Numbers (Hindi)

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1

1:1b.NUM.001.001 इस्त्राएलियों के मि देश से निकल जाने के दूसरे वर्ष के दूसरे महीने के पहिले दिन को, यहोवा ने सीनै के जंगल में मिलापवाले तम्बू में, मूसा से कहा,

1:2b.NUM.001.002 इस्त्राएलियों की सारी मण्डली के कुलों और पितरों के घरानों के अनुसार, एक एक पुरूष की गिनती नाम ले लेकर करना;

1:3b.NUM.001.003 जितने इस्त्राएली बीस वर्ष वा उस से अधिक अवस्था के हों, और जो युद्ध करने के योग्य हों, उन सभों को उनके दलों के अनुसार तू और हारून गिन ले।

1:4b.NUM.001.004 और तुम्हारे साथ एक एक गोत्रा का एक एक पुरूष भी हो जो अपने पितरों के घराने का मुख्य पुरूष हो।

1:5b.NUM.001.005 तुम्हारे उन साथियों के नाम ये हैं, अर्थात् रूबेन के गोत्रा में से शदेऊर का पुत्रा एलीसूर;

1:6b.NUM.001.006 शिमोन के गोत्रा में से सूरीश ै का पुत्रा शलूमीएल;

1:7b.NUM.001.007 यहूदा के गोत्रा में से अम्मीनादाब का पुत्रा नहशोन;

1:8b.NUM.001.008 इस्साकार के गोत्रा में से सूआ का पुत्रा नतनेल;

1:9b.NUM.001.009 जबूलून के गोत्रा में से हेलोन का पुत्रा एलीआब;

1:10b.NUM.001.010 यूसुफवंशियों में से ये हैं, अर्थात् एर्पैम के गोत्रा में से अम्मीहूद का पुत्रा एलीशामा, ओर मनश्शे के गोत्रा में से पदासूर का पुत्रा गम्लीएल;

1:11b.NUM.001.011 बिन्यामीन के गोत्रा में से गिदोनी का पुत्रा अबीदान;

1:12b.NUM.001.012 दान के गोत्रा में से अम्मीश ै का पुत्रा अहीऐजेर;

1:13b.NUM.001.013 आशेर के गोत्रा में से ओक्रान का पुत्रा पगीएल;

1:14b.NUM.001.014 गाद के गोत्रा में से दूएल का पुत्रा एल्यासाप;

1:15b.NUM.001.015 नप्ताली के गोत्रा में से एनाम का पुत्रा अहीरा।

1:16b.NUM.001.016 मण्डली में से जो पुरूष अपने अपने पितरों के गोत्रों के प्रधान होकर बुलाए गए वे ये ही हैं, और ये इस्त्राएलियों के हजारों में मुख्य पुरूष थे।

1:17b.NUM.001.017 और जिन पुरूषों के नाम ऊपर लिखे हैं उनको साथ लेकर,

1:18b.NUM.001.018 मूसा और हारून ने दूसरे महीने के पहिले दिन सारी मण्डली इकट्ठी की, तब इस्त्राएलियों ने अपने अपने कुल और अपने अपने पितरों के घराने के अनुसार बीस वर्ष वा उस से अधिक अवस्थावालों के नामों की गिनती करवा के अपनी अपनी वंशावली लिखवाई;

1:19b.NUM.001.019 जिस प्रकार यहोवा ने मूसा को जो आज्ञा दी थी उसी के अनुसार उस ने सीनै के जंगल में उनकी गणना की।।

1:20b.NUM.001.020 और इस्त्राएल के पहिलौठे रूबेन के वंश ने जितने पुरूष अपने कुल और अपने पितरों के घराने के अनुसार बीस वर्ष वा उस से अधिक अवस्था के थे और युद्ध करने के योग्य थे, वे सब अपने अपने नाम से गिने गए:

1:21b.NUM.001.021 और रूबेन के गोत्रा के गिने हुए पुरूष साढ़े छियालीस हजार थे।।

1:22b.NUM.001.022 और शिमोन के वंश के लोग जितने पुरूष अपने कुलों और अपने पितरों के घरानों के अनुसार बीस वर्ष वा उस से अधिक अवस्था के थे, और जो युद्ध करने के योग्य थे वे सब अपने अपने नाम से गिने गए:

1:23b.NUM.001.023 और शिमोन के गोत्रा के गिने हुए पुरूष उनसठ हजार तीन सौ थे।।

1:24b.NUM.001.024 और गाद के वंश के जितने पुरूष अपने कुलों और अपने पितरों के घरानों के अनुसार बीस वर्ष वा उस से अधिक अवस्था के थे और जो युद्ध करने के योग्य थे, वे सब अपने अपने नाम से गिने गए:

1:25b.NUM.001.025 और गाद के गोत्रा के गिने हुए पुरूष पैंतालीस हजार साढ़े छ: सौ थे।।

1:26b.NUM.001.026 और यहूदा के वंश के जितने पुरूष अपने कुलों और अपने पितरों के घरानों के अनुसार बीस वर्ष वा उस से अधिक अवस्था के थे और जो युद्ध करने के योग्य थे, वे सब अपने अपने नाम से गिने गए:

1:27b.NUM.001.027 और यहूदा के गोत्रा के गिने हुए पुरूष चौहत्तर हजार छ: सौ थे।।

1:28b.NUM.001.028 और इस्साकार के वंश के जितने पुरूष अपने कुलों और अपने पितरों के घरानों के अनुसार बीस वर्ष वा उस से अधिक अवस्था के थे और जो युद्ध करने के योग्य थे, वे सब अपने अपने नाम से गिने गए:

1:29b.NUM.001.029 और इस्साकार के गोत्रा के गिने हुए पुरूष चौवन हजार चार सौ थे।।

1:30b.NUM.001.030 और जबूलून वे वंश के जितने पुरूष अपने कुलों और अपने पितरों के घरानों के अनुसार बीस वर्ष वा उस से अधिक अवस्था के थे और जो युद्ध करने के योग्य थे, वे सब अपने अपने नाम से गिने गए:

1:31b.NUM.001.031 और जबूलून के गोत्रा के गिने हुए पुरूष सत्तावन हजार चार सौ थे।।

1:32b.NUM.001.032 और यूसुफ के वंश में से एप्रैम के वंश के जितने पुरूष अपने कुलों और अपने पितरों के घरानों के अनुसार बीस वर्ष वा उस से अधिक अवस्था के थे और जो युद्ध करने के योग्य थे, वे सब अपने अपने नाम से गिने गए:

1:33b.NUM.001.033 और एप्रैम गोत्रा के गिने हुए पुरूष साढ़े चालीस हजार थे।।

1:34b.NUM.001.034 और मनश्शे के वंश के जितने पुरूष अपने कुलों और अपने पितरों के घरानों के अनुसार बीस वर्ष वा उस से अधिक अवस्था के थे और जो युद्ध करने के योग्य थे, वे सब अपने अपने नाम से गिने गए:

1:35b.NUM.001.035 और मनश्शे के गोत्रा के गिने हुए पुरूष बत्तीस हजार दो सौ थे।।

1:36b.NUM.001.036 और बिन्यामीन के वंश के जितने पुरूष अपने कुलों और अपने पितरों के घरानों के अनुसार बीस वर्ष वा उस से अधिक अवस्था के थे और जो युद्ध करने के योग्य थे, वे सब अपने अपने नाम से गिने गए:

1:37b.NUM.001.037 और बिन्यामीन के गोत्रा के गिने हुए पुरूष पैंतीस हजार चार सौ थे।।

1:38b.NUM.001.038 और दान के वंश के जितने पुरूष अपने कुलों और अपने पितरों के घरानों के अनुसार बीस वर्ष वा उस से अधिक अवस्था के थे और जो युद्ध करने के योग्य थे, वे अपने अपने नाम से गिने गए:

1:39b.NUM.001.039 और दान के गोत्रा के गिने हुए पुरूष बासठ हजार सात सौ थे।।

1:40b.NUM.001.040 और आशेर के वंश के जितने पुरूष अपने कुलों और अपने पितरों के घरानों के अनुसार बीस वर्ष वा उससे अधिक अवस्था के थे और जो युद्ध करने के योग्य थे, वे सब अपने अपने नाम से गिने गए:

1:41b.NUM.001.041 और आशेर के गोत्रा के गिने हुए पुरूष साढ़े एकतालीस हजार थे।।

1:42b.NUM.001.042 और नप्ताली के वंश के जितने पुरूष अपने कुलों और अपने पितरों के घरानों के अनुसार बीस वर्ष वा उस से अधिक अवस्था के थे और जो युद्ध करने के योग्य थे, वे सब अपने अपने नाम से गिने गए:

1:43b.NUM.001.043 और नप्ताली के गोत्रा के गिने हुए पुरूष तिरपन हजार चार सौ थे।।

1:44b.NUM.001.044 इस प्रकार मूसा और हारून और इस्त्राएल के बारह प्रधानों ने, जो अपने अपने पितरों के घराने के प्रधान थे, उन सभों को गिन लिया और उनकी गिनती यही थी।

1:45b.NUM.001.045 सो जितने इस्त्राएली बीस वर्ष वा उस से अधिक अवस्था के होने के कारण युद्ध करने के योग्य थे वे अपने पितरों के घरानों के अनुसार गिने गए,

1:46b.NUM.001.046 और वे सब गिने हुए पुरूष मिलाकर छ: लाख तीन हजार साढ़े पांच सौ थे।।

1:47b.NUM.001.047 इन में लेवीय अपने पितरों के गोत्रा के अनुसार नहीं गिने गए।

1:48b.NUM.001.048 क्योंकि यहोवा ने मूसा से कहा था,

1:49b.NUM.001.049 कि लेवीय गोत्रा की गिनती इस्त्राएलियों के संग न करना;

1:50b.NUM.001.050 परन्तु तू लेवियों को साक्षी के तम्बू पर, और उसके कुल सामान पर, निदान जो कुछ उस से सम्बन्ध रखता है उस पर अधिकारी नियुक्त करना; और कुल सामान सहित निवास को वे ही उठाया करें, और वे ही उस में सेवा टहल भी किया करें, और तम्बू के आसपास वे ही अपने डेरे डाला करें।

1:51b.NUM.001.051 और जब जब निवास का कूच हो तब तब लेवीय उसको गिरा दें, और जब जब निवास को खड़ा करना हो तब तब लेवीय उसको खड़ा किया करें; और यदि कोई दूसरा समीप आए तो वह मार डाला जाए।

1:52b.NUM.001.052 और इस्त्राएली अपना अपना डेरा अपनी अपनी छावनी में और अपने अपने झण्डे के पास खड़ा किया करें;

1:53b.NUM.001.053 पर लेवीय अपने डेरे साक्षी के तम्बू ही की चारों ओर खड़े किया करें, कहीं ऐसा न हो कि इस्त्राएलियों की मण्डली पर कोप भड़के; और लेवीय साक्षी के तम्बू की रक्षा किया करें।

1:54b.NUM.001.054 जो आज्ञाएं यहोवा ने मूसा को दी थीं इस्त्राएलियों ने उन्हीं के अनुसार किया।।

2

2:1b.NUM.002.001 फिर यहोवा ने मूसा और हारून से कहा,

2:2b.NUM.002.002 इस्त्राएली मिलापवाले तम्बू की चारों ओर और उसके साम्हने अपने अपने झण्डे और अपने अपने पितरों के घराने के निशान के समीप अपने डेरे खड़े करें।

2:3b.NUM.002.003 और जो अपने पूर्व दिशा की ओर जहां सूर्योदय होता है अपने अपने दलों के अनुसार डेरे खड़े किया करें वे ही यहूदा की छावनीवाले झण्उे के लोग होंगे, और उनका प्रधान अम्मीनादाब का पुत्रा नहशोन होगा,

2:4b.NUM.002.004 और उनके दल के गिने हुए पुरूष चौहत्तर हजार छ: सौ हैं।

2:5b.NUM.002.005 उनके समीप जो डेरे खड़े किया करें वे इस्साकार के गोत्रा के हों, और उनका प्रधान सूआर का पुत्रा नतनेल होगा,

2:6b.NUM.002.006 और उनके दल के गिने हुए पुरूष चौवन हजार चार सौ हैं।

2:7b.NUM.002.007 इनके पास जबूलून के गोत्रावाले रहेंगे, और उनका प्रधान हेलोन का पुत्रा एलीआब होगा,

2:8b.NUM.002.008 और उनके दल के गिने हुए पुरूष सत्तावन हजार चार सौ हैं।

2:9b.NUM.002.009 इस रीति से यहूदा की छावनी में जितने अपने अपने दलों के अनुसार गिने गए वे सब मिलकर एक लाख छियासी हजार चार सौ हैं। पहिले ये ही कूच किया करें।।

2:10b.NUM.002.010 दक्खिन अलंग पर रूबेन की छावनी के झण्डे के लोग अपने अपने दलों के अनुसार रहें, और उनका प्रधान शदेऊर का पुत्रा एलीसूर होगा,

2:11b.NUM.002.011 और उनके दल के गिने हुए पुरूष साढ़े छियालीस हजार हैं।

2:12b.NUM.002.012 उनके पास जो डेरे खड़े किया करें वे शिमोन के गोत्रा के होंगे, और उनका प्रधान सूरीश ै का पुत्रा शलूमीएल होगा,

2:13b.NUM.002.013 और उनके दल के गिने हुए पुरूष उनसठ हजार तीन सौ हैं।

2:14b.NUM.002.014 फिर गाद के गोत्रा के रहें, और उनका प्रधान रूएल का पुत्रा एल्यासाप होगा,

2:15b.NUM.002.015 और उनके दल के गिने हुए पुरूष पैंतालीस हजार साढ़े छ: सौ हैं।

2:16b.NUM.002.016 रूबेन की छावनी में जितने अपने अपने दलों के अनुसार गिने गए वे सब मिलकर डेढ़ लाख एक हजार साढ़े चार सौ हैं। दूसरा कूच इनका हो।

2:17b.NUM.002.017 उनके पीछे और सब छावनियों के बीचोंबीच लेवियों की छावनी समेत मिलापवाले तम्बू का कूच हुआ करे; जिस क्रम से वे डेरे खड़े करें उसी क्रम से वे अपने अपने स्थान पर अपने अपने झण्डे के पास पास चलें।।

2:18b.NUM.002.018 पच्छिम अलंग पर एप्रैम की छावनी के झण्डे के लोग अपने अपने दलों के अनुसार रहें, और उनका प्रधान अम्मीहूद का पुत्रा एलीशामा होगा,

2:19b.NUM.002.019 और उनके दल के गिने हुए पुरूष साढ़े चालीस हजार हैं।

2:20b.NUM.002.020 उनके समीप मनश्शे के गोत्रा के रहें, और उनका प्रधान पदासूर का पुत्रा गम्लीएल होगा,

2:21b.NUM.002.021 और उनके दल के गिने हुए पुरूष बत्तीस हजार दो सौ हैं।

2:22b.NUM.002.022 फिर बिन्यामीन के गोत्रा में रहें, और उनका प्रधान गिदोनी का पुत्रा अबीदान होगा,

2:23b.NUM.002.023 और उनके दल के गिने हुए पुरूष पैंतीस हजार चार सौ हैं।

2:24b.NUM.002.024 एप्रैम की छावनी में जितने अपने अपने दलों के अनुसार गिने गए वे सब मिलकर एक लाख आठ हजार एक सौ पुरूष हैं। तीसरा कूच इनका हो।

2:25b.NUM.002.025 उत्तर अलंग पर दान की छावनी के झण्डे के लोग अपने अपने दलों के अनुसार रहें, और उनका प्रधान अम्मीश ै का पुत्रा अहीऐजेर होगा,

2:26b.NUM.002.026 और उनके दल के गिने हुए पुरूष बासठ हजार सात सौ हैं।

2:27b.NUM.002.027 और उनके पास जो डेरे खड़े करें वे आशेर के गोत्रा के रहें, और उनका प्रधान ओक्रान का पुत्रा पगीएल होगा,

