धुआई के देश में लुटवा दे।
4:5b.NEH.004.005 और उनका अधर्म तू न ढांप, और न उनका पाप तेरे सम्मुख से मिटाया जाए; क्योंकि उन्हों ने तुझे शहरपनाह बनानेवालों के साम्हने क्रोध दिलाया है।
4:6b.NEH.004.006 और हम लोगों ने शहरपनाह को बनाया; और सारी शहरपनाह आधी ऊंचाई तक जुड़ गई। क्योंकि लोगों का मन उस काम में नित लगा रहा।
4:7b.NEH.004.007 जब सम्बल्लत और तोबियाह और अरबियों, अम्मोनियों और अशदोदियों ने सुना, कि यरूशलेम की शहरपनाह की मरम्मत होती जाती है, और उस में के नाके बन्द होने लगे हैं, तब उन्हों ने बहुत ही बुरा माना;
4:8b.NEH.004.008 और सभों ने एक मन से गोष्ठी की, कि जाकर यरूशलेम से लड़ें, और उस में गड़बड़ी डालें।
4:9b.NEH.004.009 परन्तु हम लोगों ने अपने परमेश्वर से प्रार्थना की, और उनके डर के मारे उनके विरूद्ध दिन रात के पहरूए ठहरा दिए।
4:10b.NEH.004.010 और यहूदी कहने लगे, ढोनेवालों का बल घट गया, और मिट्टी बहुत पड़ी है, इसलिये शहरपनाह हम से नहीं बन सकती।
4:11b.NEH.004.011 और हमारे शत्रु कहने लगे, कि जब तक हम उनके बीच में न महुंचे, और उन्हें घात करके वह काम बन्द न करें, तब तक उनको न कुछ मालूम होगा, और न कुछ दिखाई पड़ेगा।
4:12b.NEH.004.012 फिर जो यहूदी उनके आस पास रहते थे, उन्हों ने सब स्थानों से दस बार आ आकर, हम लोगों से कहा, तुम को हमारे पास लौट आना चाहिये।
4:13b.NEH.004.013 इस कारण मैं ने लोगों को तलवारें, बर्छियां और धनुष देकर शहरपनाह के पीछे सब से नीचे के खुले स्थानों में घराने घराने के अनुसार बैठा दिया।
4:14b.NEH.004.014 तब मैं देखकर उठा, और रईसों और हाकिमों और और सब लोगों से कहा, उन से मत डरो; प्रभु जो महान और भययोग्य है, उसी को स्मरण करके, अपने भाइयों, बेटों, बेटियों, स्त्रियों और घरों के लिये युठ्ठ करना।
4:15b.NEH.004.015 जब हमारे शत्रुओं ने सुना, कि यह बात हम को मालूम हो गई है और परमेश्वर ने उनकी युक्ति निष्फल की है, तब हम सब के सब शहरपनाह के पास अपने अपने काम पर लौट गए।
4:16b.NEH.004.016 और उस दिन से मेरे आधे सेवक तो उस काम मे लगे रहे और आधे बर्छियों, तलवारों, धनुषों और झिलमों को धारण किए रहते थे; और यहूदा के सारे धराने के पीछे हाकिम रहा करते थे।
4:17b.NEH.004.017 शहरपनाह के बनानेवाले और बोझ के ढोनेवाले दोनों भार उठाते थे, अर्थत् एक हाथ से काम करते थे और दूसरे हाथ से हथियार पकड़े रहते थे।
4:18b.NEH.004.018 और राज अपनी अपनी जांघ पर तलवार लटकाए हुए बनाते थे। और नरसिंगे का फूंकनेवाला मेरे पास रहता था।
4:19b.NEH.004.019 इसलिये मैं ने रईसों, हाकिमों और सब लोगों से कहा, काम तो बड़ा और फैला हुआ है, और हम लोग शहरपनाह पर अलग अलग एक दूसरे से दूर रहते हैं।
4:20b.NEH.004.020 इसलिये जिधर से नरसिंगा तुम्हें सुनाई दे, उधर ही हमारे पास इकट्ठे हो जाना। हमारा परमेश्वर हमारी ओर से लड़ेगा।
4:21b.NEH.004.021 यों हम काम में लगे रहे, और उन में आधे, पौ फटने से तारों के निकलने तक बर्छियां लिये रहते थे।
4:22b.NEH.004.022 फिर उसी समय मैं ने लोगों से यह भी कहा, कि एक एक मनुष्य अपने दास समेत यरूशलेम के भीतर रात बिताया करे, कि वे रात को तो हमारी रखवाली करें, और दिन को काम में लगे रहें।
4:23b.NEH.004.023 और न तो मैं अपने कपड़े उतारता था, और न मेरे भाई, न मेरे सेवक, न वे पहरूए जो मेरे अनुचर थे, अपने कपड़े उतारते थे; सब कोई पानी के पास हथियार लिये हुए जागते थे।
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5:1b.NEH.005.001 तब लोग और उनकी स्त्रियों की ओर से उनके भाई यहूदियों के किरूठ्ठ बड़ी चिल्लाहट मची।
5:2b.NEH.005.002 कितने तो कहते थे, हम अपने बेटे- बेटियों समेत बहुत प्राणी हैं, इसलिये हमें अन्न मिलना चाहिये कि उसे खाकर जीवित रहें।
5:3b.NEH.005.003 और कितने कहते थे, कि हम अपने अपने खेतों, दाख की बारियों और घरों को महंगी के कारण बन्धक रखते हैं, कि हमें अन्न मिले।
5:4b.NEH.005.004 फिर कितने यह कहते थे, कि हम ने राजा के कर के लिये अपने अपने खेतों और दाख की बारियों पर रूपया उधार लिया।
5:5b.NEH.005.005 परन्तु हमारा और हमारे भाइयों का शरीर और हमारे और उनके लड़केबाले एक ही समान हैं, तौभी हम अपने बेटे- बेटियों को दास बनाते हैं; वरन हमारी कोई कोई बेटी दासी भी हो चुकी हैं; और हमारा कुछ बस नहीं जलता, क्योंकि हमारे खेत और दाख की बारियां औरों के हाथ पड़ी हैं।
5:6b.NEH.005.006 यह चिल्लाहट ओर ये बातें सुनकर मैं बहुत क्रोधित हुआ।
5:7b.NEH.005.007 तब अपने मन में सोच विचार करके मैं ने रईसों और हाकिमों को घुड़ककर कहा, तुम अपने अपने भाई से ब्याज लेते हो। तब मैं ने उनके विरूद्ध एक बड़ी सभा की।
5:8b.NEH.005.008 और मैं ने उन से कहा, हम लोगों ने तो अपनी शक्ति भर अपने यहूदी भाइयों को जो अन्यजातियों के हाथ बिक गए थे, दाम देकर छुड़ाया है, फिर क्या तुम अपने भाइयों को बेचोगे? क्या वे हमारे हाथ बिकेंगे? तब वे चुप रहे और कुछ न कह सके।
5:9b.NEH.005.009 फिर मैं कहता गया, जो काम तुम करते हो वह अच्छा नहीं है; क्या तुम को इस कारण हमारे परमेश्वर का भय मानकर चलना न चाहिये कि हमारे शत्रु जो अन्यजाति हैं, वे हमारी नामधराई न करें?
5:10b.NEH.005.010 मैं भी और मेरे भाई और सेवक उनको रूपया और अनाज उधार देते हैं, परन्तु हम इसका ब्याज छोड़ दें।
5:11b.NEH.005.011 आज ही अनको उनके खेत, और दाख, और जलपाई की बारियां, और घर फेर दो; और जो रूपया, अन्न, नया दाखमधु, और टटका तेल तुम उन से ले लेते हो, उसका सौवां भाग फेर दो?
5:12b.NEH.005.012 अन्हों ने कहा, हम उन्हें फेर देंगे, और उन से कुछ न लेंगे; जैसा तू कहता है, वैसा ही हम करेंगे। तब मैं ने याजकों को बुलाकर उन लोगों को यह शपथ खिलाई, कि वे इसी वचन के अनुसार करेंगे।
5:13b.NEH.005.013 फिर मैं ने अपने कपड़े की छोर झाड़कर कहा, इसी रीति से जो कोई इस वचन को पूरा न करे, उसको परमेश्वर झाड़कर, उसका घर और कमाई उस से छुड़ाए, और इसी रीति से वह झाड़ा जाए, और छूछा हो जाए। तब सारी सभा ने कहा, आमेन ! और यहोवा की स्तुति की। और लोगों ने इस वचन के अनुसार काम किया।
5:14b.NEH.005.014 फिर जब से मैं यहूदा देश में उनका अधिपति ठहराया गया, अर्थात् राजा अर्तक्षत्रा के बीसवें वर्ष से ले उसके बत्तीसवें वर्ष तक, अर्थात् बारह वर्ष तक मैं और मेरे भाई अधिपति के हक का भोजन खाते रहे।
5:15b.NEH.005.015 परन्तु पहिले अधिपति जो मुझ से आगे थे, वह प्रजा पर भार डालते थे, और उन से रोटी, और दाखमधु, और इस से अधिक चालीस शेकेल चान्दी लेते थे, वरन उनके सेवक भी प्रजा के ऊपर अधिकार जताते थे; परन्तु मैं ऐसा नहीं करता था, क्योंकि मैं यहोवा का भय मानता था।
5:16b.NEH.005.016 फिर मैं शहरपनाह के काम में लिपटा रहा, और हम लोगों ने कुछ भूमि मोल न ली; और मेरे सब सेवक काम करने के लिये वहां इकट्ठे रहते थे।
5:17b.NEH.005.017 फिर मेरी मेज पर खानेवाले एक सौ पचास यहूदी और हाकिम और वे भी थे, जो चारों ओर की अन्यजातियों में से हमारे पास आए थे।
5:18b.NEH.005.018 और जो प्रतिदिन के लिये तैयार किया जाता था वह एक बैल, छे अच्छी अच्छी भेड़ें व बकरियां थीं, और मेरे लिये चिड़ियें भी तैयार की जाती थीं; दस दस दिन के बाद भांति भांति का बहुत दाखमधु भी तैयार किया जाता था; परन्तु तौभी मैं ने अधिपति के हक का भोज नहीं लिया,
5:19b.NEH.005.019 क्योंकि काम का भार प्रजा पर भारी था। हे मेरे परमेश्वर ! जो कुछ मैं ने इस प्रजा के लिये किया है, उसे तू मेरे हित के लिये स्मरण रख।
6
6:1b.NEH.006.001 जब सम्बल्लत, तोबियाह और अरबी गेशेम और हमारे और शत्रुओं को यह समाचार मिला, कि मैं शहरपनाह को बनवा चुका; और यद्यपि उस समय तक भी मैं फाटकों में पल्ले न लगा चुका था, तौभी शहरपनाह में कोई दरार न रह गया था।
6:2b.NEH.006.002 तब सम्बल्लत और गेशेम ने मेरे पास यों कहला भेजा, कि आ, हम ओनो के मैदान के किसी गांव में एक दूसरे से भेंट करें। परन्तु वे मेरी हानि करने की इच्छा करते थे।
6:3b.NEH.006.003 परन्तु मैं ने उनके पास दूतों से कहला भेजा, कि मैं तो भारी काम में लगा हूँ, वहां नहीं जा सकता; मेरे इसे छोड़कर तुम्हारे पास जाने से वह काम क्यों बन्द रहे?
6:4b.NEH.006.004 फिर उन्हों ने चार बार मेरे पास वैसी ही बात कहला भेजी, और मैं ने उनको वैसा ही उत्तर दिया।
6:5b.NEH.006.005 तब पांचवी बार सम्बल्लत ने अपने सेवक को खुली हुई चिट्ठी देकर मेरे पास भेजा,
6:6b.NEH.006.006 जिस में यों लिखा था, कि जाति जाति के लोगों में यह कहा जाता है, और गेशेम भी यही बात कहता है, कि तुम्हारी और यहूदियों की मनसा बलवा करने की है, और इस कारण तू उस शहरपनाह को बनवाता है; और तू इन बातों के अनुसार उनका राजा बनना चाहता है।
6:7b.NEH.006.007 और तू ने यरूशलेम में नबी ठहराए हैं, जो यह कहकर तेरे विषय प्रचार करें, कि यहूदियों में एक राजा है। अब ऐसा ही समाचार राजा को दिया जाएगा। इसलिये अब आ, हम एक साथ सम्मति करें।
6:8b.NEH.006.008 तब मैं ने उसके पास कहला भेजा कि जैसा तू कहता है, वैसा तो कुछ भी नहीं हुआ, तू ये बातें अपने मन से गढ़ता है।
6:9b.NEH.006.009 वे सब लोग यह सोचकर हमें डराना चाहते थे, कि उनके हाथ ढीले पड़ें, और काम बन्द हो जाए। परन्तु अब हे परमेश्वर तू मुझे हियाव दे।
6:10b.NEH.006.010 और मैं शमायाह के घर में गया, जो दलायाह का पुत्रा और महेतबेल का पोता था, वह तो बन्द घर में था; उस ने कहा, आ, हम परमेश्वर के भवन अर्थात् मन्दिर के भीतर आपस में भेंट करें, और मन्दिर के द्वार बन्द करें; क्योंकि वे लोग तुझे घात करने आएंगे, रात ही को वे तुझे घात करने आएंगे।
6:11b.NEH.006.011 परन्तु मैं ने कहा, क्या मुझ ऐसा मनुष्य भागे? और तुझ ऐसा कौन है जो अपना प्राण बचाने को मन्दिर में घुसे? मैं नहीं जाने का।
6:12b.NEH.006.012 फिर मैं ने जान लिया कि वह परमेश्वर का भेजा नहीं है परन्तु उस ने हर बात ईश्वर का वचन कहकर मेरी हानि के लिये कही, क्योंकि तोबियाह और सम्बल्लत ने उसे रूपया दे रखा था।
6:13b.NEH.006.013 उन्हों ने उसे इस कारण रूपया दे रखा था कि मैं डर जाऊं, और वैसा ही काम करके पापी ठहरूं, और उनको अपवाद लगाने का अवसर मिले और वे मेरी नामधराई कर सकें।
6:14b.NEH.006.014 हे मेरे रपरमेश्वर ! तोबियाह, सम्बल्लत, और नोअद्याह, नबिया और और तितने नबी मुझे डराना चाहते थे, उन सब के ऐसे ऐसे कामों की सुधि रख।
6:15b.NEH.006.015 एलूल महीने के पचीसवें दिन को अर्थात् बावन दिन के भीतर शहरपनाह बन चुकी।
6:16b.NEH.006.016 जब हमारे सब शत्रुओं ने यह सुना, तब हमारे चारों ओर रहनेवाले सब अन्यजाति डर गए, और बहुत लज्जित हुए; क्योंकि उन्हों ने जान लिया कि यह काम हमारे परमेश्वर की ओर से हुआ।
6:17b.NEH.006.017 उन दिनों में भी यहूदी रईसों और तोबियाह के बीच चिट्ठ बहुत आया जाया करती थी।
6:18b.NEH.006.018 क्योंकि वह आरह के पुत्रा शकम्याह का दामाद था, और उसके पुत्रा यहोहानान ने बेरेक्याह के पुत्रा मशुल्लाम की बेटी की ब्याह लिया था; इस कारण बहुत से यहूदी उसका पक्ष करने की शपथ खाए हुए थे।
6:19b.NEH.006.019 और वे मेरे सुनते उसके भले कामों की चर्चा किया करते, और मेरी बातें भी उसको सुनाया करते थे। और तोबियाह मुझे डराने के लिये चिटि्ठयां भेजा करता था।
7
7:1b.NEH.007.001 जब शहरपनाह बन गई, और मैं ने उसके फाटक खड़े किए, और द्वारपाल, और गवैये, और लेवीय लोग ठहराये गए,
7:2b.NEH.007.002 तब मैं ने अपने भाई हनानी और राजगढ़ के हाकिम हनन्याह को यरूशलेम का अधिकारी ठहराया, क्योंकि यह सच्चा पुरूष और बहुतेरों से अधिक परमेश्वर का भय माननेवाला था।
7:3b.NEH.007.003 और मैं ने उन से कहा, जब तक घाम कड़ा न हो, तब तक यरूशलेम के फाटक न खोले जाएं और जब पहरूए पहरा देते रहें, तब ही फाटक बन्द किए जाएं और बेड़े लगाए जाएं। फिर यरूशलेम के निवासियों में से तू रखवाले ठहरा जो अपना अपना पहरा अपने अपने घर के साम्हने दिया करें।
7:4b.NEH.007.004 नगर तो लम्बा चौड़ा था, परन्तु उस में लोग थोड़े थे, और घर नहीं बने थे।
7:5b.NEH.007.005 तब मेरे परमेश्वर ने मेरे मन में यह उपजाया कि रईसों, हाकिमों और प्रजा के लोगों को इसलिये इकट्ठे करूं, कि वे अपनी अपनी वंशावली के अनुसार गिने जाएं। और मुझे पहिले पहिल यरूशलेम को आए हुओं का वंशावलीपत्रा मिला, और उस में मैं ने यों लिख हुआ पायो
7:6b.NEH.007.006 जिनको बाबेल का राजा, नबूकदनेस्सर बन्धुआ करके ले गया था, उन में से प्रान्त के जो लोग बन्धुआई से छूटकर, यरूशलेम और यहूदा के अपने अपने नगर को आए।
7:7b.NEH.007.007 वे जरूब्बाबेल, येशू, नहेमायाह, अजर्याह, राम्याह, नहमानी, मोर्दकै, बिलशान, मिस्पेरेत, विग्वै, नहूम और बाना के संग आए।
7:8b.NEH.007.008 इस्राएली प्रजा के लोगों की गिनती यह है : अर्थात् परोश की सन्तान दो हजार एक सौ बहत्तर,
7:9b.NEH.007.009 सपत्याह की सन्तान तीन सौ बहत्तर, आह की सन्तान छे सौ बावन।
7:10b.NEH.007.010 पहत्मोआब की सन्तान याने येशू और योआब की सन्तान,
7:11b.NEH.007.011 दो हजार आठ सौ अठारह।
7:12b.NEH.007.012 एलाम की सन्तान बारह सौ चौवन,
7:13b.NEH.007.013 जत्तू की सन्तान आठ सौ पैंतालीस।
7:14b.NEH.007.014 जवकै की सन्तान सात सौ साठ।
7:15b.NEH.007.015 बिन्नूई की सन्तान छेसौ अड़तालीस।
7:16b.NEH.007.016 बेबै की सन्तान छेसौ अट्ठाईस।
7:17b.NEH.007.017 अजगाद की सन्तान दो हजार तीन सौ बाईस।
7:18b.NEH.007.018 अदोनीकाम की सन्तान छेसौ सड़सठ।
7:19b.NEH.007.019 बिग्बै की सन्तान दो हजार सड़सठ।
7:20b.NEH.007.020 आदीन की सन्तान छेसौ पचपन।
7:21b.NEH.007.021 हिचकिरयाह की सन्तान आतेर के वंश में से अट्ठानवे।
7:22b.NEH.007.022 हाशम की सन्तान तीन सौ अट्ठाईस।
7:23b.NEH.007.023 बैसै की सन्तान तीन सौ चौबीस।
7:24b.NEH.007.024 हारीप की सन्तान एक सौ बारह।
7:25b.NEH.007.025 गिबोन के लोग पचानवे।
7:26b.NEH.007.026 बेतलेहेम और नतोपा के मनुष्य एक सौ अट्ठासी।
7:27b.NEH.007.027 अनातोत के मनुष्य एक सौ अट्ठाईस।
7:28b.NEH.007.028 बेेतजमावत के मनुष्य बयालीस।
7:29b.NEH.007.029 किर्यत्यारीम, कपीर, और बेरोत के मनुष्य सात सौ तैंतालीस।
7:30b.NEH.007.030 रामा और गेबा के मनुष्य छेसौ इक्कीस।
7:31b.NEH.007.031 मिकपास के मनुष्य एक सौ बाईस।
7:32b.NEH.007.032 बेतेल और ऐ के मनुष्य एक सौ तेईस।
7:33b.NEH.007.033 दूसरे नबो के मनुष्य बावन।
7:34b.NEH.007.034 दूसरे एलाम की सन्तान बारह सौ चौवन।
7:35b.NEH.007.035 हारीम की सन्तान तीन सौ बीस।
7:36b.NEH.007.036 यरीहो के लोग तीन सौ पैंतालीस।
7:37b.NEH.007.037 लोद हादीद और ओनों के लोग सात सौ इक्कीस।
7:38b.NEH.007.038 सना के लोग तीन हजार नौ सौ तीस।
7:39b.NEH.007.039 फिर याजक अर्थात् येशू के घराने में से यदायाह की सन्तान नौ सौ तिहत्तर।
7:40b.NEH.007.040 इम्मेर की सन्तान एक हजार बावन।
7:41b.NEH.007.041 पशहूर की सन्तान बारह सौ सैंतालीस।