2:28b.NUM.002.028 और उनके दल के गिने हुए पुरूष साढ़े इकतालीस हजार हैं।

2:29b.NUM.002.029 फिर नप्ताली के गोत्रा के रहें, और उनका प्रधान एनान का पुत्रा अहीरा होगा,

2:30b.NUM.002.030 और उनके दल के गिने हुए पुरूष तिरपन हजार चार सौ हैं।

2:31b.NUM.002.031 और दान की छावनी में जितने गिने गए वे सब मिलकर डेढ़ लाख सात हजार छ: सौ हैं। ये अपने अपने झण्डे के पास पास होकर सब से पीछे कूच करें।

2:32b.NUM.002.032 इस्त्राएलियों में से जो अपने अपने पितरों के घराने के अनुसार गिने गए वे ये ही हैं; और सब छावनियों के जितने पुरूष अपने अपने दलों के अनुसार गिने गए वे सब मिलकर छ: लाख तीन हजार साढ़े पांच सौ थे।

2:33b.NUM.002.033 परन्तु यहोवा ने मूसा को जो आज्ञा दी भी उसके अनुसार लेवीय तो इस्त्राएलियों में गिने नहीं गए।

2:34b.NUM.002.034 और जो जो आज्ञा यहोवा ने मूसा को दी थी इस्त्राएली उन आज्ञाओं के अनुसार अपने अपने कुल और अपने अपने पितरों के घरानों के अनुसार, अपने अपने झण्डे के पास डेरे खड़े करते और कूच भी करते थे।।

3

3:1b.NUM.003.001 जिस समय यहोवा ने सीनै पर्वत के पास मूसा से बातें की उस समय हारून और मूसा की यह वंशावली थी।

3:2b.NUM.003.002 हारून के पुत्रों के नाम ये हैं: नादाब जो उसका जेठा था, और अबीहू, एलीआजार और ईतामार;

3:3b.NUM.003.003 हारून के पुत्रा, जो अभिषिक्त याजक थे, और उनका संस्कार याजक का काम करने के लिये हुआ था उनके नाम ये ही हैं।

3:4b.NUM.003.004 नादाब और अबीहू जिस समय सीनै के जंगल में यहोवा के सम्मुख ऊपरी आग ले गए उसी समय यहोवा के साम्हने मर गए थे; और वे पुत्राहीन भी थे। एलीआजर और ईतामार अपने पिता हारून के साम्हने याजक का काम करते रहे।।

3:5b.NUM.003.005 फिर यहोवा ने मूसा से कहा,

3:6b.NUM.003.006 लेवी गोत्रावालों को समीप ले आकर हारून याजक के साम्हने खड़ा कर, कि वे उसकी सेवा टहल करें।

3:7b.NUM.003.007 और जो कुछ उसकी ओर से और सारी मण्डली की ओर से उन्हें सौंपा जाए उसकी रक्षा वे मिलापवाले तम्बू के सामहने करें, इस प्रकार वे तम्बू की सेवा करें;

3:8b.NUM.003.008 वे मिलापवाले तम्बू के कुल सामान की और इस्त्राएलियों की सौंपी हुई वस्तुओं की भी रक्षा करें, इस प्रकार वे तम्बू की सेवा करें।

3:9b.NUM.003.009 और तू लेवियों को हारून और उसके पुत्रों को सौंप दे; और वे इस्त्राएलियों की ओर से हारून को सम्पूर्ण रीति से अर्पण किए हुए हों।

3:10b.NUM.003.010 और हारून और उसके पुत्रों को याजक के पद पर नियुक्त कर, और वे अपने याजकपद की रक्षा किया करें; और यदि अन्य मनुष्य समीप आए, तो वह मार डाला जाए।।

3:11b.NUM.003.011 फिर यहोवा ने मूसा से कहा,

3:12b.NUM.003.012 सुन इस्त्राएली स्त्रियों के सब पहिलौठों की सन्ती मैं इस्त्राएलियों में से लेवियों को ले लेता हूं; सो लेवीय मेरे ही हों।

3:13b.NUM.003.013 सब पहिलौठे मेरे हैं; क्योंकि जिस दिन मैं ने मि देश में के सब पहिलौठों को मारा, उसी दिन मैं ने क्या मनुष्य क्या पशु इस्त्राएलियों के सब पहिलौठों को अपने लिये पवित्रा ठहराया; इसलिये वे मेरे ही ठहरेंगे; मैं यहोवा हूं।।

3:14b.NUM.003.014 फिर यहोवा ने सीनै के जंगल में मूसा से कहा,

3:15b.NUM.003.015 लेवियों में से जितने पुरूष एक महीने वा उस से अधिक अवस्था के हों उनको उनके पितरों के घरानों और उनके कुलों के अनुसार गिन ले।

3:16b.NUM.003.016 यह आज्ञा पाकर मूसा ने यहोवा के कहे के अनुसार उनको गिन लिया।

3:17b.NUM.003.017 लेवी के पुत्रों के नाम ये हैं, अर्थात् गेर्शोन, कहात, और मरारी।

3:18b.NUM.003.018 और गेर्शोन के पुत्रा जिन से उसके कुल चले उनके नाम ये हैं, अर्थात् लिब्नी और शिमी।

3:19b.NUM.003.019 कहात के पुत्रा जिन से उसके कुल चले उनके नाम ये हैं, अर्थात् अम्राम, यिसहार, हेब्रोन, और उज्जीएल।

3:20b.NUM.003.020 और मरारी के पुत्रा जिन से उसके कुल चले उनके नाम ये हैं, अर्थात् महली और मूशी। ये लेवियों के कुल अपने पितरों के घरानों के अनुसार हैं।।

3:21b.NUM.003.021 गेर्शोन से लिब्नियों और शिमियों के कुल चले; गेर्शोनवंशियों के कुल ये ही हैं।

3:22b.NUM.003.022 इन में से जितने पुरूषों की अवस्था एक महीने की वा उस से अधिक थी, उन सभों की गिनती साढ़े सात हजार थी।

3:23b.NUM.003.023 गेर्शोनवाले कुल निवास के पीछे पच्छिम की ओर अपने डेरे डाला करें;

3:24b.NUM.003.024 और गेर्शोनियों के मूलपुरूष से घराने का प्रधान लाएल का पुत्रा एल्यासाप हो।

3:25b.NUM.003.025 और मिलापवाले तम्बू की जो वस्तुएं गेर्शोनवंशियों को सौंपी जाएं वे ये हों, अर्थात् निवास और तम्बू, और उसका ओहार, और मिलापवाले तम्बू से द्वार का पर्दा,

3:26b.NUM.003.026 और जो आंगन निवास और वेदी की चारों ओर है उसके पर्दे, और उसके द्वार का पर्दा, और सब डोरियां जो उस में काम आती हैं।।

3:27b.NUM.003.027 फिर कहात से अम्रामियों, यिसहारियों, हेब्रोनियों, और उज्जीएलियों के कुल चले; कहातियों के कुल ये ही हैं।

3:28b.NUM.003.028 उन में से जितने पुरूषों की अवस्था एक महीने की वा उस से अधिक थी उनकी गिनती आठ हजार छ: सौ थी। वे पवित्रा स्थान की रक्षा के उत्तरदायी थे।

3:29b.NUM.003.029 कहातियों के कुल निवास की उस अलंग पर अपने डेरे डाला करें जो दक्खिन की ओर है;

3:30b.NUM.003.030 और कहातवाले कुलों से मूलपुरूष के घराने का प्रधान उज्जीएल का पुत्रा एलीसापान हो।

3:31b.NUM.003.031 और जो वस्तुएं उनको सौंपी जाएं वे सन्दूक, मेज़, दीवट, वेदियां, और पवित्रास्थान का वह सामान जिस से सेवा टहल होती है, और पर्दा; निदान पवित्रास्थान में काम में आनेवाला सारा सामान हो।

3:32b.NUM.003.032 और लेवियों के प्रधानों का प्रधान हारून याजक का पुत्रा एलीआजार हो, और जो लोग पवित्रास्थान की सौंपी हुई वस्तुओं की रक्षा करेंगे उन पर वही मुखिया ठहरे।।

3:33b.NUM.003.033 फिर मरारी से महलियों और मूशियों के कुल चले; मरारी के कुल ये ही हैं।

3:34b.NUM.003.034 इन में से जितने पुरूषों की अवस्था एक महीने की वा उस से अधिक थी उन सभों की गिनती छ: हजार दो सौ थी।

3:35b.NUM.003.035 और मरारी के कुलों के मूलपुरूष के घराने का प्रधान अबीहैल का पुत्रा सूरीएल हो; ये लोग निवास के उत्तर की ओर अपने डेरे खड़े करें।

3:36b.NUM.003.036 और जो वस्तुएं मरारीवंशियों को सौंपी जाएं कि वे उनकी रक्षा करें, वे निवास के तख्ते, बेंड़े, खम्भे, कुर्सियां, और सारा सामान; निदान जो कुछ उसके बरतने में काम आए;

3:37b.NUM.003.037 और चारों ओर के आंगन के खम्भे, और उनकी कुर्सियां, खूंटे और डोरियां हों।

3:38b.NUM.003.038 और जो मिलापवाले तम्बू के साम्हने, अर्थात् निवास के साम्हने, पूरब की ओर जहां से सूर्योदय होता है, अपने डेरे डाला करें, वे मूसा और हारून और उसके पुत्रों के डेरे हों, और पवित्रास्थान की रखवाली इस्त्राएलियों के बदले वे ही किया करें, और दूसरा जो कोई उसके समीप आए वह मार डाला जाए।

3:39b.NUM.003.039 यहोवा की इस आज्ञा को पाकर एक महीने की वा उस से अधिक अवस्थावाले जितने लेवीय पुरूषों को मूसा और हारून ने उनके कुलों के अनुसार गिन लिया, वे सब के सब बाईस हजार थे।।

3:40b.NUM.003.040 फिर यहोवा ने मूसा से कहा, इस्त्राएलियों के जितने पहिलौठे पुरूषों की अवस्था एक महीने की वा उस से अधिक है, उन सभों को नाम ले लेकर गिन ले।

3:41b.NUM.003.041 और मेरे लिये इस्त्राएलियों के सब पहिलौठों की सन्ती लेवियों को, और इस्त्राएलियों के पशुओं के सब पहिलौठों की सन्ती लेवियों के पशुओं को ले; मैं यहोवा हूं।

3:42b.NUM.003.042 यहोवा की इस आज्ञा के अनुसार मूसा ने इस्त्राएलियों के सब पहिलौठों को गिन लिया।

3:43b.NUM.003.043 और सब पहिलौठे पुरूष जिनकी अवस्था एक महीने की वा उस से अधिक थी, उनके नामों की गिनती बाईस हजार दो सौ तिहत्तर थी।।

3:44b.NUM.003.044 तब यहोवा ने मूसा से कहा,

3:45b.NUM.003.045 इस्त्राएलियों के सब पहिलौठों की सन्ती लेवियों को, और उनके पशुओं की सन्ती लेवियों के पशुओं को ले; और लेवीय मेरे ही हों; मैं यहोवा हूं।

3:46b.NUM.003.046 और इस्त्राएलियों के पहिलौठों मे से जो दो सौ तिहत्तर गिनती में लेवियों से अधिक हैं, उनके छुड़ाने के लिये,

3:47b.NUM.003.047 पुरूष पीछे पांच शेकेल ले; वे पवित्रास्थान के शेकेल के हिसाब से हों, अर्थात् बीस गेरा का शेकेल हो।

3:48b.NUM.003.048 और जो रूपया उन अधिक पहिलौठों की छुडौती का होगा उसे हारून और उसके पुत्रों को दे देना।

3:49b.NUM.003.049 और जो इस्त्राएली पहिलौठे लेवियों के द्वारा छुड़ाए हुओं से अधिक थे उनके हाथ से मूसा ने छुड़ौती का रूपया लिया।

3:50b.NUM.003.050 और एक हजार तीन सौ पैंसठ शैकेल रूपया पवित्रास्थान के शेकेल के हिसाब से वसूल हुआ।

3:51b.NUM.003.051 और यहोवा की आज्ञा के अनुसार मूसा ने छुड़ाए हुओं का रूपया हारून और उसके पुत्रों को दे दिया।।

4

4:1b.NUM.004.001 फिर यहोवा ने मूसा और हारून से कहा,

4:2b.NUM.004.002 लेवियों में से कहातियों की, उनके कुलों और पितरों के घरानों के अनुसार, गिनती करो,

4:3b.NUM.004.003 अर्थात् तीस वर्ष से लेकर पचास वर्ष तक की अवस्थावालों की सेना में, जितने मिलापवाले तम्बू में कामकाज करने को भरती हैं।

4:4b.NUM.004.004 और मिलापवाले तम्बू में परमपवित्रा वस्तुओं के विषय कहातियों का यह काम होगा,

4:5b.NUM.004.005 अर्थात् जब जब छावनी का कूच हो तब तब हारून और उसके पुत्रा भीतर आकर, बीचवाले पर्दे को उतार के उस से साक्षीपत्रा के सन्दूक को ढंाप दें;

4:6b.NUM.004.006 तब वे उस पर सूइसों की खालों का ओहार डालें, और उसके ऊपर सम्पूर्ण नीले रंग का कपड़ा डालें, और सन्दूक में डण्डों को लगाएं।

4:7b.NUM.004.007 फिर भेंटवाली रोटी की मेज़ पर नीला कपड़ा बिछाकर उस पर परातों, धूपदानों, करवों, और उंडेलने के कटोरों को रखें; और नित्य की रोटी भी उस पर हो;

4:8b.NUM.004.008 तब वे उन पर लाल रंग का कपड़ा बिछाकर उसको सुइसों की खालों के ओहार से ढ़ापे, और मेज़ के डण्डों को लगा दें।

4:9b.NUM.004.009 फिर वे नीले रंग का कपड़ा लेकर दीपकों, गलतराशों, और गुलदानों समेत उजियाला देनेवाले दीवट को, और उसके सब तेल के पात्रों को जिन से उसकी सेवा टहल होती है ढांपे;

4:10b.NUM.004.010 तब वे सारे सामान समेत दीवट को सूइसों की खालों के ओहार के भीतर रखकर डण्डे पर धर दें।

4:11b.NUM.004.011 फिर वे सोने की वेदी पर एक नीला कपड़ा बिछाकर उसको सूइसों की खालों के ओहार के भीतर रखकर डण्डे पर धर दें।

4:12b.NUM.004.012 तब वे सेवा टहल के सारे सामान को लेकर, जिस से पवित्रास्थान में सेवा टहल होली है, नीले कपड़े के भीतर रखकर सूइसों की खालों के ओहार से ढांपे, और डण्डे पर धर दें।

4:13b.NUM.004.013 फिर वे वेदी पर से सब राख उठाकर वेदी पर बैंजनी रंग का कपड़ा बिछाएं;

4:14b.NUM.004.014 तब जिस सामान से वेदी पर की सेवा टहल होती है वह सब, अर्थात् उसके करछे, कांटे, फावड़ियां, और कटोरे आदि, वेदी का सारा सामान उस पर रखें; और उसके ऊपर सूइसों की खालों का ओहार बिछाकर वेदी में डण्डों को लगाएं।

4:15b.NUM.004.015 और जब हारून और उसके पुत्रा छावनी के कूच के समय पवित्रास्थान और उसके सारे सामान को ढंाप चुकें, तब उसके बाद कहाती उसके उठाने के लिये आएं, पर किसी पवित्रा वस्तु को न छुएं, कहीं ऐसा न हो कि मर जाएं। कहातियों के उठाने के लिये मिलापवाले तम्बू की ये ही वस्तुएं हैं।

4:16b.NUM.004.016 और जो वस्तुएं हारून याजक के पुत्रा एलीजार को रक्षा के लिये सौंपी जाएं वे ये हैं, अर्थात् उजियाला देने के लिये तेल, और सुगन्धित धूप, और नित्य अन्नबलि, और अभिषेक का तेल, और सारे निवास, और उस में की सब वस्तुएं, और पवित्रास्थान और उसके कुल समान।।