7:42b.NEH.007.042 हारीम की सन्तान एक हजार सत्राह।
7:43b.NEH.007.043 फिर लेवीय ये थे अर्थात् होदवा के दंश में से कदमीएल की सन्तान येशू की सन्तान चौहत्तर।
7:44b.NEH.007.044 फिर गवैये ये थे अर्थात् आसाप की सन्तान एक सौ अड़तालीस।
7:45b.NEH.007.045 फिर द्वारपाल ये थे अर्थात् शल्लूम की सन्तान, आतेर की सन्तान, तल्मोन की सन्तान, अक्कूब की सन्तान, हतीता की सन्तान, और शोबै की सन्तान, जो सब मिलकर एक सौ अड़तीस हुए।
7:46b.NEH.007.046 फिर नतीन अर्थत् सीहा की सन्तान, हसूपा की सन्तान, तब्बाओत की सन्तान,
7:47b.NEH.007.047 केरोस की सन्तान, सीआ की सन्तान, पादोन की सन्तान,
7:48b.NEH.007.048 लबाना की सन्तान, हगावा की सन्तान, शल्मै की सन्तान।
7:49b.NEH.007.049 हानान की सन्तान, गि :ल की सन्तान, गहर की सन्तान,
7:50b.NEH.007.050 राया की सन्तान, रसीन की सन्तान, नकोदा की सन्तान,
7:51b.NEH.007.051 गज्जाम की सन्तान, उज्जा की सन्तान, पासेह की सन्तान,
7:52b.NEH.007.052 बेसै की सन्तान, मूनीम की सन्तान, नमूशस की सन्तान,
7:53b.NEH.007.053 बकबूक की सन्तान, हकूपा की सन्तान, हर्हूर की सन्तान,
7:54b.NEH.007.054 बसलीत की सन्तान, महीदा की सन्तान, हर्शा की सन्तान,
7:55b.NEH.007.055 बक स की सन्तान, सीसरा की सन्तान, तेमेह की सन्तान,
7:56b.NEH.007.056 नसीह की सन्तान, और हतीपा की सन्तान।
7:57b.NEH.007.057 फिर सुलैमान के दासों की सन्तान, अर्थात् सोतै की सन्तान, सोपेरेत की सन्तान, परीदा की सन्तान,
7:58b.NEH.007.058 याला की सन्तान, दक न की सन्तान, गि :ल की सन्तान,
7:59b.NEH.007.059 शपत्याह की सन्तान, हत्तील की सन्तान, पोकेरेत सवायीम की सन्तान, और आमोन की सन्तान।
7:60b.NEH.007.060 नतीन और सुलैमान के दासों की सन्तान मिलकर तीन सौ बानवे थे।
7:61b.NEH.007.061 और ये वे हैं, जो तेलमेलह, तेलहर्शा, करूब, अद्दॊन, और इम्मेर से यरूशलेम को गए, परन्तु अपने अपने पितरों के घराने और वंशावली न बता सके, कि इस्राएल के हैं, वा नहीं :
7:62b.NEH.007.062 अर्थात् दलायाह की सन्तान, तोबिरयाह की सन्तान, और दकोदा की सन्तान, जो सब मिलकर छे सौ बयालीस थे।
7:63b.NEH.007.063 और याजकों में से होबायाह की सन्तान, हक्कोस की सन्तान, और बर्जिल्लै की सन्तान, जिस ने गिलादी बर्जिल्लै की बेटियों में से एक को ब्याह लिया, और उन्हीं का नाम रख लिया था।
7:64b.NEH.007.064 इन्हों ने अपना अपना वंशावलीपत्रा और और वंशावलीपत्रों में दूंढ़ा, परन्तु न पाया, इसलिये वे अशुठ्ठ ठहरकर याजकपद से निकालेगए।
7:65b.NEH.007.065 और अधिपति ने उन से कहा, कि जब तक ऊरीम और तुम्मीम धारण करनेवाला कोई याजक न उठे, तब तक तुम कोई परमपवित्रा वस्तु खाने न पाओगे।
7:66b.NEH.007.066 पूरी मणडली के लोग मिलकर बयालीस हजार तीन सौ साठ ठहरे।
7:67b.NEH.007.067 इनको छोड़ उनके सात हजार तीन सौ सैंतीस दास- दासियां, और दो सौ पैंतालीस गानेवाले और गानेवालियां थीं।
7:68b.NEH.007.068 उनके घोड़े सात सौ छत्तीस, ख्च्चर दो सौ पैंतालीस,
7:69b.NEH.007.069 ऊंट चार सौ पैंतीस और गदहे छे हजार सात सौ बीस थे।
7:70b.NEH.007.070 और पितरों के घरानों के कई एक मुख्य पुरूषों ने काम के लिये दिया। अधिपति ने तो चन्दे में हजार दर्कमोन सोना, पचास कटोरे और पांच सौ तीस याजकों के अंगरखे दिए।
7:71b.NEH.007.071 और पितरों के घरानों के कई मुख्य मुख्य पुरूषों ने उस काम के चन्दे में बीस हजार दर्कमोन सोना और दो हजार दो सौ माने चान्दी दी।
7:72b.NEH.007.072 और शेष प्रजा ने जो दिया, वह बीस हजार दर्कमोन सोना, दो हजार माने चान्दी और सड़सठ याजकों के अंगरखे हुए।
7:73b.NEH.007.073 इस प्रकार याजक, लेवीय, द्वारपाल, गवैये, प्रजा के कुछ लोग और नतीन और सब इस्राएली अपने अपने नगर में बस गए।
8
8:1b.NEH.008.001 जब सातवां महीना निकट आया, उस समय सब इस्राएली अपने अपने नगर में थे। तब उन सब लोगों ने एक मन होकर, जलफाटक के साम्हने के चौक में इकट्ठे होकर, बज्रा शास्त्री से कहा, कि मूसा की जो व्यवस्था यहोवा ने इस्राएल को दी थी, उसकी पुस्तक ले आ।
8:2b.NEH.008.002 तब एज्रा याजक सातवें महीने के पहिले दिन को क्या स्त्री, क्या पुरूष, जितने सुनकर समझ सकते थे, उन सभों के साम्हने व्यवस्था को ले आया।
8:3b.NEH.008.003 और वह उसकी बातें भोर से दो पहर तक उस चौक के साम्हने जो जलफाटक के साम्हने था, क्या स्त्री, क्या पुरूष और सब समझने वालों को पढ़कर सुनाता रहा; और लोग व्यवस्था की पुस्तक पर कान लगाए रहे।
8:4b.NEH.008.004 एज्रा शास्त्री, काठ के एक मचान पर जो इसी काम के लिये बना था, ख्ड़ा हो गयां; और उसकी दाहिनी अलंग मत्तित्याह, शेमा, अनायाह, ऊरिरयाह, हिल्किरयाह और मासेयाह; और बाई अलंग, पदायाह, मीशाएल, मल्किरयाह, हाशूम, हश्बस्राना,जकर्याह और मशुल्लाम खड़े हुए।
8:5b.NEH.008.005 तब एज्रा ने जो सब लोगों से ऊंचे पर था, सभों के देखते उस पुस्तक को खोल दिया; और जब उस ने उसको खोला, तब सब लोग उठ खाड़े हुए।
8:6b.NEH.008.006 तब एज्रा ने महान परमेश्वर यहोवा को धन्य कहा; और सब लोगों ने अपने अपने हाथ उठाकर आमेन, आमेन, कहा; और सिर झुकाकर अपना अपना माथा भूमि पर टेक कर यहोवा को दणडवत किया।
8:7b.NEH.008.007 और येशू, बानी, शेरेब्याह, यामीन, अक्कूब, शब्बतै, होदिरयाह, मासेयाह, कलीता, अजर्याह, योजाबाद, हानान और पलायाह नाम लेवीय, लोगों को व्यवस्था समझाते गए, और लोग अपने अपने स्थान पर खड़े रहे।
8:8b.NEH.008.008 और उन्हों ने परमेश्वर की व्यवस्था की पुस्तक से पढ़कर अर्थ समझा दिया; और लोगों ने पाठ को समझ लिया।
8:9b.NEH.008.009 तब नहेमायाह जो अधिपति था, और एज्रा जो याजक और शास्त्री था, और जो लेवीय लोगों को समझा रहे थे, उन्हों ने सब लोगों से कहा, आज का दिन तुम्हारे परमेश्वर यहोवा के लिये पवित्रा है; इसलिये विलाप न करो और न रोओ। क्योंकि सब लोग व्यवस्था के वचन सुनकर रोते रहे।
8:10b.NEH.008.010 फिर उस ने उन से कहा, कि जाकर चिकना चिकना भोजन करो और मीठा मीठा रस पियो, और जिनके लिये कुछ तैयार नहीं हुआ उनके पास बैना भेजो; क्योंकि आज का दिन हमारे प्रभु के लिये पवित्रा है; और उदास मत रहो, क्योंकि यहोवा का आनन्द तुम्हारा दृढ़ गढ़ है।
8:11b.NEH.008.011 यों लेवियों ने सब लोगों को यह कहकर चुप करा दिया, कि चुप रहो क्योंकि आज का दिन पवित्रा है; और उदास मत रहो।
8:12b.NEH.008.012 तब सब लोग खाने, पीने, बैना भेजने और बड़ा आनन्द मनाने को चले गए, क्योंकि जो वचन उनको समझाए गए थे, उन्हें वे समझ गए थे।
8:13b.NEH.008.013 और दूसरे दिन को भी समस्त प्रजा के पितरों के घराने के मुख्य मुख्य पुरूष और याजक और लेवीय लोग, एज्रा शास्त्री के पास व्यवस्था के वचन ध्यान से सुनने के लिये इकट्टे हुए।
8:14b.NEH.008.014 और उन्हें व्यवस्था में यह लिखा हुआ मिला, कि यहोवा ने मूसा से यह आज्ञा दिलाई थी, कि इस्राएली सातवें महीने के पर्व के समय झोपड़ियों में रहा करें,
8:15b.NEH.008.015 और अपने सब नगरों और यरूशलेम में यह सुनाया और प्रचार किया जाए, कि पहाड़ पर जाकर जलपाई, तैलवृक्ष, मेंहदी, खजूर और घने घने वृक्षों की डालियां ले आकर झोपड़ियां बनाओे, जैसे कि लिखा है।
8:16b.NEH.008.016 सो सब लोग बाहर जाकर डालियां ले आए, और अपने अपने घर की छत पर, और अपने आंगनों में, और परमेश्वर के भवन के आंगनों में, और जलफाटक के चौक में, और एप्रैम के फाटक के चौक में, झोंपड़ियां बना लीं।
8:17b.NEH.008.017 वरन सब मणडली के लोग जितने बन्धुआई से छूटकर लौट आए थे, झोंपड़ियां बना कर उन में टिके। नून के पुत्रा यहोशू के दिनों से लेकर उस दिन तक इस्राएलियों ने ऐसा नहीं किया था। और उस समय बहुत बड़ा आनन्द हुआ।
8:18b.NEH.008.018 फिर पहीले दिन से पिछले दिन तक एज्रा ने प्रतिदिन परमेश्वर की व्यवस्था की पुस्तक में से पढ़ पढ़कर सुनाया। यों वे सात दिन तक पर्व को मानते रहे, और साठवें दिन नियम के अनुसार महासभा हुई।
9
9:1b.NEH.009.001 फिर उसी महीने के चौबीसवें दिन को इस्राएली उपवास का टाट पहिने और सिर पर धूल डाले हुए, इकट्ठे हो गए।
9:2b.NEH.009.002 तब इस्राएल के वंश के लोग सब अन्यजाति लोगों से अलग हो गए, और खड़े होकर, अपने अपने पापों और अपने पुरखाओं के अधर्म के कामों को मान लिया।
9:3b.NEH.009.003 तब उन्हों ने अपने अपने स्थान पर खड़े होकर दिन के एक पहर तक अपने परमेश्वर यहोवा की व्यवस्था की पुस्तक पढ़ते, और एक और पहर अपने पापों को मानते, और अपने परमेश्वर यहोवा को दणडवत करते रहे।
9:4b.NEH.009.004 और येशू, बानी, कदमीएल, शबन्याह, बुन्नी, शेरेब्याह, बानी और कनानी ने लेवियों की सीढ़ी पर खड़े होकर ऊंचे स्वर से अपने परमेश्वर यहोवा की दोहाई दी।
9:5b.NEH.009.005 फिर येशू, कदमीएल, बानी, हशब्नयाह, शेरेब्याह, होदिरयाह, शबन्याह, और पतह्माह नाम लेवियों ने कहा, खड़े हो; अपने परमेश्वर यहोवा को अनादिकाल से अनन्तकाल तक धन्य कहो। तेरा महिमायुक्त नाम धन्य कहा जाए, जो सब धन्यवाद और स्तुति से परे है।
9:6b.NEH.009.006 तू ही अकेला यहोवा है; स्वर्ग वरन सब से ऊंचे स्वर्ग और उसके सब गण, और पृथ्वी और जो कुछ उस में है, और समुद्र और जो कुछ उस में है, सभों को तू ही ने बनाया, और सभों की रक्षा तू ही करता है; और स्वर्ग की समस्त सेना तुझी को दणडवत करती हैं।
9:7b.NEH.009.007 हे यहोवा ! तू वही परमेश्वर है, जो अब्राहाम को चुनकर कसदियों के ऊर नगर में से निकाल लाया, और उसका नाम इब्राहीम रखा;
9:8b.NEH.009.008 और उसके मन को अपने साथ सच्चा पाकर, उस से वाचा बान्धी, कि मैं तेरे वंश को कनानियों, हित्तियों, एमोरियों, परिज्जियों, यबूसियों, और गिर्गाशियों का देश दूंगा; और तू ने अपना वह वचन पूरा भी किया, क्योंकि तू धम है।
9:9b.NEH.009.009 फिर तू ने मिस्र में हमारे पुरखाओं के दु:ख पर दृष्टि की; और लाल समुद्र के तट पर उनकी दोहाई सुनी।
9:10b.NEH.009.010 और फ़िरौन और उसके सब कर्मचारी वरन उसके देश के सब लोगों को दणड देने के लिये चिन्ह और चमत्कार दिखाए; क्योंकि तू जानता था कि वे उन से अभिमान करते हैं; और तू ने अपना ऐसा बड़ा नाम किया, जैसा आज तक वर्तमान है।
9:11b.NEH.009.011 और तू ने उनके आगे समुद्र को ऐसा दो भाग किया, कि वे समुद्र के बीच स्थल ही स्थल चलकर पार हो गए; और जो उनके पीछे पड़े थे, उनको तू ने गहिरे स्थानों में ऐसा डाल दिया, जैसा पत्थ्र महाजलराशि में डाला जाए।
9:12b.NEH.009.012 फिर तू ने दिन को बादल के खम्भे में होकर और रात को आग के खम्भे में होकर उनकी अगुआई की, कि जिस मार्ग पर उन्हें चलना था, उस में उनको उजियाला मिले।
9:13b.NEH.009.013 फिर तू ने सीनै पर्वत पर उतरकर आकाश में से उनके साथ बातें की, और उनको सीधे नियम, सच्ची व्यवस्था, और अच्छी विधियां, और आज्ञाएं दीं।
9:14b.NEH.009.014 और उन्हें अपने पवित्रा विश्राम दिन का ज्ञान दिया, और अपने दास मूसा के द्वारा आज्ञाएं और विधियां और व्यवस्था दीं।
9:15b.NEH.009.015 और उनकी भूख मिटाने को आकाश से उन्हें भोजन दिया और उनकी प्यास बुझाने को चट्टान में से उनके लिये पानी निकाला, और उन्हें आज्ञा दी कि जिस देश को तुम्हें देने की मैं ने शपथ खाई है उसके अधिकारी होने को तुम उस में जाओ।
9:16b.NEH.009.016 परन्तु उन्हों ने और हमारे पुरखाओं ने अभिमान किया, और हठीले बने और तेरी आज्ञाएं न मानी;
9:17b.NEH.009.017 और आज्ञा मनने से इनकार किया, और जो आश्चर्यकर्म तू ने उनके बीच किए थे, उनका स्मरण न किया, वरन हठ करके यहां तक बलवा करनेवाले बने, कि एक प्रधान ठहराया, कि अपने दासत्व की दशा में लौटे। परन्तु तू क्षमा करनेवाला अनुग्रहकारी और दयालु, विलम्ब से कोप करनेवाला, और अतिकरूणामय ईश्वर है, तू ने उनको न त्यागा।
9:18b.NEH.009.018 वरन जब दन्हों ने बछड़ा ढालकर कहा, कि तुम्हारा परमेश्वर जो तुम्हें मिस्र देश से छुड़ा लाया है, वह यही है, और तेरा बहुत तिरस्कार किया,
9:19b.NEH.009.019 तब भी तू जो अति दयालु है, उनको जंगल में न त्यागा; न तो दिन को अगुआई करनेवाला बादल का खम्भा उन पर से हटा, और न रात को उजियाला देनेवाला और उनका मार्ग दिखानेवाला आग का खम्भा।
9:20b.NEH.009.020 वरन तू ने उन्हें समझाने के लिये अपने आत्मा को जो भला है दिया, और अपना मान्ना उन्हें खिलाना न छोड़ा, और उनकी प्यास बुझाने को पानी देता रहा।
9:21b.NEH.009.021 चालीस वर्ष तक तू जंगल में उनका ऐसा पालन पोषण करता रहा, कि उनको कुछ घटी न हुई; न तो उनके वस्त्रा पुराने हुए और न उनके पांव में सूजन हुई।
9:22b.NEH.009.022 फिर तू ने राज्य राज्य और देश देश के लोगों को उनके वश में कर दिया, और दिशा दिशा में उनको बांट दिया; यों वे हेशबोन के राजा सीहोन और बाशान के राजा ओग दोनों के देशों के अधिकारी हो गए।
9:23b.NEH.009.023 फिर तू ने उनकी सन्तान को आकाश के तारों के समान बढ़ाकर उन्हें उस देश में पहुंचा दिया, जिसके विषय तू ने उनके पूर्वजों से कहा था; कि वे उस में जाकर उसके अधिकारी हो जाएंगे।
9:24b.NEH.009.024 सो यह सन्तान जाकर उसकी अधिकारिन हो गई, और तू ने उनके द्वारा देश के निवासी कनानियों को दबाया, और राजाओं और देश के लोगों समेत उनको, उनके हाथ में कर दिया, कि वे उन से जो चाहें सो करें।
9:25b.NEH.009.025 और उन्हों ने गढ़वाले नगर और उपजाऊ भूमि ले ली, और सब भांति की अच्छी वस्तुओं से भरे हुए घरों के, और खुदे हुए हौदों के, और दाख और जलपाई बारियों के, और खाने के फलवाले बहुत से वृक्षों के अधिकारी हो गए; वे उसे खा खाकर तृप्त हुए, और हृष्ट- पुष्ट हो गए, और तेरी बड़ी भलाई के कारण सुख भोगते रहे।