4:17b.NUM.004.017 फिर यहोवा ने मूसा और हारून से कहा,

4:18b.NUM.004.018 कहातियों के कुलों के गोत्रियों को लेवियों में से नाश न होने देना;

4:19b.NUM.004.019 उसके साथ ऐसा करो, कि जब वे परमपवित्रा वस्तुओं के समीप आएं तब न मरें परन्तु जीवित रहें; अर्थात् हारून और उसके पुत्रा भीतर आकर एक एक के लिये उसकी सेवकाई और उसका भार ठहरा दें,

4:20b.NUM.004.020 और वे पवित्रा वस्तुओं के देखने को क्षण भर के लिये भी भीतर आने न पाएं, कहीं ऐसा न हो कि मर जाएं।।

4:21b.NUM.004.021 फिर यहोवा ने मूसा से कहा,

4:22b.NUM.004.022 गेर्शोनियों की भी गिनती उनके पितरों के घरानों और कुलों के अनुसार कर;

4:23b.NUM.004.023 तीस वर्ष से लेकर पचास वर्ष तक की अवस्थावाले, जितने मिलापवाले तम्बू में सेवा करने को सेना में भरती हों उन सभों को गिन ले।

4:24b.NUM.004.024 सेवा करने और भार उठाने में गेर्शोनियों के कुलवालों की यह सेवकाई हो;

4:25b.NUM.004.025 अर्थात् वे निवास के पटों, और मिलापवाले तम्बू और उसके ओहार, और इसके ऊपरवाले सूइसों की खालों के ओहार, और मिलापवाले तम्बू के द्वार के पर्दे,

4:26b.NUM.004.026 और निवास, और वेदी की चारों ओर के आंगन के पर्दों, और आंगन के द्वार के पर्दे, और उनकी डोरियों, और उन में बरतने के सारे सामान, इन सभों को वे उठाया करें; और इन वस्तुओं से जितना काम होता है वह सब भी उनकी सेवकाई में आए।

4:27b.NUM.004.027 और गेर्शोनियों के वंश की सारी सेवकाई हारून और उसके पुत्रों के कहने से हुआ करे, अर्थात् जो कुछ उनको उठाना, और जो जो सेवकाई उनको करनी हो, उनका सारा भार तुम ही उन्हें सौपा करो।

4:28b.NUM.004.028 मिलापवाले तम्बू में गेर्शोनियों के कुलों की यही सेवकाई ठहरे; और उन पर हारून याजक का पुत्रा ईतामार अधिकार रखे।।

4:29b.NUM.004.029 फिर मरारियों को भी तू उनके कुलों और पितरों के घरानों के अनुसार गिन लें;

4:30b.NUM.004.030 तीस वर्ष से लेकर पचास वर्ष तक की अवस्थावाले, जितने मिलापवाले तम्बू की सेवा करने को सेना में भरती हों, उन सभों को गिन ले।

4:31b.NUM.004.031 और मिलापवाले तम्बू में की जिन वस्तुओं के उठाने की सेवकाई उनको मिले वे ये हों, अर्थात् निवास के तख्ते, बेड़े, खम्भे, और कुर्सियां,

4:32b.NUM.004.032 और चारों ओर आंगन के खम्भे, और इनकी कुर्सियां, खूंटे, डोरियां, और भांति भांति के बरतने का सारा सामान; और जो जो सामान ढ़ोने के लिये उनको सौपा जाए उस में से एक एक वस्तु का नाम लेकर तुम गिन दो।

4:33b.NUM.004.033 मरारियों के कुलों की सारी सेवकाई जो उन्हें मिलापवाले तम्बू के विषय करनी होगी वह यही है; वह हारून याजक के पुत्रा ईतामार के अधिकार में रहे।।

4:34b.NUM.004.034 तब मूसा और हारून और मण्डली के प्रधानों ने कहातियों के वंश को, उनके कुलों और पितरों के घरानों के अनुसार,

4:35b.NUM.004.035 तीस वर्ष से लेकर पचास वर्ष की अवस्था के, जितने मिलापवाले तम्बू की सेवकाई करने को सेना में भरती हुए थे, उन सभों को गिन लिया;

4:36b.NUM.004.036 और जो अपने अपने कुल के अनुसार गिने गए वे दो हजार साढ़े सात सौ थे।

4:37b.NUM.004.037 कहातियों के कुलों में से जितने मिलापवाले तम्बू में सेवा करने वाले गिने गए वे इतने ही थे; जो आज्ञा यहोवा ने मूसा के द्वारा दी थी उसी के अनुसार मूसा और हारून ने इनको गिन लिया।।

4:38b.NUM.004.038 और गेर्शोनियों में से जो अपने कुलों और पितरों के घरानों के अनुसार गिने गए,

4:39b.NUM.004.039 अर्थात् तीस वर्ष से लेकर पचास वर्ष तक की अवस्था के, जो मिलापवाले तम्बू की सेवकाई करने को सेना में भरती हुए थे,

4:40b.NUM.004.040 उनकी गिनती उनके कुलों और पितरों के घरानों के अनुसार दो हजार छ: सौ तीस थी।

4:41b.NUM.004.041 गेर्शोनियों के कुलों में से जितने मिलापवाले तम्बू में सेवा करनेवाले गिने गए वे इतने ही थे; यहोवा की आज्ञा के अनुसार मूसा और हारून ने इनको गिन लिया।।

4:42b.NUM.004.042 फिर मरारियों के कुलों में से जो अपने कुलों और पितरों के घरानों के अनुसार गिने गए,

4:43b.NUM.004.043 अर्थात् तीस वर्ष से लेकर पचास वर्ष तक की अवस्था के, जो मिलापवाले तम्बू की सेवकाई करने को सेना में भरती हुए थे,

4:44b.NUM.004.044 उनकी गिनती उनके कुलों के अनुसार तीन हजार दो सौ थी।

4:45b.NUM.004.045 मरारियों के कुलों में से जिनको मूसा और हारून ने, यहोवा की उस आज्ञा के अनुसार जो मूसा के द्वारा मिली थी, गिन लिया वे इतने ही थे।।

4:46b.NUM.004.046 लेवियों में से जिनको मूसा और हारून और इस्त्राएली प्रधानों ने उनके कुलों और पितरों के घरानों के अनुसार गिन लिया,

4:47b.NUM.004.047 अर्थात् तीस वर्ष से लेकर पचास वर्ष तक की अवस्थावाले, जितने मिलापवाले तम्बू की सेवकाई करने का बोझ उठाने का काम करने को हाजिर होने वाले थे,

4:48b.NUM.004.048 उन सभों की गिनती आठ हजार पांच सौ अस्सी थी।

4:49b.NUM.004.049 ये अपनी अपनी सेवा और बोझ ढ़ोने के अनुसार यहोवा के कहने पर गए। जो आज्ञा यहोवा ने मूसा को दी थी उसी के अनुसार वे गिने गए।।

5

5:1b.NUM.005.001 फिर यहोवा ने मूसा से कहा,

5:2b.NUM.005.002 इस्त्राएलियों को आज्ञा दे, कि वे सब कोढ़ियों को, और जितनों के प्रमेह हो, और जितने लोथ के कारण अशुद्ध हों, उन सभों को छावनी से निकाल दें;

5:3b.NUM.005.003 ऐसों को चाहे पुरूष हों चाहे स्त्री छावनी से निकालकर बाहर कर दें; कहीं ऐसा न हो कि तुम्हारी छावनी, जिसके बीच मैं निवास करता हूं, उनके कारण अशुद्ध हो जाए।

5:4b.NUM.005.004 और इस्त्राएलियों ने वैसा ही किया, अर्थात् ऐसे लोगों को छावनी से निकालकर बाहर कर दिया; जैसा यहोवा ने मूसा से कहा था इस्त्राएलियों ने वैसा ही किया।।

5:5b.NUM.005.005 फिर यहोवा ने मूसा से कहा,

5:6b.NUM.005.006 इस्त्राएलियों से कह, कि जब कोई पुरूष वा स्त्री ऐसा कोई पाप करके जो लोग किया करते हैं यहोवा को विश्वासघात करे, और वह प्राणी दोषी हो,

5:7b.NUM.005.007 तब वह अपना किया हुआ पाप मान ले; और पूरे मूल में पांचवां अंश बढ़ाकर अपने दोष के बदले में उसी को दे, जिसके विषय दोषी हुआ हो।

5:8b.NUM.005.008 परन्तु यदि उस मनुष्य का कोई कुटुम्बी न हो जिसे दोष का बदला भर दिया जाए, तो उस दोष का जो बदला यहोवा को भर दिया जाए वह याजक का हो, और वह उस प्रायश्चित्तवाले मेढ़े से अधिक हो जिस से उसके लिये प्रायश्चित्त किया जाए।

5:9b.NUM.005.009 और जितनी पवित्रा की हुई वस्तुएं इस्त्राएली उठाई हुई भेंट करके याजक के पास लाएं, वे उसी की हों;

5:10b.NUM.005.010 सब मनुष्यों की पवित्रा की हुई वस्तुएं उसी की ठहरें; कोई जो कुछ याजक को दे वह उसका ठहरे।।

5:11b.NUM.005.011 फिर यहोवा ने मूसा से कहा,

5:12b.NUM.005.012 इस्त्राएलियों से कह, कि यदि किसी मनुष्य की स्त्री कुचाल चलकर उसका विश्वासघात करे,

5:13b.NUM.005.013 और कोई पुरूष उसके साथ कुकर्म करे, परन्तु यह बात उसके पति से छिपी हो और खुली न हो, और वह अशुद्ध हो गई, परन्तु न तो उसके विरूद्ध कोई साक्षी हो, और न कुकर्म करते पकड़ी गई हो;

5:14b.NUM.005.014 और उसके पति के मन में जलन उत्पन्न हो, अर्थात् वह अपने स्त्री पर जलने लगे और वह अशुद्ध हुई हो; वा उसके मन में जलन उत्पन्न हो, अर्थात् वह अपनी स्त्री पर जलने लगे परन्तु वह अशुद्ध न हुई हो;

5:15b.NUM.005.015 तो वह पुरूष अपनी स्त्री को याजक के पास ले जाए, और उसके लिये एपा का दसवां अंश जव का मैदा चढ़ावा करके ले आए; परन्तु उस पर तेल न डाले, न लोबान रखे, क्योंकि वह जलनवाला और स्मरण दिलानेवाला, अर्थात् अधर्म का स्मरण करानेवाला अन्नबलि होगा।

5:16b.NUM.005.016 तब याजक उस स्त्री को समीप ले जाकर यहोवा के साम्हने खड़ी करे;

5:17b.NUM.005.017 और याजक मिट्टी के पात्रा में पवित्रा जल ले, और निवासस्थान की भूमि पर की धूलि में से कुछ लेकर उस जल में डाल दे।

5:18b.NUM.005.018 तब याजक उस स्त्री को यहोवा के साम्हने खड़ी करके उसके सिर के बाल बिखराए, और स्मरण दिलानेवाले अन्नबलि को जो जलनवाला है उसके हाथों पर धर दे। और अपने हाथ में याजक कडुवा जल लिये रहे जो शाप लगाने का कारण होगा।

5:19b.NUM.005.019 तब याजक स्त्री को शपथ धरवाकर कहे, कि यदि किसी पुरूष ने तुझ से कुकर्म न किया हो, और तू पति को छोड़ दूसरे की ओर फिरके अशुद्ध न हो गई हो, तो तू इस कडुवे जल के गुण से जो शाप का कारण होता है बची रहे।

5:20b.NUM.005.020 पर यदि तू अपने पति को छोड़ दूसरे की ओर फिरके अशुद्ध हुई हो, और तेरे पति को छोड़ किसी दूसरे पुरूष ने तुझ से प्रसंग किया हो,

5:21b.NUM.005.021 (और याजक उसे शाप देनेवाली शपथ धराकर कहे,) यहोवा तेरी जांघ सड़ाए और तेरा पेट फुलाए, और लोग तेरा नाम लेकर शाप और धिक्कार दिया करें;

5:22b.NUM.005.022 अर्थात् वह जल जो शाप का कारण होता है तेरी अंतड़ियों में जाकर तेरे पेट को फुलाए, और तेरी जांघ को सड़ा दे। तब वह स्त्री कहे, आमीन, आमीन।

5:23b.NUM.005.023 तब याजक शाप के ये शब्द पुस्तक में लिखकर उस कडुवे जल से मिटाके,

5:24b.NUM.005.024 उस स्त्री को वह कडुवा जल पिलाए जो शाप का कारण होगा उस स्त्री के पेट में जाकर कडुवा हो जाएगा।

5:25b.NUM.005.025 और याजक स्त्री के हाथ में से जलनवाले अन्नबलि को लेकर यहोवा के आगे हिलाकर वेदी के समीप पहुंचाए;

5:26b.NUM.005.026 और याजक उस अन्नबलि में से उसका स्मरण दिलानेवाला भाग, अर्थात् मुट्ठी भर लेकर वेदी पर जलाए, और उसके बाद स्त्री को वह जल पिलाए।

5:27b.NUM.005.027 और जब वह उसे वह जल पिला चुके, तब यदि वह अशुद्ध हुई हो और अपने पति का विश्वासघात किया हो, तो वह जल जो शाप का कारण होता है उस स्त्री के पेट में जाकर कडुवा हो जाएगा, और उसका पेट फूलेगा, और उसकी जांघ सड़ जाएगी, और उस स्त्री का नाम उसके लोगों के बीच स्रापित होगा।

5:28b.NUM.005.028 पर यदि वह स्त्री अशुद्ध न हुई हो और शुद्ध ही हो, तो वह निर्दोष ठहरेगी और गर्भिणी हो सकेगी।

5:29b.NUM.005.029 जलन की व्यवस्था यही है, चाहे कोई स्त्री अपने पति को छोड़ दूसरे की ओर फिरके अशुद्ध हो,

5:30b.NUM.005.030 चाहे पुरूष के मन में जलन उत्पन्न हो और वह अपनी स्त्री पर जलने लगे; तो वह उसको यहोवा के सम्मुख खड़ी कर दे, और याजक उस पर यह सारी व्यवस्था पूरी करे।

5:31b.NUM.005.031 तब पुरूष अधर्म से बचा रहेगा, और स्त्री अपने अधर्म का बोझ आप उठाएगी।।

6

6:1b.NUM.006.001 फिर यहोवा ने मूसा से कहा,

6:2b.NUM.006.002 इस्त्राएलियों से कह, कि जब कोई पुरूष वा स्त्री नाज़ीर की मन्नत, अर्थात् अपने को यहोवा के लिये न्यारा करने की विशेष मन्नत माने,

6:3b.NUM.006.003 तब वह दाखमधु आदि मदिरा से न्यारा रहे; वह न दाखमधु का, न और मदिरा का सिरका पीए, और न दाख का कुछ रस भी पीए, वरन दाख न खाए, चाहे हरी हो चाहे सूखी।

6:4b.NUM.006.004 जितने दिन यह न्यारा रहे उतने दिन तक वह बीज से ले छिलके तक, जो कुछ दाखलता से उत्पन्न होता है, उस में से कुछ न खाए।

6:5b.NUM.006.005 फिर जितने दिन उस ने न्यारे रहने की मन्नत मानी हो उतने दिन तक वह अपने सिर पर छुरा न फिराए; और जब तक वे दिन पूरे न हों जिन में वह यहोवा के लिये न्यारा रहे तब तक वह पवित्रा ठहरेगा, और अपने सिर के बालों को बढ़ाए रहे।

6:6b.NUM.006.006 जितने दिन वह यहोवा के लिये न्यारा रहे उतने दिन तक किसी लोथ के पास न जाए।

6:7b.NUM.006.007 चाहे उसका पिता, वा माता, वा भाई, वा बहिन भी मरे, तौभी वह उनके कारण अशुद्ध न हो; क्योंकि अपने परमेश्वर के लिये न्यारा रहने का चिन्ह उसके सिर पर होगा।

6:8b.NUM.006.008 अपने न्यारे रहने के सारे दिनों में वह यहोवा के लिये पवित्रा ठहरा रहे।