9:26b.NEH.009.026 परन्तु वे तुझ से फिरकर बलवा करनेवाले बन गए और तेरी व्यवस्था को त्याग दिया, और तेरे जो नबी तेरी ओर उन्हें फेरने के लिये उनको चिताते रहे उनको उन्हों ने घात किया, और तेरा बहुत तिरस्कार किया।
9:27b.NEH.009.027 इस कारण तू ने उनको उनके शत्रुओं के हाथ में कर दिया, और उन्हों ने उनको संकट में डाल दिया; तौभी जब जब वे संकट में पड़कर तेरी दोहाई देते रहे तब तब तू स्वर्ग से उनकी सुनता रहा; और तू जो अतिदयालु है, इसलिये उनके छुड़ानेवाले को भेजता रहा जो उनको शत्रुओं के हाथ से छुड़ाते थे।
9:28b.NEH.009.028 परन्तु जब जब उनको चैन मिला, तब तब वे फिर तेरे साम्हने बुराई करते थे, इस कारण तू उनको शत्रुओं के हाथ में कर देता था, और वे उन पर प्रभुता करते थे; तौभी जब वे फिरकर तेरी दोहाई देते, तब तू स्वर्ग से उनकी सुनता और तू जो दयालु है, इसलिये बार बार उनको छुड़ाता,
9:29b.NEH.009.029 और उनको जिताता था कि उनको फिर अपनी व्यवस्था के अधीन कर दे। परन्तु वे अभिमान करते रहे और तेरी आज्ञाएं नहीं मानते थे, और तेरे नियम, जिनको यदि मनुष्य माने, तो उनके कारण जीवित रहे, उनके विरूद्ध पाप करते, और हठ करके अपना कन्धा हटाते और न सुनते थे।
9:30b.NEH.009.030 तू तो बहुत वर्ष तक उनकी सहता रहा, और अपने आत्मा से नबियों के द्वारा उन्हें चिताता रहा, परन्तु वे कान नहीं लगाते थे, इसलिये तू ने उन्हें देश देश के लोगों के हाथ में कर दिया।
9:31b.NEH.009.031 तौभी तू ने जो अतिदयालु है, उनका अन्त नहीं कर डाला और न उनको त्याग दिया, क्योंकि तू अनुग्रहकारी और दयालु ईश्वर है।
9:32b.NEH.009.032 अब तो हे हमारे परमेश्वर ! हे महान पराक्रमी और भययोग्य ईश्वर ! जो अपनी वाचा पालता और करूणा करता रहा है, जो बड़ा कष्ट, अश्शूर के राजाओं के दिनों से ले आज के दिन तक हमें और हमारे राजाओं, हाकिमों, याजकों, नबियों, पुरखाओं, वरन तेरी समस्त प्रजा को भोगना पड़ा है, वह तेरी दृष्टि में थोड़ा न ठहरे।
9:33b.NEH.009.033 तौभी जो कुछ हम पर बीता है उसके विष्य तू तो धम है; तू ने तो सच्चाई से काम किया है, परन्तु हम ने दुष्टता की है।
9:34b.NEH.009.034 और हमारे राजाओं और हाकिमों, याजकों और पुरखाओं ने, न तो तेरी व्यवस्था को माना है और न तेरी आज्ञाओं और चितौनियों की ओर ध्यान दिया है जिन से तू ने उनको चिताया था।
9:35b.NEH.009.035 उन्हों ने अपने राज्य में, और उस बड़े कल्याण के समय जो तू ने उन्हें दिया था, और इस लम्बे चौड़े और उपजाऊ देश में तेरी सेवा नहीं की; और न अपने बुरे कामों से पश्चाताप किया।
9:36b.NEH.009.036 देख, हम आज कल दास हैं; जो देश तू ने हमारे पितरों को दिया था कि उसकी उत्तम उपज खाएं, इसी में हम दास हैं।
9:37b.NEH.009.037 इसकी उपज से उन राजाओं को जिन्हें तू ने हमारे पापों के कारण हमारे ऊपर ठहराया है, बहुत धन मिलता है; और वे हमारे शरीरों और हमारे पशुओं पर अपनी अपनी इच्छा के अनुसार प्रभुता जताते हैं, इसलिये हम बड़े संकट में पड़े हैं।
9:38b.NEH.009.038 इस सब के कारण, हम सच्चई के साथ वाचा बान्धते, और लिख भी देते हैं, और हमारे हाकिम, लेवीय और याजक उस पर छाप लगाते हैं।
10
10:1b.NEH.010.001 जिन्हों ने छाप लगाई वे ये हैं, अर्थात् हकल्याह का पुत्रा नहेमायाह जो अधिपति था, और सिदकिरयाह;
10:2b.NEH.010.002 मरायाह, अजर्याह, यिर्मयाह;
10:3b.NEH.010.003 पशहूर, अमर्याह, मल्किरयाह;
10:4b.NEH.010.004 हतूश, शबन्याह, मल्लूक;
10:5b.NEH.010.005 हारीम, मरेयोत, ओबद्याह;
10:6b.NEH.010.006 दानिरयेल, गिन्नतोन, बारूक;
10:7b.NEH.010.007 मशुल्लाम, अबिरयाह, मिरयामीन;
10:8b.NEH.010.008 माज्याह, बिलगै और शमायाह; ये ही तो याजक थे।
10:9b.NEH.010.009 और लेवी ये थे : आजन्याह का पुत्रा येशू, हेनादाद की सन्तान में से बिन्नई और कदमीएल;
10:10b.NEH.010.010 और उनके भाई शबन्याह, होदिरयाह, कलीता, पलायाह, हानान;
10:11b.NEH.010.011 मीका, रहोब, हशब्याह;
10:12b.NEH.010.012 जक्कूर, शेरेब्याह, शबन्याह।
10:13b.NEH.010.013 होदिरयाह, बानी और बनीन;
10:14b.NEH.010.014 फिर प्रजा के प्रधान ये थे : परोश, पहत्मोआब, एलाम, जत्तू, बानी;
10:15b.NEH.010.015 बुनी, अजगाद, बेबै;
10:16b.NEH.010.016 अदोनिरयाह, बिग्वै, आदीन;
10:17b.NEH.010.017 आतेर, हिजकिरयाह, मज्जूर;
10:18b.NEH.010.018 होदिरयाह, हाशूम, बेसै;
10:19b.NEH.010.019 हारीफ, अनातोत, नोबै;
10:20b.NEH.010.020 मग्पीआश, मशुल्लाम, हेजीर;
10:21b.NEH.010.021 मशेजबेल, सादोक, य ू;
10:22b.NEH.010.022 पलत्याह, हानान, अनायाह;
10:23b.NEH.010.023 होशे, हनन्याह, हश्शूब;
10:24b.NEH.010.024 हल्लोहेश, पिल्हा, शोबेक;
10:25b.NEH.010.025 रहूम, हशब्ना, माशेयाह;
10:26b.NEH.010.026 अहिरयाह, हानान, आनान;
10:27b.NEH.010.027 मल्लूक, हारीम और बाना।
10:28b.NEH.010.028 शेष लोग अर्थात् याजक, लेवीय, द्वारपाल, गवैये और नतीन लोग, निदान जितने परमेश्वर की व्यवस्था मानने के लिये देश देश के लोगों से अलग हुए थे, उन सभें ने अपनी स्त्रियों और उन बेटें- बेटियों समेत जो समझनेवाले थे,
10:29b.NEH.010.029 अपने भाई रईसों से मिलकर शपथ खाई, कि हम परमेश्वर की उस व्यवस्था पर चलेंगे जो उसके दास मूसा के द्वारा दी गई है, और अपने प्रभु यहोवा की सब आज्ञाएं, नियम और विधियां मानने में चौकसी करेंगे।
10:30b.NEH.010.030 और हम न तो अपनी बेटियां इस देश के लोगों को ब्याह देंगे, और न अपने बेटों के लिये उनकी बेटियां ब्याह लेंगे।
10:31b.NEH.010.031 और जब इस देश के लोग विश्रामदिन को अन्न वा और बिकाऊ वस्तुएं बेचने को ले आयेंगे तब हम उन से न तो विश्रामदिन को न किसी पवित्रा दिन को कुछ लेंगे; और सातवें वर्ष में भूमि पड़ी रहने देंगे, और अपने अपनेणि की वसूली छोड़ देंगे।
10:32b.NEH.010.032 फिर हम लोगों ने ऐसा नियम बान्ध लिया जिस से हम को अपने परमेश्वर के भवन की उपासना के लिये एक एक तिहाई शेकेल देना पड़ेगो
10:33b.NEH.010.033 अर्थात् भेंट की रोटी और नित्य अन्नबलि और नित्य होमबलि के लिये, और विश्रामदिनों और नये चान्द और नियत पब्ब के बलिदानों और और पवित्रा भेंटों और इस्राएल के प्रायश्चित्त के निमित्त पाप बलियों के लिये, निदान अपने परमेश्वर के भवन के सारे काम के लिये।
10:34b.NEH.010.034 फिर क्या याजक, क्या लेवीय, क्या साधारण लोग, हम सभों ने इस बात के ठहराने के लिये चिटि्ठयां डालीं, कि अपने पितरों के घरानों के अनुसार प्रति वर्ष में ठहराए हुए समयों पर लकड़ी की भेंट व्यवस्था में लिखी हुई बात के अनुसार हम अपने परमेश्वर यहोवा की वेदी पर जलाने के लिये अपने परमेश्वर के भवन में लाया करेंगे।