6:9b.NUM.006.009 और यदि कोई उसके पास अचानक मर जाए, और उसके न्यारे रहने का जो चिन्ह उसके सिर पर होगा वह अशुद्ध हो जाए, तो वह शुद्ध होने के दिन, अर्थात् सातवें दिन अपने सिर मुंड़ाए।

6:10b.NUM.006.010 और आठवें दिन वह दो पंडुक वा कबूतरी के दो बच्चे मिलापवाले तम्बू के द्वार पर याजक के पास ले जाए,

6:11b.NUM.006.011 और याजक एक को पापबलि, और दूसरे को होमबलि करके उसके लिये प्रायश्चित्त करे, क्योंकि वह लोथ के कारण पापी ठहरा है। और याजक उसी दिन उसका सिर फिर पवित्रा करे,

6:12b.NUM.006.012 और वह अपने न्यारे रहने के दिनों को फिर यहोवा के लिये न्यारे ठहराए, और एक वर्ष का एक भेड़ का बच्चा दोषबलि करके ले आए; और जो दिन इस से पहिले बीत गए हों वे व्यर्थ गिने जाए, क्योंकि उसके न्यारे रहने का चिन्ह अशुद्ध हो गया।।

6:13b.NUM.006.013 फिर जब नाज़ीर के न्यारे रहने के दिन पूरे हों, उस समय के लिये उसकी यह व्यवस्था है; अर्थात् वह मिलापवाले तम्बू के द्वार पर पहुंचाया जाए,

6:14b.NUM.006.014 और वह यहोवा के लिये होमबलि करके एक वर्ष का एक निर्दोष भेड़ का बच्चा पापबलि करके, और एक वर्ष की एक निर्दोष भेड़ की बच्ची, और मेलबलि के लिये एक निर्दोष मेढ़ा,

6:15b.NUM.006.015 और अखमीरी रोटियों की एक टोकरी, अर्थात् तेल से सने हुए मैदे के फुलके, और तेल से चुपड़ी हुई अखमीरी पपड़ियां, और उन बलियों के अन्नबलि और अर्घ; ये सब चढ़ावे समीप ले जाए।

6:16b.NUM.006.016 इन सब को याजक यहोवा के साम्हने पहुंचाकर उसके पापबलि और होमबलि को चढ़ाए,

6:17b.NUM.006.017 और अखमीरी रोटी की टोकरी समेत मेढ़े को यहोवा के लिये मेलबलि करके, और उस मेलबलि के अन्नबलि और अर्घ को भी चढ़ाए।

6:18b.NUM.006.018 तब नाज़ीर अपने न्यारे रहने के चिन्हवाले सिर को मिलापवाले तम्बू के द्वार पर मुण्डाकर अपने बालों को उस आग पर डाल दे जो मेलबलि के नीचे होगी।

6:19b.NUM.006.019 फिर जब नाज़ीर अपने न्यारे रहने के चिन्हवाले सिर को मुण्डा चुके तब याजक मेढ़े को पकाया हुआ कन्धा, और टोकरी में से एक अखमीरी रोटी, और एक अखमीरी पपड़ी लेकर नाज़ीर के हाथों पर धर दे,

6:20b.NUM.006.020 और याजक इनको हिलाने की भेंट करके यहोवा के साम्हने हिलाए; हिलाई हुई छाती और उठाई हुई जांघ समेत ये भी याजक के लिये पवित्रा ठहरें; इसके बाद वह नाज़ीर दाखमधु पी सकेगा।

6:21b.NUM.006.021 नाज़ीर की मन्नत की, और जो चढ़ावा उसको अपने न्यारे होने के कारण यहोवा के लिये चढ़ाना होगा उसकी भी यही व्यवस्था है। जो चढ़ावा वह अपनी पूंजी के अनुसार चढ़ा सके, उस से अधिक जैसी मन्नत उस ने मानी हो, वैसे ही अपने न्यारे रहने की व्यवस्था के अनुसार उसे करना होगा।।

6:22b.NUM.006.022 फिर यहोवा ने मूसा से कहा,

6:23b.NUM.006.023 हारून और उसके पुत्रों से कह, कि तुम इस्त्राएलियों को इन वचनों से आशीर्वाद दिया करना कि,

6:24b.NUM.006.024 यहोवा तुझे आशीष दे और तेरी रक्षा करे:

6:25b.NUM.006.025 यहोवा तुझ पर अपने मुख का प्रकाश चमकाए, और तुझ पर अनुग्रह करे:

6:26b.NUM.006.026 यहोवा अपना मुख तेरी ओर करे, और तुझे शांति दे।

6:27b.NUM.006.027 इस रीति से मेरे नाम को इस्त्राएलियों पर रखें, और मैं उन्हें आशीष दिया करूंगा।।

7

7:1b.NUM.007.001 फिर जब मूसा ने निवास को खड़ा किया, और सारे सामान समेत उसका अभिषेक करके उसको पवित्रा किया, और सारे सामान समेत वेदी का भी अभिषेक करके उसे पवित्रा किया,

7:2b.NUM.007.002 तब इस्त्राएल के प्रधान जो अपने अपने पितरों के घरानों के मुख्य पुरूष, और गोत्रों के भी प्रधान होकर गिनती लेने के काम पर नियुक्त थे,

7:3b.NUM.007.003 वे यहोवा के साम्हने भेंट ले आए, और उनकी भेंट छ: छाई हुई गाड़ियां और बारह बैल थे, अर्थात् दो दो प्रधान की ओर से एक एक गाड़ी, और एक एक प्रधान की ओर से एक एक बैल; इन्हें वे निवास के साम्हने यहोवा के समीप ले गए।

7:4b.NUM.007.004 तब यहोवा ने मूसा से कहा,

7:5b.NUM.007.005 उन वस्तुओं को तू उन से ले ले, कि मिलापवाले तम्बू के बरतन में काम आएं, सो तू उन्हें लेवियों के एक एक कुल की विशेष सेवकाई के अनुसार उनको बांट दे।

7:6b.NUM.007.006 सो मूसा ने वे सब गाड़ियां और बैल लेकर लेवियों को दे दिये।

7:7b.NUM.007.007 गेर्शोनियों को उनकी सेवकाई के अनुसार उस ने दो गाड़ियां और चार बैल दिए;

7:8b.NUM.007.008 और मरारियों को उनकी सेवकाई के अनुसार उस ने चार गाड़ियां और आठ बैल दिए; ये सब हारून याजक के पुत्रा ईतामार के अधिकार में किए गए।

7:9b.NUM.007.009 और कहातियों को उस ने कुछ न दिया, क्योंकि उनके लिये पवित्रा वस्तुओं की यह सेवकाई थी कि वह उसे अपने कन्धों पर उठा लिया करें।।

7:10b.NUM.007.010 फिर जब वेदी का अभिषेक हुआ तब प्रधान उसके संस्कार की भेंट वेदी के आगे समीप ले जाने लगे।

7:11b.NUM.007.011 तब यहोवा ने मूसा से कहा, वेदी के संस्कार के लिये प्रधान लोग अपनी अपनी भेंट अपने अपने नियत दिन पर चढ़ाएं।।

7:12b.NUM.007.012 सो जो पुरूष पहिले दिन अपनी भेंट ले गया वह यहूदा गोत्रावाले अम्मीनादाब का पुत्रा महशोन था;

7:13b.NUM.007.013 उसकी भेंट यह थी, अर्थात् पवित्रास्थानवाले शेकेल के हिसाब से एक सौ तीस शेकेल चांदी का एक परात, और सत्तर शेकेल चांदी का एक कटोरा, ये दोनों अन्नबलि के लिये तेल से सने हुए और मैदे से भरे हुए थे;

7:14b.NUM.007.014 फिर धूप से भरा हुआ दस शेकेल सोने का एक धूपदान;

7:15b.NUM.007.015 होमबलि के लिये एक बछड़ा, एक मेढ़ा, और एक वर्ष का एक भेड़ी का बच्चा;

7:16b.NUM.007.016 पापबलि के लिये एक बकरा;

7:17b.NUM.007.017 और मेलबलि के लिये दो बैल, और पांच मेढ़े, और पांच बकरे, और एक एक वर्ष के पांच बकरे, और एक एक वर्ष के पांच भेड़ी के बच्चे। अम्मीनादाब के पुत्रा महशोन की यही भेंट थी।।

7:18b.NUM.007.018 और दूसरे दिन इस्साकार का प्रधान सूआर का पुत्रा नतनेल भेंट ले आया;

7:19b.NUM.007.019 वह यह थी, अर्थात् पवित्रास्थानवाले शेकेल के हिसाब से एक सौ तीस शेकेल चांदी का एक परात, और सत्तर शेकेल चांदी का एक कटोरा, ये दोनों अन्नबलि के लिये तेल से सने हुए और मैदे से भरे हुए थे;

7:20b.NUM.007.020 फिर धूप से भरा हुआ दस शेकेल सोने का एक धूपदान;

7:21b.NUM.007.021 होमबलि के लिये एक बछड़ा, एक मेढ़ा, और एक वर्ष का एक भेड़ी का बच्चा;

7:22b.NUM.007.022 पापबलि के लिये एक बकरा;

7:23b.NUM.007.023 और मेलबलि के लिये दो बैल, और पांच मेढ़े, और पांच बकरे, और एक एक वर्ष के पांच भेड़ी के बच्चे। सूआर के पुत्रा नतनेल की यहीं भेंट थी।।

7:24b.NUM.007.024 और तीसरे दिन जबूलूनियों का प्रधान हेलोन का पुत्रा एलीआब यह भेंट ले आया,

7:25b.NUM.007.025 अर्थात् पवित्रास्थानवाले शेकेल के हिसाब से एक सौ तीस शेकेल चांदी का एक परात, और सत्तर शेकेल चांदी का एक कटोरा, ये दोनों अन्नबलि के लिये तेल से सने हुए और मैदे से भरे हुए थे;

7:26b.NUM.007.026 फिर धूप से भरा हुआ दस शेकेल सोने का एक धूपदान;

7:27b.NUM.007.027 होमबलि के लिये एक बछड़ा, एक मेढ़ा, और एक वर्ष का एक भेड़ी का बच्चा;

7:28b.NUM.007.028 पापबलि के लिये एक बकरा;

7:29b.NUM.007.029 और मेलबलि के लिये दो बैल, और पांच मेढ़े, और पांच बकरे, और एक एक वर्ष के पांच भेड़ी के बच्चे। हेलोन के पुत्रा एलीआब की यहीं भेंट थी।।

7:30b.NUM.007.030 और चौथे दिन रूबेनियों का प्रधान शदेऊर का पुत्रा एलीसूर यह भेंट ले आया,

7:31b.NUM.007.031 अर्थात् पवित्रास्थानवाले शेकेल के हिसाब से एक सौ तीस शेकेल चांदी का एक परात, और सत्तर शेकेल चांदी का एक कटोरा, ये दोनों अन्नबलि के लिये तेल से सने हुए और मैदे से भरे हुए थे;

7:32b.NUM.007.032 फिर धूप से भरा हुआ दस शेकेल सोने का एक धूपदान;

7:33b.NUM.007.033 होमबलि के लिये एक बछड़ा, और एक मेढ़ा, और एक वर्ष का एक भेड़ी का बच्चा;

7:34b.NUM.007.034 पापबलि के लिये एक बकरा;

7:35b.NUM.007.035 और मेलबलि के लिये दो बैल, और पांच मेढ़े, और पांच बकरे, और एक एक वर्ष के पांच भेड़ी के बच्चे। शदेऊर के पुत्रा एलीसूर की यहीं भेंट थी।।

7:36b.NUM.007.036 और पांचवें दिन शिमोनियों का प्रधान सूरीश ै का पुत्रा शलूमीएल यह भेंट ले आया,

7:37b.NUM.007.037 अर्थात् पवित्रास्थानवाले शेकेल के हिसाब से एक सौ तीस शेकेल चांदी का एक परात, और सत्तर शेकेल चांदी का एक कटोरा, ये दोनों अन्नबलि के लिये तेल से सने हुए और मैदे से भरे हुए थे;

7:38b.NUM.007.038 फिर धूप से भरा हुआ दस शेकेल सोने का एक धूपदान;

7:39b.NUM.007.039 होमबलि के लिये एक बछड़ा, और एक मेढ़ा, और एक वर्ष का एक भेड़ी का बच्चा;

7:40b.NUM.007.040 पापबलि के लिये एक बकरा;

7:41b.NUM.007.041 और मेलबलि के लिये दो बैल, और पांच मेढ़े, और पंाच बकरे, और एक एक वर्ष के पांच भेड़ी के बच्चे। सूरीश ै के पुत्रा शलूमीएल की यही भेंट थी।।

7:42b.NUM.007.042 और छठवें दिन गादियों का प्रधान दूएल का पुत्रा एल्यासाप यह भेंट ले आया,

7:43b.NUM.007.043 अर्थात् पवित्रास्थानवाले शेकेल के हिसाब से एक सौ तीस शेकेल चांदी का एक परात, और सत्तर शेकेल चांदी का एक कटोरा ये दोनों अन्नबलि के लिये तेल से सने हुए और मैदे से भरे हुए थे;

7:44b.NUM.007.044 फिर धूप से भरा हुआ दस शेकेल सोने का एक धूपदान;

7:45b.NUM.007.045 होमबलि के लिये एक बछड़ा, और एक मेढ़ा, और एक वर्ष का एक भेड़ी का बच्चा;

7:46b.NUM.007.046 पापबलि के लिये एक बकरा;

7:47b.NUM.007.047 और मेलबलि के लिये दो बैल, और पांच मेढ़े, और पांच बकरे, और एक एक वर्ष के पांच भेड़ी के बच्चे। दूएल के पुत्रा एल्यासाप की यहीं भेंट थी।।

7:48b.NUM.007.048 और सातवें दिन एप्रैमियों का प्रधान अम्मीहूद का पुत्रा एलीशामा यह भेंट ले आया,

7:49b.NUM.007.049 अर्थात् पवित्रास्थानवाले शेकेल के हिसाब से एक सौ तीस शेकेल चांदी का एक कटोरा, ये दोनों अन्नबलि के लिये तेल से सने हुए और मैदे से भरे हुए थे;

7:50b.NUM.007.050 फिर धूप से भरा हुआ दस शेकेल सोने का एक धूपदान;

7:51b.NUM.007.051 होमबलि के लिये एक बछड़ा, एक मेढ़ा, और एक वर्ष का एक भेड़ी का बच्चा;

7:52b.NUM.007.052 पापबलि के लिये एक बकरा;

7:53b.NUM.007.053 और मेलबलि के लिये दो बैल, और पांच मेढ़े, और पांच बकरे, और एक एक वर्ष के पांच भेड़ी के बच्चे। अम्मीहूद के पुत्रा एलीशामा की यहीं भेंट थी।।

7:54b.NUM.007.054 और आठवें दिन मनश्शेइयों का प्रधान पदासूर का पुत्रा गम्लीएल यह भेंट ले आया,

7:55b.NUM.007.055 अर्थात् पवित्रास्थान के शेकेल के हिसाब से एक सो तीस शेकेल चांदी का एक परात, और सत्तर शेकेल चांदी का एक कटोरा, ये दोनों अन्नबलि के लिये तेल से सने हुए और मैदे से भरे हुए थे;

7:56b.NUM.007.056 फिर धूप से भरा हुआ दस शेकेल सोने का एक धूपदान;

7:57b.NUM.007.057 होमबलि के लिये एक बछड़ा, और एक मेढ़ा, और एक वर्ष का एक भेड़ी का बच्चा;

7:58b.NUM.007.058 पापबलि के लिये एक बकरा;

7:59b.NUM.007.059 और मेलबलि के लिये दो बैल, और पांच मेढ़े, और पांच बकरे, और एक एक वर्ष के पांच भेडी के बच्चे। पदासूर के पुत्रा गम्लीएल की यहीं भेंट थी।।

7:60b.NUM.007.060 और नवें दिन बिन्यामीनियों का प्रधान गिदोनी का पुत्रा अबीदान यह भेंट ले आया,

7:61b.NUM.007.061 अर्थात् पवित्रास्थान के शेकेल के हिसाब से एक सौ तीस शेकेल चांदी का एक परात, और सत्तर शेकेल चांदी का एक कटोरा, ये दोनों अन्नबलि के लिये तेल से सने हुए और मैदे से भरे हुए थे;

7:62b.NUM.007.062 फिर धूप से भरा हुआ दस शेकेल सोने का एक धूपदान;

7:63b.NUM.007.063 होमबलि के लिये एक बछड़ा, और एक मेढ़ा, और एक वर्ष का एक भेड़ी का बच्चा;

7:64b.NUM.007.064 पापबलि के लिये एक बकरा;

7:65b.NUM.007.065 और मेलबलि के लिये दो बैल, और पांच मेढ़े, और पांच बकरे, और एक एक वर्ष के पांच भेड़ी के बच्चे। गिदोनी के पुत्रा अबीदान की यही भेंट थी।।

7:66b.NUM.007.066 और दसवें दिन दानियों का प्रधान अम्मीश ै का पुत्रा अखीआज़र यह भेंट ले आया,

7:67b.NUM.007.067 अर्थात् पवित्रास्थान के शेकेल के हिसाब से एक सौ तीस शेकेल चांदी का एक परात, और सत्तर शेकेल चांदी का एक कटोरा, ये दोनों अन्नबलि के लिये तेल से सने हुए और मैदे से भरे हुए थे;

7:68b.NUM.007.068 फिर धूप से भरा हुआ दस शेकेल सोने का एक धूपदान;

7:69b.NUM.007.069 होमबलि के लिये बछड़ा, और एक मेढ़ा, और एक वर्ष का एक भेड़ी का बच्चा;

7:70b.NUM.007.070 पापबलि के लिये एक बकरा;

7:71b.NUM.007.071 और मेलबलि के लिये दो बैल, और पांच मेढ़े, और पांच बकरे, और एक एक वर्ष के पांच भेड़ी के बच्चे। अम्मीश ै के पुत्रा अखीआज़र की यही भेंट थी।।

7:72b.NUM.007.072 और ग्यारहवें दिन आशेरियों का प्रधान ओक्रान का पुत्रा पजीएल यह भेंट ले आया।

7:73b.NUM.007.073 अर्थात् पवित्रास्थान के शेकेल के हिसाब से एक सौ तीस शेकेल चांदी का एक परात, और सत्तर शेकेल चांदी का एक कटोरा, ये दोनों अन्नबलि के लिये तेल से सने हुए और मैदे से भरे हुए थे;

7:74b.NUM.007.074 फिर धूप से भरा हुआ दस शेकेल सोने का धूपदान;

7:75b.NUM.007.075 होमबलि के लिये एक बछड़ा, और एक मेढ़ा, और एक वर्ष का एक भेड़ी का बच्चा;

7:76b.NUM.007.076 पापबलि के लिये एक बकरा;

7:77b.NUM.007.077 और मेलबलि के लिये दो बैल, और पांच मेढ़े, और पांच बकरे, और एक एक वर्ष के पांच भेड़ी के बच्चे। ओक्रान के पुत्रा पजीएल की यहीं भेंट थी।।

7:78b.NUM.007.078 और बारहवें दिन नप्तालियों का प्रधान एनान का पुत्रा अहीरा यह भेंट ले आया,

7:79b.NUM.007.079 अर्थात् पवित्रास्थान के शेकेल के हिसाब से एक सौ तीस शेकेल चांदी का एक परात, और सत्तर शेकेल चांदी का एक कटोरा, ये दोनों अन्नबलि के लिये तेल से सने हुए और मैदे से भरे हुए थे;

7:80b.NUM.007.080 फिर धूप से भरा हुआ दस शेकेल सोने का एक धूपदान;

7:81b.NUM.007.081 होमबलि के लिये एक बछड़ा, और एक मेढ़ा, और एक वर्ष का एक भेड़ी का बच्चा;

7:82b.NUM.007.082 पापबलि के लिये एक बकरा;

7:83b.NUM.007.083 और मेलबलि के लिये दो बैल, और पांच मेढ़े, और पांच बकरे, और एक एक वर्ष के पांच भेड़ी के बच्चे। एनान के पुत्रा अहीरा की यही भेंट थी।।

7:84b.NUM.007.084 वेदी के अभिषेक के समय इस्त्राएल के प्रधानों की ओर से उसके संस्कार की भेंट यही हुई, अर्थात् चांदी के बारह परात, चांदी के बारह कटोरे, और सोने के बारह धूपदान।

7:85b.NUM.007.085 एक एक चांदी का परात एक सौ तीस शेकेल का, और एक एक चांदी का कटोरा सत्तर शेकेल का था; और पवित्रास्थान के शेकेल के हिसाब से ये सब चांदी के पात्रा दो हजार चार सौ शेकेल के थे।

7:86b.NUM.007.086 फिर धूप से भरे हुए सोने के बारह धूपदान जो पवित्रास्थान के शेकेल के हिसाब से दस दस शेकेल के थे, वे सब धूपदान एक सौ बीस शेकेल सोने के थे।

7:87b.NUM.007.087 फिर होमबलि के लिये सब मिलाकर बारह बछड़े, बारह मेढ़े, और एक एक वर्ष के बारह भेड़ी के बच्चे, अपने अपने अन्नबलि सहित थे; फिर पापबलि के सब बकरे बारह थे;

7:88b.NUM.007.088 और मेलबलि के लिये सब मिला कर चौबीस बैल, और साठ मेढ़े, और साठ बकरे, और एक एक वर्ष के साठ भेड़ी के बच्चे थे। वेदी के अभिषेक होने के बाद उसके संस्कार की भेंट यही हुई।

7:89b.NUM.007.089 और जब मूसा यहोवा से बातें करने को मिलापवाले तम्बू में गया, तब उस ने प्रायश्चित्त के ढकने पर से, जो साक्षीपत्रा के सन्दूक के ऊपर था, दोनों करूबों के मध्य में से उसकी आवाज सुनी जो उस से बातें कर रहा था; और उस ने ( यहोवा ) उस से बातें की।।

8

8:1b.NUM.008.001 फिर यहोवा ने मूसा से कहा,

8:2b.NUM.008.002 हारून को समझाकर यह कह, कि जब जब तू दीपकों को बारे तब तब सातों दीपक का प्रकाश दीवट के साम्हने हो।

8:3b.NUM.008.003 निदान हारून ने वैसा ही किया, अर्थात् जो आज्ञा यहोवा ने मूसा को दी थी उसी के अनुसार उस ने दीपकों को बारा, कि वे दीवट के साम्हने उजियाला दे।

8:4b.NUM.008.004 और दीवट की बनावट यह थी, अर्थात् यह पाए से लेकर फूलों तक गढ़े हुए सोने का बनाया गया था; जो नमूना यहोवा ने मूसा को दिखलाया था उसी के अनुसार उस ने दीवट को बनाया।।

8:5b.NUM.008.005 फिर यहोवा ने मूसा से कहा,

8:6b.NUM.008.006 इस्त्राएलियों के मध्य में से लेवियों को अलग लेकर शुद्ध कर।

8:7b.NUM.008.007 उन्हें शुद्ध करने के लिये तू ऐसा कर, कि पावन करने वाला जल उन पर छिड़क दे, फिर वे सर्वांग मुण्डन कराएं, और वस्त्रा धोएं, और वे अपने को स्वचछ करें।

8:8b.NUM.008.008 तब वे तेल से सने हुए मैदे के अन्नबलि समेत एक बछड़ा ले लें, और तू पापबलि के लिये एक दूसरा बछड़ा लेना।

8:9b.NUM.008.009 और तू लेवियों को मिलापवाले तम्बू के साम्हने समीप पहुंचाना, और इस्त्राएलियों की सारी मण्डली को इकट्ठा करना।

8:10b.NUM.008.010 तब तू लेवियों को यहोवा के आगे समीप ले आना, और इस्त्राएली अपने अपने हाथ उन पर रखें,

8:11b.NUM.008.011 तब हारून लेवियों को यहोवा के साम्हने इस्त्राएलियों की ओर से हिलाई हुई भेंट करके अर्पण करे, कि वे यहोवा की सेवा करनेवाले ठहरें।

8:12b.NUM.008.012 और लेवीय अपने अपने हाथ उन बछड़ों के सिरों पर रखें; तब तू लेवियों के लिये प्रायश्चित्त करने को एक बछड़ा पापबलि और दूसरा होमबलि करके यहोवा के लिये चढ़ाना।

8:13b.NUM.008.013 और लेवियों को हारून और उसके पुत्रों के सम्मुख खड़ा करना, और उनको हिलाने की भेंट के लिये यहोवा को अपर्ण करना।

8:14b.NUM.008.014 और उन्हें इस्त्राएलियों में से अलग करना, सो वे मेरे ही ठहरेंगे।

8:15b.NUM.008.015 और जब तू लेवियों को शुद्ध करके हिलाई हुई भेंट के लिये अर्पण कर चुके, उसके बाद वे मिलापवाले तम्बू सम्बन्धी सेवा टहल करने के लिये अन्दर आया करें।

8:16b.NUM.008.016 क्योंकि वे इस्त्राएलियों मे से मुझे पूरी रीति से अर्पण किए हुए हैं; मै ने उनको सब इस्त्राएलियों में से एक एक स्त्री के पहिलौठे की सन्ती अपना कर लिया है।

8:17b.NUM.008.017 इस्त्राएलियों के पहिलौठे, चाहे मनुष्य के हों चाहे पशु के, सब मेरे हैं; क्योंकि मैं ने उन्हें उस समय अपने लिये पवित्रा ठहराया जब मैं ने मि देश के सब पहिलौठों को मार डाला।

8:18b.NUM.008.018 और मैं ने इस्त्राएलियों के सब पहिलौठों के बदले लेवियों को लिया है।

8:19b.NUM.008.019 उन्हे लेकर मै ने हारून और उसके पुत्रों को इस्त्राएलियों में से दान करके दे दिया है, कि वे मिलापवाले तम्बू में इस्त्राएलियों के निमित्त सेवकाई और प्रायश्चित्त किया करें, कहीं ऐसा न हो कि जब इस्त्राएली पवित्रास्थान के समीप आएं तब उन पर कोई महाविपत्ति आ पड़े।

8:20b.NUM.008.020 लेवियों के विषय यहोवा की यह आज्ञा पाकर मूसा और हारून और इस्त्राएलियों की सारी मण्डली ने उनके साथ ठीक वैसा ही किया।

8:21b.NUM.008.021 लेवियों ने तो अपने को पाप से पावन किया, और अपने वस्त्रों को धो डाला; और हारून ने उन्हें यहोवा के साम्हने हिलाई हुई भेंट के निमित्त अर्पण किया, और उन्हें शुद्ध करने को उनके लिये प्राशिचाय्त्त भी किया।

8:22b.NUM.008.022 और उसके बाद लेवीय हारून और उसके पुत्रों के साम्हने मिलापवाले तम्बू में अपनी अपनी सेवकाई करने को गए; और जो आज्ञा यहोवा ने मूसा को लेवियों के विषय में दी थी उसी के अनुसार वे उन से व्यवहार करने लगे।।

8:23b.NUM.008.023 फिर यहोवा ने मूसा से कहा,

8:24b.NUM.008.024 जो लेवियों को करना है वह यह है, कि पच्चाीस वर्ष की अवस्था से लेकर उस से अधिक आयु में वे मिलापवाले तम्बू सम्बन्धी काम करने के लिये भीतर उपस्थित हुआ करें;

8:25b.NUM.008.025 और जब पचास वर्ष के हों तो फिर उस सेवा के लिये न आए और न काम करें;

8:26b.NUM.008.026 परन्तु वे अपने भाई बन्धुओं के साथ मिलापवाले तम्बू के पास रक्षा का काम किया करें, और किसी प्रकार की सेवकाई न करें। लेवियों को जो जो काम सौंपे जाएं उनके विषय तू उन से ऐसा ही करना।।

9

9:1b.NUM.009.001 इस्त्राएलियों के मि देश से निकलने के दूसरे वर्ष के पहिले महीने में यहोवा ने सीनै के जंगल में मूसा से कहा,

9:2b.NUM.009.002 इस्त्राएली फसह नाम पर्ब्ब को उसके नियत समय पर माना करें।

9:3b.NUM.009.003 अर्थात् इसी महीने के चौदहवें दिन को गोधूलि के समय तुम लोग उसे सब विधियों और नियमों के अनुसार मानना।

9:4b.NUM.009.004 तब मूसा ने इस्त्राएलियों से फसह मानने के लिये कह दिया।

9:5b.NUM.009.005 और उन्हों ने पहले महीने के चौदहवें दिन को गोधूलि के समय सीनै के जंगल में फसह को माना; और जो जो आज्ञाएं यहोवा ने मूसा को दी थीं उन्हीं के अनुसार इस्त्राएलियों ने किया।

9:6b.NUM.009.006 परन्तु कितने लोग किसी मनुष्य की लोथ के द्वारा अशुद्ध होने के कारण उस दिन फसह को न मान सके; वे उसी दिन मूसा और हारून के समीप जाकर मूसा से कहने लगे,

9:7b.NUM.009.007 हम लोग एक मनुष्य की लोथ के कारण अशुद्ध हैं; परन्तु हम क्यों रूके रहें, और इस्त्राएलियों के संग यहोवा का चढ़ावा नियत समय पर क्यों न चढ़ाएं?

9:8b.NUM.009.008 मूसा ने उन से कहा, ठहरे रहो, मै सुन लूं कि यहोवा तुम्हारे विषय में क्या आज्ञा देता है।

9:9b.NUM.009.009 यहोवा ने मूसा से कहा,

9:10b.NUM.009.010 इस्त्राएलियों से कह, कि चाहे तुम लोग चाहे तुम्हारे वंश में से कोई भी किसी लोथ के कारण अशुद्ध हो, वा दूर की यात्रा पर हो, तौभी वह यहोवा के लिये फसह को माने।

9:11b.NUM.009.011 वे उसे दूसरे महीने के चौदहवें दिन को गोधूलि के समय मानें; और फसह के बलिपशु के मांस को अखमीरी रोटी और कडुए सागपात के साथ खाएं।

9:12b.NUM.009.012 और उस में से कुछ भी बिहान तक न रख छोड़े, और न उसकी कोई हड्डी तोड़े; वे उस पर्ब्ब को फसह की सारी विधियों के अनुसार मानें।

9:13b.NUM.009.013 परन्तु जो मनुष्य शुद्ध हो और यात्रा पर न हो, परन्तु फसह के पर्ब्ब को न माने, वह प्राणी अपने लोगों में से नाश किया जाए, उस मनुष्य को यहोवा का चढ़ावा नियत समय पर न ले आने के कारण अपने पाप का बोझ उठाना पड़ेगा।

9:14b.NUM.009.014 और यदि कोई परदेशी तुम्हारे साथ रहकर चाहे कि यहोवा के लिये फसह माने, तो वह उसी विधि और नियम के अनुसार उसको माने; देशी और परदेशी दोनों के लिये तुम्हारी एक ही विधि हो।।

9:15b.NUM.009.015 जिस दिन निवास जो साक्षी का तम्बू भी कहलाता है खड़ा किया गया, उस दिन बादल उस पर छा गया; और सन्ध्या को वह निवास पर आग सा दिखाई दिया और भोर तक दिखाई देता रहा।

9:16b.NUM.009.016 और नित्य ऐसा ही हुआ करता था; अर्थात् दिन को बादल छाया रहता, और रात को आग दिखाई देती थी।

9:17b.NUM.009.017 और जब जब वह बादल तम्बू पर से उठ जाता तब इस्त्राएली प्रस्थान करते थे; और जिस स्थान पर बादल ठहर जाता वहीं इस्त्राएली अपने डेरे खड़े करते थे।

9:18b.NUM.009.018 यहोवा की आज्ञा से इस्त्राएली कूच करते थे, और यहोवा ही की आज्ञा से वे डेरे खड़े भी करते थे; और जितने दिन तक वह बादल निवास पर ठहरा रहता उतने दिन तक वे डेरे डाले पड़े रहते थे।