10:35b.NEH.010.035 और अपनी अपनी भूमि की पहिली उपज और सब भांति के वृक्षों के पहिले फल प्रति वर्ष यहोवा के भवन में ले आएंगे।
10:36b.NEH.010.036 और व्यवस्था में लिखी हुई बात के अनुसार, अपने अपने पहिलौठे बेटों और पशुओं, अर्थात् पहिलौठे बछड़ों और मेम्नों को अपने परमेश्वर के भवन में उन याजकों के पास लाया करेंगे, जो हमारे परमेश्वर के भवन में सेवा टहल करते हैं।
10:37b.NEH.010.037 और अपना पहिला गूंधा हुआ आटा, और उठाई हुई भेंटे, और सब प्रकार के वृक्षों के फल, और नया दाखमधु, और टटका तेल, अपने परमेश्वर के भवन की कोठरियों में याजकों के पास, और अपनी अपनी भूमि की उपज का दशमांश लेवियों के पास लाया करेंगे; क्योंकि वे लेवीय हैं, जो हमारी खेती के सब नगरों में दशमांश लेते हैं।
10:38b.NEH.010.038 और जब जब लेवीय दशमांश लें, तब तब उनके संग हारून की सन्तान का कोई याजक रहा करे; और लेवीय दशमांशों का दशमांश हमारे परमेश्वर के भवन की कोठरियों में अर्थात् भणडार में पहुंचाया करेंगे।
10:39b.NEH.010.039 क्योंकि जिन कोठरियों में पवित्रा स्थान के पात्रा और सेवा टहल करनेवाले याजक और द्वारपाल और गवैये रहते हैं, उन में इस्राएली और लेवीय, अनाज, नये दाखपधु, और टटके तेल की उठाई हुई भेंटे पहुंचाएंगे। निदान हम अपने परमेश्वर के भवन को न छोड़ेंगे।
11
11:1b.NEH.011.001 प्रजा के हाकिम तो यरूशलेम में रहते थे, और शेष लोगों ने यह ठहराने के लिये चिटि्ठयां डालीं, कि दस में से एक मनुष्य यरूशलेम में, जो पवित्रा नगर है, बस जाएं; और नौ मनुष्य और और नगरों में बसें।
11:2b.NEH.011.002 और जिन्हों ने अपनी ही इच्छा से यरूशलेम में वास करना चाहा उन सभों को लोगों ने आशिर्वाद दिया।
11:3b.NEH.011.003 उस प्रान्त के मुख्य मुख्य पुरूष जो यरूशलेम में रहते थे, वे ये हैं; (परन्तु यहूदा के नगरों में एक एक मनुष्य अपनी निज भूमि में रहता था; अर्थात् इस्राएली, याजक, लेवीय, नतीन और सुलैमान के दासों के सन्तान )
11:4b.NEH.011.004 यरूशलेम में तो कुछ यहूदी और बिन्यामीनी रहते थे। यहूदियों में से तो येरेस के वंश का अतायाह जो अज्जिरयाह का पुत्रा था, यह जकर्याह का पुत्रा, यह अमर्याह का पुत्रा, यह शपत्याह का पुत्रा, यह महललेल का पुत्रा था।
11:5b.NEH.011.005 और मासेयाह जो बारूक का पुत्रा था, यह कोलहोजे का पुत्रा, यह हजायाह का पुत्रा, यह अदायाह का पुत्रा, यह योयारीब का पुत्रा, यह जकर्याह का पुत्रा, यह और यह शीलोई का पुत्रा था।
11:6b.NEH.011.006 पेरेस के वंश के जो यरूशलेम में रहते थे, वह सब मिलाकर चार सौ अड़सठ शूरवीर थे।
11:7b.NEH.011.007 और बिन्यामीनियों में से सल्लू जो मशुल्लाम का पुत्रा था, यह योएद का पुत्रा, यह पदायाह का पुत्रा था, यह कोलायाह का पुत्रा यह मासेयाह का पुत्रा, यह इतीएह का पुत्रा, यह यशायाह का पुत्रा था।
11:8b.NEH.011.008 और उसके बाद गब्यै सल्लै जिनके साथ नौ सौ अट्ठाईस पुरूष थे।
11:9b.NEH.011.009 इनका रखवाल जिक्री का पुत्रा योएल था, और हस्सनूआ का पुत्रा यहूदा नगर के प्रधान का नायब था।
11:10b.NEH.011.010 फिर याजकों में से योयारीब का पुत्रा यदायाह और याकीन।
11:11b.NEH.011.011 और सरायाह जो परमेश्वर के भवन का प्रधान और हिल्किरयाह का पुत्रा था, यह मशुल्लाम का पुत्रा, यह सादोक का पुत्रा, यह मरायोत का पुत्रा, यह अहीतूब का पुत्रा था।
11:12b.NEH.011.012 और इनके आठ सौ बाईस भाई जो उस भवन का काम करते थे; और अदायाह, जो यरोहाम का पुत्रा था, यह पलल्याह का वुत्रा, यह अम्सी का पुत्रा, यह जकर्याह का पुत्रा, यह पशहूर का पुत्रा, यह मल्किरयाह का पुत्रा था।
11:13b.NEH.011.013 और इसके दो सौ बयालीस भाई जो पितरों के घरानों के प्रधान थे; और अमशै जो अजरेल का पुत्रा था, यह अहजै का पुत्रा, यह मशिल्लेमोत का पुत्रा, यह इम्मेर का पुत्रा था।
11:14b.NEH.011.014 और इनके एक सौ अट्ठाईस शूरवीर भाई थे और इनका रखवाल हग्गदोलीम का पुत्रा जब्दीएल था।
11:15b.NEH.011.015 फिर लेवियों में से शमायाह जो हश्शूब का पुत्रा था, यह अज्रीकाम का पुत्रा, यह हुशब्याह का पुत्रा, यह बुन्नी का पुत्रा था।
11:16b.NEH.011.016 ओर शब्बत और योजाबाद मुख्य लेवियों में से परमेश्वर के भवन के बाहरी काम पर ठहरे थे।
11:17b.NEH.011.017 और मत्तन्याह जो मीका का पुत्रा और जब्दी का पोता, और आसाप का परपोता था; वह प्रार्थना में धन्यवाद करनेवालों का मुखिया था, और बकबुक्याह अपने भाइयों में दूसरा पद रखता था; और अब्दा जो शम्मू का पुत्रा, और गालाल का पोता, और यदूतून का परपोता था।
11:18b.NEH.011.018 जो लेवीय पवित्रा नगर में रहते थे, वह सब मिलाकर दो सौ चौरासी थे।
11:19b.NEH.011.019 और अक्कूब और तल्मोन नाम द्वारपाल और उनके भाई जो फाटकों के रखवाले थे, एक सौ बहत्तर थे।
11:20b.NEH.011.020 और शेष इस्राएली याजक और लेवीय, यहूदा के सब नगरों में अपने अपने भाग पर रहते थे।
11:21b.NEH.011.021 और नतीन लोग ओपेल में रहते; और नतिनों के ऊपर सीहा, और गिश्पा ठहराए गए थे।
11:22b.NEH.011.022 और जो लेवीय यरूशलेम में रहकर परमेश्वर के भवन के काम में लगे रहते थे, उनका मुखिया आसाप के वंश के गवैयों में का उज्जी था, जो बानी का पुत्रा था, यह हशब्याह का पुत्रा, यह मत्तन्याह का पुत्रा और यह हशब्याह का पुत्रा था।
11:23b.NEH.011.023 क्योंकि उनके विषय राजा की आज्ञा थी, और गवैयों के प्रतिदिन के प्रयोजन के अनुसार ठीक प्रबन्ध था।
11:24b.NEH.011.024 और प्रजा के सब काम के लिये मशेजबेल का पुत्रा पतह्माह जो यहूदा के पुत्रा जेरह के वंश में था, वह राजा के पास रहता था।
11:25b.NEH.011.025 बच गए गांव और उनके खेत, सो कुछ यहूदी किर्यतर्बा, और उनके गांव में, कुछ दीबोन, और उसके गांवों में, कुछ यकब्सेल और उसके गांवों में रहते थे।
11:26b.NEH.011.026 फिर येशू, मोलादा, बेत्पेलेत;
11:27b.NEH.011.027 हमर्शूआल, और बेर्शेबा और और उसके गांवों में;
11:28b.NEH.011.028 और सिकलग और मकोना और उनके गांवों में;
11:29b.NEH.011.029 एन्निम्मोन, सोरा, यर्मूत,
11:30b.NEH.011.030 जानोह और अदूल्लाम और उनके गांवों में, लाकीश, और उसके खेतों में अजेका, और उसके गांवों में वे बेर्शेबा से ले हिन्नोम की तराई तक डेरे डाले हुए रहते थे।
11:31b.NEH.011.031 और बिन्यामीनी गेबा से लेकर मिकमश, अरया और बेतेल और उसके गांवों में;
11:32b.NEH.011.032 अनातोत, नोब, अनन्याह,
11:33b.NEH.011.033 हासोर, रामा, गित्तैम,
11:34b.NEH.011.034 हादीद, सबोईम, नबल्लत,
11:35b.NEH.011.035 लोद, ओनो और कारीगरों की तराई तक रहते थे।
11:36b.NEH.011.036 और कितने लेवियों के दल यहूदा और बिन्यामीन के प्रान्तों में बस गए।
12