9:19b.NUM.009.019 और जब जब बादल बहुत दिन निवास पर छाया रहता तब इस्त्राएली यहोवा की आज्ञा मानते, और प्रस्थान नहीं करते थे।

9:20b.NUM.009.020 और कभी कभी वह बादल थोड़े ही दिन तक निवास पर रहता, और तब भी वे यहोवा की आज्ञा से डेरे डाले पड़े रहते थे और फिर यहोवा की आज्ञा ही से प्रस्थान करते थे।

9:21b.NUM.009.021 और कभी कभी बादल केवल सन्ध्या से भोर तक रहता; और जब वह भोर को उठ जाता था तब वे प्रस्थान करते थे, और यदि वह रात दिन बराबर रहता तो जब बादल उठ जाता तब ही वे प्रस्थान करते थे।

9:22b.NUM.009.022 वह बादल चाहे दो दिन, चाहे एक महीना, चाहे वर्ष भर, जब तक निवास पर ठहरा रहता तब तक इस्त्राएली अपने डेरों में रहते और प्रस्थान नहीं करते थे; परन्तु जब वह उठ जाता तब वे प्रस्थान करते थे।

9:23b.NUM.009.023 यहोवा की आज्ञा से वे अपने डेरें खड़े करते, और यहोवा ही की आज्ञा से वे प्रस्थान करते थे; जो आज्ञा यहोवा मूसा के द्वारा देता था उसको वे माना करते थे।।

10

10:1b.NUM.010.001 फिर यहोवा ने मूसा से कहा,

10:2b.NUM.010.002 चांदी की दो तुरहियां गढ़के बनाई जाएं; तू उनको मण्डली के बुलाने, और छावनियों के प्रस्थान करने में काम में लाना।

10:3b.NUM.010.003 और जब वे दोनों फंूकी जाएं, तब सारी मण्डली मिलापवाले तम्बू के द्वार पर तेरे पास इकट्ठी हो जाए।

10:4b.NUM.010.004 और यदि एक ही तुरही फूंकी जाए, तो प्रधान लोग जो इस्त्राएल के हजारों के मुख्य पुरूष हैं तेरे पास इकट्ठे हो जाएं।

10:5b.NUM.010.005 जब तुम लोग सांस बान्धकर फूंको, तो पूरब दिशा की छावनियों का प्रस्थान हो।

10:6b.NUM.010.006 और जब तुम दूसरी बेर सांस बान्धकर फूंको, तब दक्खिन दिशा की छावनियों का प्रस्थान हो। उनके प्रस्थान करने के लिये वे सांस बान्धकर फूंकें।

10:7b.NUM.010.007 और जब लोगों को इकट्ठा करके सभा करनी हो तब भी फूंकना परन्तु सांस बान्धकर नहीं।

10:8b.NUM.010.008 और हारून के पुत्रा जो याजक हैं वे उन तुरहियों को फूंका करें। यह बात तुम्हारी पीढ़ी- पीढ़ी के लिये सर्वदा की विधि रहे।

10:9b.NUM.010.009 और जब तुम अपने देश में किसी सतानेवाले बैरी से लड़ने को निकलो, तब तुरहियों को सांस बान्धकर फूंकना, तब तुम्हारे परमेश्वर यहोवा को तुम्हारा स्मरण आएगा, और तुम अपने शत्रुओं से बचाए जाओगे।

10:10b.NUM.010.010 और अपने आनन्द के दिन में, और अपने नियत पर्ब्बों में, और महीनों के आदि में, अपने होमबलियों और मेलबलियों के साथ उन तुरहियों को फूंकना; इस से तुम्हारे परमेश्वर को तुम्हारा स्मरण आएगा; मैं तुम्हारा परमेश्वर यहोवा हूं।।

10:11b.NUM.010.011 और दूसरे वर्ष के दूसरे महीने के बीसवें दिन को बादल साक्षी के निवास पर से उठ गया,

10:12b.NUM.010.012 तब इस्त्राएली सीनै के जंगल में से निकलकर प्रस्थान करके निकले; और बादल पारान नाम जंगल में ठहर गया।

10:13b.NUM.010.013 उनका प्रस्थान यहोवा की उस आज्ञा के अनुसार जो उस ने मूसा को दी थी आरम्भ हुआ।

10:14b.NUM.010.014 और सब से पहले तो यहूदियों की छावनी के झंडे का प्रस्थान हुआ, और वे दल बान्धकर चले; और उन का सेनापति अम्मीनादाब का पुत्रा नहशोन था।

10:15b.NUM.010.015 और इस्साकारियों के गोत्रा का सेनापति सूआर का पुत्रा नतनेल था।

10:16b.NUM.010.016 और जबूलूनियों के गोत्रा का सेनापति हेलोन का पुत्रा एलीआब था।

10:17b.NUM.010.017 तब निवास उतारा गया, और गेर्शोनियों और मरारियों ने जो निवास को उठाते थे प्रस्थान किया।

10:18b.NUM.010.018 फिर रूबेन की छावनी झंडे का कूच हुआ, और वे भी दल बनाकर चले; और उनका सेनापति शदेऊर का पुत्रा एलीशूर था।

10:19b.NUM.010.019 और शिमोनियों के गोत्रा का सेनापति सूरीश ै का पुत्रा शलूमीएल था।

10:20b.NUM.010.020 और गादियों के गोत्रा का सेनापति दूएल का पुत्रा एल्यासाप था।

10:21b.NUM.010.021 तब कहातियों ने पवित्रा वस्तुओं को उठाए हुए प्रस्थान किया, और उनके पहुंचने तक गेर्शोनियों और मरारियों ने निवास को खड़ा कर दिया।

10:22b.NUM.010.022 फिर एप्रैमियों की छावनी के झंडे का कूच हुआ, और वे भी दल बनाकर चले; और उनका सेनापति अम्मीहूद का पुत्रा एलीशामा था।

10:23b.NUM.010.023 और मनश्शेइयों के गोत्रा को सेनापति पदासूर का पुत्रा गम्लीएल था।

10:24b.NUM.010.024 और बिन्यामीनियों के गोत्रा का सेनापति गिदोनी का पुत्रा अबीदान था।

10:25b.NUM.010.025 फिर दानियों की छावनी जो सब छावनियों के पीछे थी, उसके झंडे का प्रस्थान हुआ, और वे भी दल बना कर चले; और उनका सेनापति अम्मीश ै का पुत्रा अखीआज़र था।

10:26b.NUM.010.026 और आशेरियों के गोत्रा का सेनापति ओक्रान का पुत्रा पजीएल था।

10:27b.NUM.010.027 और नप्तालियों के गोत्रा का सेनापति एनान का पुत्रा अहीरा था।

10:28b.NUM.010.028 इस्त्राएली इसी प्रकार अपने अपने दलों के अनुसार प्रस्थान करते, और आगे बढ़ा करते थे।

10:29b.NUM.010.029 और मूसा ने अपने ससुर रूएल मिद्यानी के पुत्रा होबाब से कहा, हम लोग उस स्थान की यात्रा करते हैं जिसके विषय में यहोवा ने कहा है, कि मैं उसे तुम को दूंगा; सो तू भी हमारे संग चल, और हम तेरी भलाई करेंगे; क्योंकि यहोवा ने इस्त्राएल के विषय में भला ही कहा है।

10:30b.NUM.010.030 होबाब ने उसे उत्तर दिया, कि मैं नहीं जाऊंगा; मैं अपने देश और कुटुम्बियों में लौट जाऊंगा।

10:31b.NUM.010.031 फिर मूसा ने कहा, हम को न छोड़, क्योंकि जंगल में कहां कहां डेरा खड़ा करना चाहिये, यह तुझे ही मालूम है, तू हमारे लिये आंखों का काम देना।

10:32b.NUM.010.032 और यदि तू हमारे संग चले, तो निश्चय जो भलाई यहोवा हम से करेगा उसी के अनुसार हम भी तुझ से वैसा ही करेंगे।।

10:33b.NUM.010.033 फिर इस्त्राएलियों ने यहोवा के पर्वत से प्रस्थान करके तीन दिन की यात्रा की; और उन तीनों दिनों के मार्ग में यहोवा की वाचा का सन्दूक उनके लिये विश्राम का स्थान ढूंढ़ता हुआ उनके आगे आगे चलता रहा।

10:34b.NUM.010.034 और जब वे छावनी के स्थान से प्रस्थान करते थे तब दिन भर यहोवा का बादल उनके ऊपर छाया रहता था।

10:35b.NUM.010.035 और जब जब सन्दूक का प्रस्थान होता था तब तब मूसा यह कहा करता था, कि हे यहोवा, उठ, और तेरे शत्रु तित्तर बित्तर हो जाएं, और तेरे बैरी तेरे साम्हने से भाग जाएं।

10:36b.NUM.010.036 और जब जब वह ठहर जाता था तब तब मूसा कहा करता था, कि हे यहोवा, हजारोंझार इस्त्राएलियों में लौटकर आ जा।।

11

11:1b.NUM.011.001 फिर वे लोग बुड़बुड़ाने और यहोवा के सुनते बुरा कहने लगे; निदान यहोवा ने सुना, और उसका कोप भड़क उठा, और यहोवा की आग उनके मध्य जल उठी, और छावनी के एक किनारे से भस्म करने लगी।

11:2b.NUM.011.002 तब मूसा के पास आकर चिल्लाए; और मूसा ने यहोवा से प्रार्थना की, तब वह आग बुझ गई,

11:3b.NUM.011.003 और उस स्थान का नाम तबेरा पड़ा, क्योंकि यहोवा की आग उन में जल उठी थी।।

11:4b.NUM.011.004 फिर जो मिली- जुली भीड़ उनके साथ थी वह कामुकता करने लगी; और इस्त्राएली भी फिर रोने और कहने लगे, कि हमें मांस खाने को कौन देगा।

11:5b.NUM.011.005 हमें वे मछलियां स्मरण हैं जो हम मि में सेंतमेंत खाया करते थे, और वे खीरे, और खरबूजे, और गन्दने, और प्याज, और लहसुन भी;

11:6b.NUM.011.006 परन्तु अब हमारा जी घबरा गया है, यहां पर इस मन्ना को छोड़ और कुछ भी देख नहीं पड़ता।

11:7b.NUM.011.007 मन्ना तो धनिये के समान था, और उसका रंग रूप मोती का सा था।

11:8b.NUM.011.008 लोग इधर उधर जाकर उसे बटोरते, और चक्की में पीसते वा ओखली में कूटते थे, फिर तसले में पकाते, और उसके फुलके बनाते थे; और उसका स्वाद तेल में बने हुए पुए का सा था।

11:9b.NUM.011.009 और रात को छावनी में ओस पड़ती थी तब उसके साथ मन्ना भी गिरता था।

11:10b.NUM.011.010 और मूसा ने सब घरानों के आदमियों को अपने अपने डेरे के द्वार पर रोते सुना; और यहोवा का कोप अत्यन्त भड़का, और मूसा को भी बुरा मालूम हुआ।

11:11b.NUM.011.011 तब मूसा ने यहोवा से कहा, तू अपने दास से यह बुरा व्यवहार क्यों करता है? और क्या कारण है कि मैं ने तेरी दृष्टि में अनुग्रह नहीं पाया, कि तू ने इन सब लोगों का भार मुझ पर डाला है?

11:12b.NUM.011.012 क्या ये सब लोग मेरे ही कोख में पड़े थे? क्या मैं ही ने उनको उत्पन्न किया, जो तू मुझ से कहता है, कि जैसे पिता दूध पीते बालक को अपनी गोद में उठाए उठाए फिरता है, वैसे ही मैं इन लोगों को अपनी गोद में उठाकर उस देश में ले जाऊं, जिसके देने की शपथ तू ने उनके पूर्वजों से खाई है?

11:13b.NUM.011.013 मुझे इतना मांस कहां से मिले कि इन सब लोगों को दूं? ये तो यह कह कहकर मेरे पास रो रहे हैं, कि तू हमे मांस खाने को दे।

11:14b.NUM.011.014 मैं अकेला इन सब लोगों का भार नहीं सम्भाल सकता, कयोंकि यह मेरी शक्ति के बाहर है।

11:15b.NUM.011.015 और जो तुझे मेरे साथ यही व्यवहार करना है, तो मुझ पर तेरा इतना अनुग्रह हो, कि तू मेरे प्राण एकदम ले ले, जिस से मैं अपनी दुर्दशा न देखने पाऊं।।

11:16b.NUM.011.016 यहोवा ने मूसा से कहा, इस्त्राएली पुरनियों में से सत्तर ऐसे पुरूष मेरे पास इकट्ठे कर, जिनको तू जानता है कि वे प्रजा के पुरनिये और उनके सरदार है कि वे प्रजा के पुरनिये और उनके सरदार हैं; और मिलापवाले तम्बू के पास ले आ, कि वे तेरे साथ यहां खड़े हों।

11:17b.NUM.011.017 तब मैं उतरकर तुझ से वहां बातें करूंगा; और जो आत्मा तुझ में है उस में से कुछ लेकर उन में समवाऊंगा; और वे इन लोगों का भार तेरे संग उठाए रहेंगे, और तुझे उसको अकेले उठाना न पड़ेगा।

11:18b.NUM.011.018 और लोगों से कह, कल के लिये अपने को पवित्रा करो, तब तुम्हें मांस खाने को मिलेगा; क्योंकि तुम यहोवा के सुनते हुए यह कह कहकर रोए हो, कि हमें मांस खाने को कौन देगा? हम मि ही में भले थे। सो यहोवा तुम को मांस खाने को देगा, और तुम खाना।

11:19b.NUM.011.019 फिर तुम एक दिन, वा दो, वा पांच, वा दस, वा बीस दिन ही नहीं,

11:20b.NUM.011.020 परन्तु महीने भर उसे खाते रहोगे, जब तक वह तुम्हारे नथनों से निकलने न लगे और तुम को उस से घृणा न हो जाए, कयोंकि तुम लोगों ने यहोवा को जो तुम्हारे मध्य में है तुच्छ जाना है, और उसके साम्हने यह कहकर रोए हो, कि हम मि से क्यों निकल आए?

11:21b.NUM.011.021 फिर मूसा ने कहा, जिन लोगों के बीच मैं हूं उन में से छ: लाख तो प्यादे ही हैं; और तू ने कहा है, कि मैं उन्हें इतना मांस दूंगा, कि वे महीने भर उसे खाते ही रहेंगे।

11:22b.NUM.011.022 क्या वे सब भेड़- बकरी गाय- बैल उनके लिये मारे जाए, कि उनको मांस मिले? वा क्या समुद्र की सब मछलियां उनके लिये इकट्ठी की जाएं, कि उनको मांस मिले?

11:23b.NUM.011.023 यहोवा ने मूसा से कहा, क्या यहोवा का हाथ छोटा हो गया है? अब तू देखेगा, कि मेरा वचन जो मैं ने तुझ से कहा है वह पूरा होता है कि नहीं।

11:24b.NUM.011.024 तब मूसा ने बाहर जाकर प्रजा के लोगों को यहोवा की बातें कह सुनाई; और उनके पुरनियों में से सत्तर पुरूष इकट्ठे करके तम्बू के चारों ओर खड़े किए।

11:25b.NUM.011.025 तब यहोवा बादल में होकर उतरा और उस ने मूसा से बातें की, और जो आत्मा उस में थी उस में से लेकर उन सत्तर पुरनियों में समवा दिया; और जब वह आत्मा उन में आई तब वे नबूवत करने लगे। परन्तु फिर और कभी न की।

11:26b.NUM.011.026 परन्तु दो मनुष्य छावनी में रह गए थे, जिस में से एक का नाम एलदाद और दूसरे का मेदाद था, उन में भी आत्मा आई; ये भी उन्हीं में से थे जिनके नाम लिख लिये गये थे, पर तम्बू के पास न गए थे, और वे छावनी ही में नबूवत करने लगे।

11:27b.NUM.011.027 तब किसी जवान ने दौड़ कर मूसा को बतलाया, कि एलदाद और मेदाद छावनी में नबूवत कर रहे हैं।

11:28b.NUM.011.028 तब नून का पुत्रा यहोशू, जो मूसा का टहलुआ और उसके चुने हुए वीरों में से था, उस ने मूसा से कहा, हे मेरे स्वामी मूसा, उनको रोक दे।

11:29b.NUM.011.029 मूसा ने उन से कहा, क्या तू मेरे कारण जलता है? भला होता कि यहोवा की सारी प्रजा के लोग नबी होते, और यहोवा अपना आत्मा उन सभों में समवा देता!

11:30b.NUM.011.030 तब फिर मूसा इस्त्राएल के पुरनियों समेत छावनी में चला गया।

11:31b.NUM.011.031 तब यहोवा की ओर से एक बड़ी आंधी आई, और वह समुद्र से बटेरें उड़ाके छावनी पर और उसके चारों ओर इतनी ले आईं, कि वे इधर उधर एक दिन के मार्ग तक भूमि पर दो हाथ के लगभग ऊंचे तक छा गए।

11:32b.NUM.011.032 और लोगों ने उठकर उस दिन भर और रात भर, और दूसरे दिन भी दिन भर बटेरों को बटोरते रहे; जिस ने कम से कम बटोरा उस ने दस होमेर बटोरा; और उन्हों ने उन्हें छावनी के चारों ओर फैला दिया।

11:33b.NUM.011.033 मांस उनके मुंह ही में था, और वे उसे खाने न पाए थे, कि यहोवा का कोप उन पर भड़क उठा, और उस ने उनको बहुत बड़ी मार से मारा।

11:34b.NUM.011.034 और उस स्थान का नाम किब्रोथत्तावा पड़ा, क्योंकि जिन लोगों ने कामुकता की थी उनको वहां मिट्टी दी गई।

11:35b.NUM.011.035 फिर इस्त्राएली किब्रोथत्तावा से प्रस्थान करके हसेरोत में पहुंचे, और वहीं रहे।।

12

12:1b.NUM.012.001 मूसा ने तो एक कूशी स्त्री के साथ ब्याह कर लिया था। सो मरियम और हारून उसकी उस ब्याहिता कूशी स्त्री के कारण उसकी निन्दा करने लगे;

12:2b.NUM.012.002 उन्हों ने कहा, क्या यहोवा ने केवल मूसा ही के साथ बातें की हैं? क्या उस ने हम से भी बातें नहीं कीं? उनकी यह बात यहोवा ने सुनी।

12:3b.NUM.012.003 मूसा तो पृथ्वी भर के रहने वाले मनुष्यों से बहुत अधिक नम्र स्वभाव का था।

12:4b.NUM.012.004 सो यहोवा ने एकाएक मूसा और हारून और मरियम से कहा, तुम तीनों मिलापवाले तम्बू के पास निकल आओ। तब वे तीनों निकल आए।

12:5b.NUM.012.005 तब यहोवा ने बादल के खम्भे में उतरकर तम्बू के द्वार पर खड़ा होकर हारून और मरियम को बुलाया; सो वे दोनों उसके पास निकल आए।

12:6b.NUM.012.006 तब यहोवा ने कहा, मेरी बातें सुनो: यदि तुम में कोई नबी हो, तो उस पर मैं यहोवा दर्शन के द्वारा अपने आप को प्रगट करूंगा, वा स्वप्न में उस से बातें करूंगा।

12:7b.NUM.012.007 परन्तु मेरा दास मूसा ऐसा नहीं है; वह तो मेरे सब घरानों मे विश्वास योग्य है।

12:8b.NUM.012.008 उस से मैं गुप्त रीति से नहीं, परन्तु आम्हने साम्हने और प्रत्यक्ष होकर बातें करता हूं; और वह यहोवा का स्वरूप निहारने पाता है। सो तुम मेरे दास मूसा की निन्दा करते हुए क्यों नहीं डरे?

12:9b.NUM.012.009 तब यहोवा का कोप उन पर भड़का, और वह चला गया;

12:10b.NUM.012.010 तब वह बादल तम्बू के ऊपर से उठ गया, और मरियम कोढ़ से हिम के समान श्वेत हो गई। और हारून ने मरियम की ओर दृष्टि की, और देखा, कि वह कोढ़िन हो गई है।

12:11b.NUM.012.011 तब हारून मूसा से कहने लगा, हे मेरे प्रभु, हम दोनों ने जो मूर्खता की वरन पाप भी किया, यह पाप हम पर न लगने दे।

12:12b.NUM.012.012 और मरियम को उस मरे हुए के समान न रहने दे, जिसकी देह अपनी मां के पेट से निकलते ही अधगली हो।

12:13b.NUM.012.013 सो मूसा ने यह कहकर यहोवा की दोहाई दी, हे ईश्वर, कृपा कर, और उसको चंगा कर।

12:14b.NUM.012.014 यहोवा ने मूसा से कहा, यदि उसका पिता उसके मुंह पर थूका ही होता, तो क्या सात दिन तक वह लज्जित न रहती? सो वह सात दिन तक छावनी से बाहर बन्द रहे, उसके बाद वह फिर भीतर आने पाए।

12:15b.NUM.012.015 सो मरियम सात दिन तक छावनी से बाहर बन्द रही, और जब तक मरियम फिर आने न पाई तब तक लोगों ने प्रस्थान न किया।

12:16b.NUM.012.016 उसके बाद उन्हों ने हसेरोत से प्रस्थान करके पारान नाम जंगल में अपने डेरे खड़े किए।।

13

13:1b.NUM.013.001 फिर यहोवा ने मूसा से कहा,

13:2b.NUM.013.002 कनान देश जिसे मैं इस्त्राएलियों को देता हूं उसका भेद लेने के लिये पुरूषों को भेज; वे उनके पितरों के प्रति गोत्रा का एक प्रधान पुरूष हों।

13:3b.NUM.013.003 यहोवा से यह आज्ञा पाकर मूसा ने ऐसे पुरूषों को पारान जंगल से भेज दिया, जो सब के सब इस्त्राएलियों के प्रधान थे।

13:4b.NUM.013.004 उनके नाम ये हैं, अर्थात् रूबेन के गोत्रा में से जककूर का पुत्रा शम्मू;

13:5b.NUM.013.005 शिमोन के गोत्रा में से होरी का पुत्रा शापात;

13:6b.NUM.013.006 यहूदा के गोत्रा में से यपुन्ने का पुत्रा कालेब;

13:7b.NUM.013.007 इस्साकार के गोत्रा में से योसेप का पुत्रा यिगाल;

13:8b.NUM.013.008 एप्रैम के गोत्रा में से नून का पुत्रा होशे;

13:9b.NUM.013.009 बिन्यामीन के गोत्रा में से रापू का पुत्रा पलती;

13:10b.NUM.013.010 जबूलून के गोत्रा में से सोदी का पुत्रा गद्दीएल;

13:11b.NUM.013.011 यूसुफ वंशियों में, मनश्शे के गोत्रा में से सूसी का पुत्रा गद्दी;

13:12b.NUM.013.012 दान के गोत्रा में से गमल्ली का पुत्रा अम्मीएल;

13:13b.NUM.013.013 आशेर के गोत्रा में से मीकाएल का पुत्रा सतूर;

13:14b.NUM.013.014 नप्ताली के गोत्रा में से वोप्सी का पुत्रा नहूबी;

13:15b.NUM.013.015 गाद के गोत्रा में से माकी का पुत्रा गूएल।

13:16b.NUM.013.016 जिन पुरूषों को मूसा ने देश का भेद लेने के लिये भेजा था उनके नाम ये ही हैं। और नून के पुत्रा होशे का नाम उस ने यहोशू रखा।

13:17b.NUM.013.017 उन को कनान देश के भेद लेने को भेजते समय मूसा ने कहा, इधर से, अर्थात् दक्षिण देश होकर जाओ,

13:18b.NUM.013.018 और पहाड़ी देश में जाकर उस देश को देख लो कि कैसा है, और उस में बसे हुए लोगों को भी देखो कि वे बलवान् हैं वा निर्बल, थोड़े हैं वा बहुत,

13:19b.NUM.013.019 और जिस देश में वे बसे हुए हैं सो कैसा है, अच्छा वा बुरा, और वे कैसी कैसी बस्तियों में बसे हुए हैं, और तम्बुओं में रहते हैं वा गढ़ वा किलों में रहते हैं,

13:20b.NUM.013.020 और वह देश कैसा है, उपजाऊ है वा बंजर है, और उस में वृक्ष हैं वा नहीं। और तुम हियाव बान्धे चलो, और उस देश की उपज में से कुछ लेते भी आना। वह समय पहली पक्की दाखों का था।

13:21b.NUM.013.021 सो वे चल दिए, और सीन नाम जंगल से ले रहोब तक, जो हमात के मार्ग में है, सारे देश को देखभालकर उसका भेद लिया।

13:22b.NUM.013.022 सो वे दक्षिण देश होकर चले, और हेब्रोन तक गए; वहां अहीमन, शेशै, और तल्मै नाम अनाकवंशी रहते थे। हेब्रोन तो मि के सोअन से सात वर्ष पहिले बसाया गया था।

13:23b.NUM.013.023 तब वे एशकोल नाम नाले तक गए, और वहां से एक डाली दाखों के गुच्छे समेत तोड़ ली, और दो मनुष्य उस एक लाठी पर लटकाए हुए उठा ले चले गए; और वे अनारों और अंजीरों में से भी कुछ कुछ ले आए।

13:24b.NUM.013.024 इस्त्राएली वहां से जो दाखों का गुच्छा तोड़ ले आए थे, इस कारण उस स्थान का नाम एशकोल नाला रखा गया।

13:25b.NUM.013.025 चालीस दिन के बाद वे उस देश का भेद लेकर लौट आए।

13:26b.NUM.013.026 और पारान जंगल के कादेश नाम स्थान में मूसा और हारून और इस्त्राएलियों की सारी मण्डली के पास पहुंचे; और उनको और सारी मण्डली को संदेशा दिया, और उस देश के फल उनको दिखाए।

13:27b.NUM.013.027 उन्हों ने मूसा से यह कहकर वर्णन किया, कि जिस देश में तू ने हम को भेजा था उस में हम गए; उस में सचमुच दूध और मधु की धाराएं बहती हैं, और उसकी उपज में से यही है।

13:28b.NUM.013.028 परन्तु उस देश के निवासी बलवान् हैं, और उसके नगर गढ़वाले हैं और बहुत बड़े हैं; और फिर हम ने वहां अनाकवंशियों को भी देखा।

13:29b.NUM.013.029 दक्षिण देश में तो अमालेकी बसे हुए हैं; और पहाड़ी देश में हित्ती, यबूसी, और एमोरी रहते हैं; और समुद्र के किनारे किनारे और यरदन नदी के तट पर कनानी बसे हुए हैं।

13:30b.NUM.013.030 पर कालेब ने मूसा के साम्हने प्रजा के लोगों को चुप कराने की मनसा से कहा, हम अभी चढ़के उस देश को अपना कर लें; क्योंकि नि:सन्देह हम में ऐसा करने की शक्ति है।

13:31b.NUM.013.031 पर जो पुरूष उसके संग गए थे उन्हों ने कहा, उन लोगों पर चढ़ने की शक्ति हम में नहीं है; क्योंकि वे हम से बलवान् हैं।

13:32b.NUM.013.032 और उन्हों ने इस्त्राएलियों के साम्हने उस देश की जिसका भेद उन्हों ने लिया था यह कहकर निन्दा भी की, कि वह देश जिसका भेद लेने को हम गये थे ऐसा है, जो अपने निवासियों को निगल जाता है; और जितने पुरूष हम ने उस में देखे वे सब के सब बड़े डील डौल के हैं।

13:33b.NUM.013.033 फिर हम ने वहां नपीलों को, अर्थात् नपीली जातिवाले अनाकवंशियों को देखा; और हम अपनी दृष्टि में तो उनके साम्हने टिड्डे के सामान दिखाई पड़ते थे, और ऐसे ही उनकी दृष्टि में मालूम पड़ते थे।।

14

14:1b.NUM.014.001 तब सारी मण्डली चिल्ला उठी; और रात भर वे लोग रोते ही रहे।

14:2b.NUM.014.002 और सब इस्त्राएली मूसा और हारून पर बुड़बुड़ाने लगे; और सारी मण्डली उस ने कहने लगी, कि भला होता कि हम मि ही में मर जाते! वा इस जंगल ही में मर जाते!

14:3b.NUM.014.003 और यहोवा हम को उस देश में ले जाकर क्यों तलवार से मरवाना चाहता है? हमारी स्त्रियां और बालबच्चे तो लूट में चलें जाएंगे; क्या हमारे लिये अच्छा नहीं कि हम मि देश को लौट जाएं?

14:4b.NUM.014.004 फिर वे आपस में कहने लगे, आओ, हम किसी को अपना प्रधान बना लें, और मि को लौट चलें।

14:5b.NUM.014.005 तब मूसा और हारून इस्त्राएलियों की सारी मण्डली के साम्हने मुंह के बल गिरे।

14:6b.NUM.014.006 और नून का पुत्रा यहोशू और यपुन्ने का पुत्रा कालिब, जो देश के भेद लेनेवालों में से थे, अपने अपने वस्त्रा फाड़कर,

14:7b.NUM.014.007 इस्त्राएलियों की सारी मण्डली से कहने लगे, कि जिस देश का भेद लेने को हम इधर उधर घूम कर आए हैं, वह अत्यन्त उत्तम देश है।

14:8b.NUM.014.008 यदि यहोवा हम से प्रसन्न हो, तो हम को उस देश में, जिस में दूध और मधु की धाराएं बहती हैं, पहुंचाकर उसे हमे दे देगा।

14:9b.NUM.014.009 केवल इतना करो कि तुम यहोवा के विरूद्ध बलवा न करो; और न तो उस देश के लोगों से डरो, क्योंकि वे हमारी रोटी ठहरेंगे; छाया उनके ऊपर से हट गई है, और यहोवा हमारे संग है; उन से न डरो।

14:10b.NUM.014.010 तब सारी मण्डली चिल्ला उठी, कि इनको पत्थरवाह करो। तब यहोवा का तेज सब इस्त्राएलियों पर प्रकाशमान हुआ।।

14:11b.NUM.014.011 तब यहोवा ने मूसा से कहा, वे लोग कब तक मेरा तिरस्कार करते रहेंगे? और मेरे सब आश्चर्यकर्म देखने पर भी कब तक मुझ पर विश्वास न करेंगे?