12:1b.NEH.012.001 जो याजक और लेवीय शालतीएल के पुत्रा जरूब्बाबेल और येशू के संग यरूशलेम को गए थे, वे ये थे : अर्थात् सरायाह, यिर्मयाह, एज्रा,
12:2b.NEH.012.002 अमर्याह, मल्लूक, हत्तूश,
12:3b.NEH.012.003 शकन्याह, रहूम, मरेमोत,
12:4b.NEH.012.004 इद्दॊ, गिन्नतोई, अबिरयाह,
12:5b.NEH.012.005 मीरयामीन, माद्याह, बिलगा,
12:6b.NEH.012.006 शमायाह, योआरीब, यदायाह,
12:7b.NEH.012.007 सल्लू, आमोक, हिल्किरयाह और यदायाह। येशू के दिनों में याजकों और उनके भाइयों के मुख्य मुख्य पुरूष, ये ही थे।
12:8b.NEH.012.008 फिर ये लेवीय गए : अर्थात् येशू, बिन्नूई, कदमीएल, शेरेब्याह, यहूदा और वह मत्तन्याह जो अपने भाइयों समेत धन्यवाद के काम पर ठहराया गया था।
12:9b.NEH.012.009 और उनके भाई बकबुक्याह और उन्नो उनके साम्हने अपनी अपनी सेवकाई में लगे रहते थे।
12:10b.NEH.012.010 और येशू से योयाकीम उत्पन्न हुआ और योयाकीम से एल्याशीब और एल्याशीब से योयादा,
12:11b.NEH.012.011 और योयादा से योनातान और योनातान से य उत्पन्न हुआ।
12:12b.NEH.012.012 और योयाकीम के दिनों में ये याजक अपने अपने पितरों के घराने के मुख्य पुरूष थे, अर्थात् शरायाह का तो मरायाह; यिर्मयाह का हनन्याह।
12:13b.NEH.012.013 एज्रा का मशुल्लाम; अमर्याह का यहोहानान।
12:14b.NEH.012.014 मल्लूकी का योनातान; शबन्याह का योसेप।
12:15b.NEH.012.015 हारीम का अदना; मरायोत का हेलकै।
12:16b.NEH.012.016 इद्दॊ का जकर्याह; गिन्नतोन का मशुल्लाम।
12:17b.NEH.012.017 अबिरयाह का जिक्री; मिन्यामीन के मोअद्याह का पिलतै।
12:18b.NEH.012.018 बिलगा का शम्मू; शामायह का यहोनातान।
12:19b.NEH.012.019 योयारीब का मत्तनै; यदायाह का उज्जी।
12:20b.NEH.012.020 सल्लै का कल्लै; आमोक का एबेर।
12:21b.NEH.012.021 हिल्किरयाह का हशब्याह; और यदायाह का नतनेल।
12:22b.NEH.012.022 एल्याशीब, योयादा, योहानान और य के दिनों में लेवीय पितरों के घरानों के मुख्य पुरूषों के नाम लिखे जाते थे, और दारा फारसी के राज्य में याजकों के भी नाम लिखे जाते थे।
12:23b.NEH.012.023 जो लेवीय पितरों के घरानों के मुख्य पुरूष थे, उनके नाम एल्याशीब के पुत्रा योहानान के दिनों तक इतिहास की पुस्तक में लिखे जाते थे।
12:24b.NEH.012.024 और लेवियों के मुख्य पुरूष ये थे : अर्थात् हसब्याह, शेरेब्याह और कदमीएल का पुत्रा येशू; और उनके साम्हने उनके भाई परमेश्वर के भक्त दाऊद की आज्ञा के अनुसार आम्हने- साम्हने स्तुति और धन्यवाद करने पर नियुक्त थे।
12:25b.NEH.012.025 मत्तन्याह, बकबुक्याह, ओबद्याह, मशुल्लाम, तल्मोन और अक्कूब फाटकों के पास के भणडारों का पहरा देनेवाले द्वारपाल थे।
12:26b.NEH.012.026 योयाकीम के दिनों में जो योसादाक का पोता और येशू का पुत्रा था, और नहेमायाह अधिपति और एज्रा याजक और शास्त्री के दिनों में ये ही थे।
12:27b.NEH.012.027 और यरूशलेम की शहरपनाह की प्रतिष्ठा के समय लेवीय अपने सब स्थानों में ढूंढ़े गए, कि यरूशलेम को पहुंचाए जाएं, जिस से आनन्द और धन्यवाद करके और झांझ, सारंगी और वीणा बजाकर, और गाकर उसकी प्रतिष्ठा करें।
12:28b.NEH.012.028 तो गवैयों के सन्तान यरूशलेम के चारों ओर के देश से और नतोपातियों के गांवों से,
12:29b.NEH.012.029 और बेतगिलगाल से, और गेबा और अज्माबेत के खेतों से इकट्ठे हुए; क्योंकि गवैयों ने यरूशलेम के आस- पास गांव बसा लिये थे।
12:30b.NEH.012.030 तब याहकों और लेवियों ने अपने अपने को शुठ्ठ किया; और उन्हों ने प्रजा को, और फाटकों और शहरपनाह को भी शुठ्ठ किया।
12:31b.NEH.012.031 तब मैं ने यहूदी हाकिमों को शहरपनाह पर चढ़ाकर दो बड़े दल ठहराए, जो धन्यवाद करते हुए धूमधाम के साथ चलते थे। इनमें से एक दल तो दक्खिन ओर, अर्थात् कूड़ाफाटक की ओर शहरपनाह के ऊपर ऊपर से चला;
12:32b.NEH.012.032 और उसके पीछे पीछे ये चले, अर्थात् होशयाह और यहूदा के आधे हाकिम,
12:33b.NEH.012.033 और अजर्याह, एज्रा, मशुल्लाम,
12:34b.NEH.012.034 यहूदा, बिन्यामीन, शमायाह, और यिर्मयाह,
12:35b.NEH.012.035 और याजकों के कितने पुत्रा तुरहियां लिये हुए : अर्थात् जकर्याह जो योहानान का पुत्रा था, यह शमायाह का पुत्रा, यह मत्तन्याह का पुत्रा, यह मीकायाह का पुत्रा, यह जक्कूर का पुत्रा, यह आसाप का पुत्रा था।
12:36b.NEH.012.036 और उसके भाई शमायाह, अजरेल, मिललै, गिललै, माऐ, नतनेल, यहूदा और हनानी परमेश्वर के भक्त दाऊद के बाजे लिये हुए थे; और उनके आगे आगे एज्रा शास्त्री चला।
12:37b.NEH.012.037 ये सेताफाटक से हो सीधे दाऊदपुर की सीढ़ी पर चढ़, शहरपनाह की ऊंचाई पर से चलकर, दाऊद के भवन के ऊपर से होकर, पूरब की ओर जलफाटक तक पहुंचे।
12:38b.NEH.012.038 और धन्यवाद करने और धूमधाम से चलनेवालों का दूसरा दल, और उनके पीछे पीछे मैं, और आधे लोग उन से मिलने को शहरपनाह के ऊपर ऊपर से भट्ठों के गुम्मट के पास से चौड़ी शहरपनाह तक।
12:39b.NEH.012.039 और एप्रैम के फाटक और पुराने फाटक, और मछलीफाटक, और हननेल के गुम्मट, और हम्मेआ नाम गुम्मट के पास से होकर भेड़ फाटक तक चले, और पहरूओं के फाटक के पास खड़े हो गए।
12:40b.NEH.012.040 तब धन्यवाद करने वालों के दोनों दल और मैं और मेरे साथ आधे हाकिम परमेश्वर के भवन में खड़े हो गए।
12:41b.NEH.012.041 और एल्याकीम, मासेयाह, मिन्यामीन, मीकायाह, एल्योएनै, जकर्याह और हनन्याह नाम याजक तुरहियां लिये हुए थे।
12:42b.NEH.012.042 और मासेयाह, शमायाह, एलीआजर, उज्जी, यहोहानान, मल्किरयाह, एलाम, ओर एजेर (खड़े हुए थे) और गवैये जिनका मुखिया यिज्रह्माह था, वह ऊंचे स्वर से गाते बजाते रहे।
12:43b.NEH.012.043 उसी दिन लोगों ने बड़े बड़े मेलबलि चढ़ाए, और आनन्द लिया; क्योंकि परमेश्वर ने उनको बहुत ही आनन्दित किया था; स्त्रियों ने और बालबच्चों ने भी आनन्द किया। और यरूशलेम के आनन्द की ध्वनि दूर दूर तक फैल गई।
12:44b.NEH.012.044 उसी दिन खज़ानों के, उठाई हुई भेंटों के, पहिली पहिली उपज के, और दशमांशों की कोठरियों के अधिकारी ठहराए गए, कि उन में नगर नगर के खेतों के अनुसार उन वस्तुओं को जमा करें, जो व्यवस्था के अनुसार याजकों और लेवियों के भाग में की थी; क्योंकि यहूदी उपस्थ्ति याजकों और लेवियों के कारण आनन्दित थे।
12:45b.NEH.012.045 इसलिये वे अपने परमेश्वर के काम और शुठ्ठता के विषय चौकसी करते रहे; और गवैये ओर द्वारपाल भी दाऊद और उसके पुत्रा सुलैमान की आज्ञा के अनुसार वैसा ही करते रहे।
12:46b.NEH.012.046 प्राचीनकाल, अर्थात् दाऊद और आसाप के दिनों में तो गवैयों के प्रधान थे, और परमेश्वर की स्तुति और धन्यवाद के गीत गाए जाते थे।
12:47b.NEH.012.047 और जरूब्बाबेल और नहेमायाह के दिनों में सारे इस्राएली, गवैयों और द्वारपालों के प्रतिदिन का भाग देते रहे; और वे लेवियों के अंश पवित्रा करके देते थे; और लेवीय हारून की सन्तान के अंश पवित्रा करके देते थे।
13
13:1b.NEH.013.001 उसी दिन मूसा की पुस्तक लोगों को पढ़कर सुनाई गई; और उस में यह लिखा हुआ मिला, कि कोई अम्मोनी वा मोआबी परमेश्वर की सभा में कभी न आने पाए;
13:2b.NEH.013.002 क्योंकि उन्हों ने अन्न जल लेकर इस्राएलियों से भेंट नहीं की, वरन बिलाम को उन्हें शाप देने के लिये दक्षिणा देकर बुलवाया था-- तौभी हमारे परमेश्वर ने उस शाप को आशीष से बदल दिया।
13:3b.NEH.013.003 यह व्यवस्था सुनकर, उन्हों ने इस्राएल में से मिली जुली भीड़ को अलग अलग कर दिया।
13:4b.NEH.013.004 इस से पहिले एल्याशीब याजक जो हमारे परमेश्वर के भवन की कोठरियों का अधिकारी और तोबिरयाह का सम्बन्धी था।
13:5b.NEH.013.005 उस ने तोबिरयाह के लिये एक बड़ी कोठरी तैयार की थी जिस में पहिले अन्नबलि का सामान और लोबान और पात्रा और अनाज, नये दाखमधु और टटके तेल के दशमांश, जिन्हें लेवियों, गवैयों और द्वारपालों को देने की आज्ञा थी, रखी हुई थी; और याजकों के लिये उठाई हुई भेंट भी रखी जाती थीं।
13:6b.NEH.013.006 परन्तु मैं इस समय यरूशलेम में नहीं था, क्योंकि बाबेल के राजा अर्तक्षत्रा के बत्तीसवें वर्ष में मैं राजा के पास चला गया। फिर कितने दिनों के बाद राजा से छुट्टी मांगी,
13:7b.NEH.013.007 और मैं यरूशलेम को आया, तब मैं ने जान लिया, कि एल्याशीब ने तोबिरयाह के लिये परमेश्वर के भवन के आंगनों में एक कोठरी तैयार कर, क्या ही बुराई की है।
13:8b.NEH.013.008 इसे मैं ने बहुत बुरा माना, और तोबिरयाह का सारा घरेलू सामान उस कोठरी में से फेंक दिया।
13:9b.NEH.013.009 तब मेरी आज्ञा से वे कोठरियां शुठ्ठ की गई, और मैं ने परमेश्वर के भवन के पात्रा और अन्नबलि का सामान और लोबान उन में फिर से रखवा दिया।
13:10b.NEH.013.010 फिर मुझे मालूम हुआ कि लेवियों का भाग उन्हें नहीं दिया गया है; और इस कारण काम करनेवाले लेवीय और गवैये अपने अपने खेत को भाग गए हैं।
13:11b.NEH.013.011 तब मैं ने हाकिमों को डांटकर कहा, परमेश्वर का भवन क्यों त्यागा गया है? फिर मैं ने उनको इकट्ठा करके, एक एक को उसके स्थान पर नियुक्त किया।
13:12b.NEH.013.012 तब से सब यहूदी अनाज, नये दाखमधु और टटके तेल के दशमांश भणडारों में लाने लगे।
13:13b.NEH.013.013 और मैं ने भणडारों के अधिकारी शेलेम्याह याजक और सादोक मुंशी को, और लेवियों में से पदायाह को, और उनके नीचे हानान को, जो मत्तन्याह का पोता और जक्कूर का पुत्रा था, नियुक्त किया; वे तो विश्वासयोग्य गिने जाते थे, और अपने भाइयों के मय बांटना उनका काम था।
13:14b.NEH.013.014 हे मेरे परमेश्वर ! मेरा यह काम मेरे हित के लिये स्मरण रख, और जो जो सुकर्म मैं ने अपने परमेश्वर के भवन और उस में की आराधना के विषय किए हैं उन्हे मिटा न डाल।
13:15b.NEH.013.015 उन्हीं दिनों में मैं ने यहूदा में कितनों को देखा जो विश्रामदिन को हैदों में दाख रौंदते, और पूलियों को ले आते, और गदहों पर लादते थे; वैसे ही वे दाखमधु, दाख, अंजीर और भांति भांति के बोझ विश्रामदिन को यरूशलेम में लाते थे; तब जिस दिन वे भोजनवस्तु बेचते थे, उसी दिन मैं ने उनको चिता दिया।
13:16b.NEH.013.016 फिर उस में सोरी लोग रहकर मछली और भांति भांति का सौदा ले आकर, यहूदियों के हाथ यरूशलेम में विश्रामदिन को बेचा करते थे।
13:17b.NEH.013.017 तब मैं ने यहूदा के रईसों को डांटकर कहा, तुम लोग यह क्या बुराई करते हो, जो विश्रामदिन को अपवित्रा करते हो?
13:18b.NEH.013.018 क्या तुम्हारे पुरखा ऐसा नहीं करते थे? और क्या हमारे परमेश्वर ने यह सब विपत्ति हम पर और इस नगर पर न डाली? तौभी तुम विश्रामदिन को अपवित्रा करने से इस्राएल पर परमेश्वर का क्रोध और भी भड़काते जाते हो।
13:19b.NEH.013.019 सो जब विश्रामवार के पहिले दिन को यरूशलेम के फाटकों के आस- पास अन्ध्ेरा होने लगा, तब मैं ने आज्ञा दी, कि उनके पल्ले बन्द किए जाएं, और यह भी आज्ञा दी, कि वे विश्रामवार के पूरे होने तक खोले न जाएं। तब मैं ने अपने कितने सेवकों को फाटकों का अधिकारी ठहरा दिया, कि विश्रामवार को कोई बोझ भीतर आने न पाए।
13:20b.NEH.013.020 इसलिये व्योपारी और भांति भांति के सौदे के बेचनेवाले यरूशलेम के बाहर दो एक बेर टिके।
13:21b.NEH.013.021 तब मैं ने उनको चिताकर कहा, तुम लोग शहरपनाह के साम्हने क्यों टिकते हो? यदि तुम फिर ऐसा करोगे तो मैं तुम पर हाथ बढ़ाऊंगा। इसलिये उस समय से वे फिर विश्रामबार को नहीं आए।
13:22b.NEH.013.022 तब मैं ने लेवियों को आज्ञा दी, कि अपने अपने को शुठ्ठ करके फाटकों की रखवाली करने के लिये आया करो, ताकि विश्रामदिन पवित्रा माना जाए। हे मेरे परमेश्वर ! मेरे हित के लिये यह भी स्मरण रख और अपनी बड़ी करूणा के अनुसार मुझ पर तरस खा।
13:23b.NEH.013.023 फिर उन्हीं दिनों में मुझ को ऐसे यहूदी दिखाई पड़े, जिन्हों ने अशदोदी, अम्मोनी और मोआबी स्त्रियां ब्याह ली थीं।
13:24b.NEH.013.024 और उनके लड़केबालों की आधी बोली अशदोदी थी, और वे यहूदी बोली न बोल सकते थे, दोनों जाति की बोली बोलते थे।
13:25b.NEH.013.025 तब मैं ने उनको डांटा और कोसा, और उन में से कितनों को पिटवा दिया और उनके बाल नुचवाए; और उनको परमेश्वर की यह शपथ खिलाई, कि हम अपनी बेटियां उनके बेटों के साथ ब्याह में न देंगे और न अपने लिये वा अपने बेटों के लिये उनकी बेेटियां ब्याह में लेंगे।
13:26b.NEH.013.026 क्या इस्राएल का राजा सुलैमान इसी प्रकार के पाप में न फंसा थ? बहुतेरी जातियों में उसके तुल्य कोई राजा नहीं हुआ, और वह अपने परमेश्वर का प्रिय भी था, और परमेश्वर ने उसे सारे इस्राएल के ऊपर राजा नियुक्त किया; परन्तु उसको भी अन्यजाति स्त्रियों ने पाप में फंसाया।
13:27b.NEH.013.027 तो क्या हम तुम्हारी सुनकर, ऐसी बड़ी बुराई करें कि अन्यजाति की स्त्रियां ब्याह कर अपने परमेश्वर के विरूद्ध पाप करें?
13:28b.NEH.013.028 और एल्याशीब महायाजक के पुत्रा योयादा का एक पुत्रा, होरोनी सम्बल्लत का दामाद था, इसलिये मैं ने उसको अपने पास से भगा दिया।
13:29b.NEH.013.029 हे मेरे परमेश्वर उनकी हानि के लिये याजकपद और याजकों ओर लेवियों की वाचा का तोड़ा जाना स्मरण रख।
13:30b.NEH.013.030 इस प्रकार मैं ने उनको सब अन्यजातियों से शुठ्ठ किया, और एक एक याजक और लेवीय की बारी और काम ठहरा दिया।
13:31b.NEH.013.031 फिर मैं ने लकड़ी की भेंट ले आने के विशेष समय ठहरा दिए, और पहिली पहिली उपज के देने का प्रबन्ध भी किया। हे मेरे परमेश्वर ! मेरे हित के लिये मुझे स्मरण कर।
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