14:12b.NUM.014.012 मैं उन्हें मरी से मारूंगा, और उनके निज भाग से उन्हें निकाल दूंगा, और तुझ से एक जाति उपजाऊंगा जो उन से बड़ी और बलवन्त होगी।

14:13b.NUM.014.013 मूसा ने यहोवा से कहा, तब तो मिद्दी जिनके मध्य में से तू अपनी सामर्थ्य दिखाकर उन लोगों को निकाल ले आया है यह सुनेंगे,

14:14b.NUM.014.014 और इस देश के निवासियों से कहेंगे। उन्हों ने तो यह सुना है, कि तू जो यहोवा है इन लोगों के मध्य में रहता है; और प्रत्यक्ष दिखाई देता है, और तेरा बादल उनके ऊपर ठहरा रहता है, और तू दिन को बादल के खम्भे में, और रात को अग्नि के खम्भे में होकर इनके आगे आगे चला करता है।

14:15b.NUM.014.015 इसलिये यदि तू इन लोगों को एक ही बार मे मार डाले, तो जिन जातियों ने तेरी कीर्त्ति सुनी है वे कहेंगी,

14:16b.NUM.014.016 कि यहोवा उन लोगों को उस देश में जिसे उस ने उन्हें देने की शपथ खाई थी पहुंचा न सका, इस कारण उस ने उन्हें जंगल में घात कर डाला है।

14:17b.NUM.014.017 सो अब प्रभु की सामर्थ्य की महिमा तेरे इस कहने के अनुसार हो,

14:18b.NUM.014.018 कि यहोवा कोप करने में धीरजवन्त और अति करूणामय है, और अधर्म और अपराध का क्षमा करनेवाला है, परन्तु वह दोषी को किसी प्रकार से निर्दोष न ठहराएगा, और पूर्वजों के अधर्म का दण्ड उनके बेटों, और पोतों, और परपोतों को देता है।

14:19b.NUM.014.019 अब इन लोगों के अधर्म को अपनी बड़ी करूणा के अनुसार, और जैसे तू मि से लेकर यहां तक क्षमा करता रहा है वैसे ही अब भी क्षमा कर दे।

14:20b.NUM.014.020 यहोवा ने कहा, तेरी बिनती के अनुसार मैं क्षमा करता हूं;

14:21b.NUM.014.021 परन्तु मेरे जीवन की शपथ सचमुच सारी पृथ्वी यहोवा की महिमा से परिपूर्ण हो जाएगी;

14:22b.NUM.014.022 उन सब लोगों ने जिन्हों ने मेरी महिमा मि देश में और जंगल में देखी, और मेरे किए हुए आश्चर्यकर्मों को देखने पर भी दस बार मेरी परीक्षा की, और मेरी बातें नहीं मानी,

14:23b.NUM.014.023 इसलिये जिस देश के विषय मैं ने उनके पूर्वजों से शपथ खाई, उसको वे कभी देखने न पाएंगे; अर्थात् जितनों ने मेरा अपमान किया है उन में से कोई भी उसे देखने न पाएगा।

14:24b.NUM.014.024 परन्तु इस कारण से कि मेरे दास कालिब के साथ और ही आत्मा है, और उस ने पूरी रीति से मेरा अनुकरण किया है, मैं उसको उस देश में जिस में वह हो आया है पहुंचाऊंगा, और उसका वंश उस देश का अधिकारी होगा।

14:25b.NUM.014.025 अमालेकी और कनानी लोग तराई में रहते हैं, सो कल तुम घूमकर प्रस्थान करो, और लाल समुद्र के मार्ग से जंगल में जाओ।।

14:26b.NUM.014.026 फिर यहोवा ने मूसा और हारून से कहा,

14:27b.NUM.014.027 यह बुरी मण्डली मुझ पर बुड़बुड़ाती रहती है, उसको मैं कब तक सहता रहूं? इस्त्राएली जो मुझ पर बुड़बुड़ाते रहते हैं, उनका यह बुड़बुड़ाना मैं ने तो सुना है।

14:28b.NUM.014.028 सो उन से कह, कि यहोवा की यह वाणी है, कि मेरे जीवन की शपथ जो बातें तुम ने मेरे सुनते कही हैं, नि:सन्देह मैं उसी के अनुसार तुम्हारे साथ व्यवहार करूंगा।

14:29b.NUM.014.029 तुम्हारी लोथें इसी जंगल में पड़ी रहेंगी; और तुम सब में से बीस वर्ष की वा उस से अधिक अवस्था के जितने गिने गए थे, और मुझ पर बुड़बुड़ाते थे,

14:30b.NUM.014.030 उस में से यपुन्ने के पुत्रा कालिब और नून के पुत्रा यहोशू को छोड़ कोई भी उस देश में न जाने पाएगा, जिसके विषय मैं ने शपथ खाई है कि तुम को उस में बसाऊंगा।

14:31b.NUM.014.031 परन्तु तुम्हारे बालबच्चे जिनके विषय तुम ने कहा है, कि ये लूट में चले जाएंगे, उनको मैं उस देश में पहुंचा दूंगा; और वे उस देश को जान लेंगे जिस को तुम ने तुच्छ जाना है।

14:32b.NUM.014.032 परन्तु तुम लोगों की लोथें इसी जंगल में पड़ी रहेंगी।

14:33b.NUM.014.033 और जब तक तुम्हारी लोथें जंगल में न गल जाएं तक तक, अर्थात् चालीस वर्ष तक, तुम्हारे बालबच्चे जंगल में तुम्हारे व्यभिचार का फल भोगते हुए चरवाही करते रहेंगे।

14:34b.NUM.014.034 जितने दिन तुम उस देश का भेद लेते रहे, अर्थात् चालीस दिन उनकी गिनती के अनुसार, दिन पीछे उस वर्ष, अर्थात् चालीस वर्ष तक तुम अपने अधर्म का दण्ड उठाए रहोगे, तब तुम जान लोगे कि मेरा विरोध क्या है।

14:35b.NUM.014.035 मैं यहोवा यह कह चुका हूं, कि इस बुरी मण्डली के लोग जो मेरे विरूद्ध इकट्ठे हुए हैं उसी जंगल में मर मिटेंगे; और नि:सन्देह ऐसा ही करूंगा भी।

14:36b.NUM.014.036 तब जिन पुरूषों को मूसा ने उस देश के भेद लेने के लिये भेजा था, और उन्हों ने लौटकर उस देश की नामधराई करके सारी मण्डली को कुड़कुड़ाने के लिये उभारा था,

14:37b.NUM.014.037 उस देश की वे नामधराई करनेवाले पुरूष यहोवा के मारने से उसके साम्हने मर गये।

14:38b.NUM.014.038 परन्तु देश के भेद लेनेवाले पुरूषों में से नून का पुत्रा यहोशू और यपुन्ने का पुत्रा कालिब दोनों जीवित रहे।

14:39b.NUM.014.039 तब मूसा ने ये बातें सब इस्त्राएलियों को कह सुनाई और वे बहुत विलाप करने लगे।

14:40b.NUM.014.040 और वे बिहान को सवेरे उठकर यह कहते हुए पहाड़ की चोटी पर चढ़ने लगे, कि हम ने पाप किया है; परन्तु अब तैयार हैं, और उस स्थान को जाएंगे जिसके विषय यहोवा ने वचन दिया था।

14:41b.NUM.014.041 तब मूसा ने कहा, तुम यहोवा की आज्ञा का उल्लंघन क्यों करते हो? यह सुफल न होगा।

14:42b.NUM.014.042 यहोवा तुम्हारे मध्य में नहीं है, मत चढ़ो, नहीं तो शत्रुओं से हार जाओगे।

14:43b.NUM.014.043 वहां तुम्हारे आगे अमालेकी और कनानी लोग हैं, सो तुम तलवार से मारे जाओगे; तुम यहोवा को छोड़कर फिर गए हो, इसलिये वह तुम्हारे संग नहीं रहेगा।

14:44b.NUM.014.044 परन्तु वे ढिठाई करके पहाड़ की चोटी पर चढ़ गए, परन्तु यहोवा की वाचा का सन्दूक, और मूसा, छावनी से न हटे।

14:45b.NUM.014.045 अब अमालेकी और कनानी जो उस पहाड़ पर रहते थे उन पर चढ़ आए, और होर्मा तक उनको मारते चले आए।।

15

15:1b.NUM.015.001 फिर यहोवा ने मूसा से कहा,

15:2b.NUM.015.002 इस्त्राएलियों से कह, कि जब तुम अपने निवास के देश में पहुंचों, जो मैं तुम्हे देता हूं,

15:3b.NUM.015.003 और यहोवा के लिये क्या होमबलि, क्या मेलबलि, कोई हव्य चढ़ावो, चाहे वह विशेष मन्नत पूरी करने का हो चाहे स्वेच्छाबलि का हो, चाहे तुम्हारे नियत समयों में का हो, या वह चाहे गाय- बैल चाहे भेड़- बकरियों में का हो, जिस से यहोवा के लिये सुखदायक सुगन्ध हो;

15:4b.NUM.015.004 तब उस होमबलि वा मेलबलि के संग भेड़ के बच्चे पीछे यहोवा के लिये चौथाई हिन तेल से सना हुआ एपा का दसवां अंश मैदा अन्नबलि करके चढ़ाना,

15:5b.NUM.015.005 और चौथाई हिन दाखमधु अर्घ करके देना।

15:6b.NUM.015.006 और मेढ़े पीछे तिहाई हिन तेल से सना हुआ एपा का दो दसवां अंश मैदा अन्नबलि करके चढ़ाना;

15:7b.NUM.015.007 और उसका अर्घ यहोवा को सुखदायक सुगन्ध देनेवाला तिहाई दिन दाखमधु देना।

15:8b.NUM.015.008 और जब तू यहोवा को होमबलि वा किसी विशेष मन्नत पूरी करने के लिये बलि वा मेलबलि करके बछड़ा चढ़ाए,

15:9b.NUM.015.009 तब बछड़े का चढ़ानेवाला उसके संग आध हिन तेल से सना हुआ एपा का तीन दसवां अंश मैदा अन्नबलि करके चढ़ाए।

15:10b.NUM.015.010 और उसका अर्घ आध हिन दाखमधु चढ़ाए, वह यहोवा को सुखदायक सुगन्ध देनेवाला हव्य होगा।

15:11b.NUM.015.011 एक एक बछड़े, वा मेढ़े, वा भेड़ के बच्चे, वा बकरी के बच्चे के साथ इसी रीति चढ़ावा चढ़ाया जाए।

15:12b.NUM.015.012 तुम्हारे बलिपशुओं की जितनी गिनती हो, उसी गिनती के अनुसार एक एक के साथ ऐसा ही किया करना।

15:13b.NUM.015.013 जितने देशी हों वे यहोवा को सुखदायक सुगन्ध देनेवाला हव्य चढ़ाते समय ये काम इसी रीति से किया करें।

15:14b.NUM.015.014 और यदि कोई परदेशी तुम्हारे संग रहता हो, वा तुम्हारी किसी पीढ़ी में तुम्हारे बीच कोई रहनेवाला हो, और वह यहोवा को सुखदायक सुगन्ध देनेवाला हव्य चढ़ाना चाहे, तो जिस प्रकार तुम करोगे उसी प्रकार वह भी करे।

15:15b.NUM.015.015 मण्डली के लिये, अर्थात् तुम्हारे और तुम्हारे संग रहनेवाले परदेशी दोनों के लिये एक ही विधि हो; तुम्हारी पीढ़ी पीढ़ी में यह सदा की विधि ठहरे, कि जैसे तुम हो वैसे ही परदेशी भी यहोवा के लिये ठहरता है।

15:16b.NUM.015.016 तुम्हारे और तुम्हारे संग रहनेवाले परदेशियों के लिये एक ही व्यवस्था और एक ही नियम है।।

15:17b.NUM.015.017 फिर यहोवा ने मूसा से कहा,

15:18b.NUM.015.018 इस्त्राएलियों को मेरा यह वचन सुना, कि जब तुम उस देश में पहुंचो जहां मैं तुम को लिये जाता हूं,

15:19b.NUM.015.019 और उस देश की उपज का अन्न खाओ, तब यहोवा के लिये उठाई हुई भेंट चढ़ाया करो।

15:20b.NUM.015.020 अपने पहिले गूंधे हुए आटे की एक पपड़ी उठाई हुई भेंट करके यहोवा के लिये चढ़ाना; जैसे तुम खलिहान में से उठाई हुई भेंट चढ़ाओगे वैसे ही उसको भी उठाया करना।

15:21b.NUM.015.021 अपनी पीढ़ी पीढ़ी में अपने पहिले गूंधे हुए आटे में से यहोवा को उठाई हुई भेंट दिया करना।।

15:22b.NUM.015.022 फिर जब तुम इन सब आज्ञाओं में से जिन्हें यहोवा ने मूसा को दिया है किसी का उल्लंघन भूल से करो,

15:23b.NUM.015.023 अर्थात् जिस दिन से यहोवा आज्ञा देने लगा, और आगे की तुम्हारी पीढ़ी पीढ़ी में उस दिन से उस ने जितनी आज्ञाएं मूसा के द्वारा दी हैं,

15:24b.NUM.015.024 उस में यदि भूल से किया हुआ पाप मण्डली के बिना जाने हुआ हो, तो सारी मण्डली यहोवा को सुखदायक सुगन्ध देनेवाला होमबलि करके एक बछड़ा, और उसके संग नियम के अनुसार उसका अन्नबलि और अर्घ चढ़ाए, और पापबलि करके एक बकरा चढ़ाए।

15:25b.NUM.015.025 जब याजक इस्त्राएलियों की सारी मण्डली के लिये प्रायश्चित्त करे, और उनकी क्षमा की जाएगी; क्योंकि उनका पाप भूल से हुआ, और उन्हों ने अपनी भूल के लिये अपना चढ़ावा, अर्थात् यहोवा के लिये हव्य और अपना पापबलि उसके साम्हने चढ़ाया।

15:26b.NUM.015.026 सो इस्त्राएलियों की सारी मण्डली का, और उसके बीच रहनेवाले परदेशी का भी, वह पाप क्षमा किया जाएगा, क्योंकि वह सब लोगों के अनजान में हुआ।

15:27b.NUM.015.027 फिर यदि कोई प्राणी भूल से पाप करे, तो वह एक वर्ष की एक बकरी पापबलि करके चढ़ाए।

15:28b.NUM.015.028 और याजक भूल से पाप करनेवाले प्राणी के लिये यहोवा के साम्हने प्रायश्चित्त करे; सो इस प्रायश्चित्त के कारण उसका वह पाप क्षमा किया जाएगा।

15:29b.NUM.015.029 जो कोई भूल से कुछ करे, चाहे वह परदेशी होकर रहता हो, सब के लिये तुम्हारी एक ही व्यवस्था हो।

15:30b.NUM.015.030 परन्तु क्या देशी क्या परदेशी, जो प्राणी ढिठाई से कुछ करे, वह यहोवा का अनादर करनेवाला ठहरेगा, और वह प्राणी अपने लोगों में से नाश किया जाए।

15:31b.NUM.015.031 वह जो यहोवा का वचन तुच्छ जानता है, और उसकी आज्ञा का टालनेवाला है, इसलिये वह प्राणी निश्चय नाश किया जाए; उसका अधर्म उसी के सिर पड़ेगा।।

15:32b.NUM.015.032 जब इस्त्राएली जंगल में रहते थे, उन दिनों एक मनुष्य विश्राम के दिन लकड़ी बीनता हुआ मिला।

15:33b.NUM.015.033 और जिनको वह लकड़ी बीनता हुआ मिला, वे उसको मूसा और हारून, और सारी मण्डली के पास ले गए।

15:34b.NUM.015.034 उन्हों ने उसको हवालात में रखा, क्योंकि ऐसे मनुष्य से क्या करना चाहिये वह प्रकट नहीं किया गया था।

15:35b.NUM.015.035 तब यहोवा ने मूसा से कहा, वह मनुष्य निश्चय मार डाला जाए; सारी मण्डली के लोग छावनी के बाहर उस पर पत्थरवाह करें।

15:36b.NUM.015.036 सो जैसा यहोवा ने मूसा को आज्ञा दी थी उसी के अनुसार सारी मण्डली के लोगों ने उसको छावनी से बाहर ले जाकर पत्थरवाह किया, और वह मर गया।

15:37b.NUM.015.037 फिर यहोवा ने मूसा से कहा,

15:38b.NUM.015.038 इस्त्राएलियों से कह, कि अपनी पीढ़ी पीढ़ी में अपने वस्त्रों के कोर पर झालर लगाया करना, और एक एक कोर की झालर पर एक नीला फीता लगाया करना;

15:39b.NUM.015.039 और वह तुम्हारे लिये ऐसी झालर ठहरे, जिस से जब जब तुम उसे देखो तब तब यहोवा की सारी आज्ञाएं तुम हो स्मरण आ जाएं; और तुम उनका पालन करो, और तुम अपने अपने मन और अपनी अपनी दृष्टि के वश में होकर व्यभिचार न करते फिरो जैसे करते आए हो।

15:40b.NUM.015.040 परन्तु तुम यहोवा की सब आज्ञाओं को स्मरण करके उनका पालन करो, और अपने परमेश्वर के लिये पवित्रा बनो।

15:41b.NUM.015.041 मैं यहोवा तुम्हारा परमेश्वर हूं, जो तुम्हे मि देश से निकाल ले आया कि तुम्हारा परमेश्वर ठहरूं; मैं तुम्हारा परमेश्वर यहोवा हूं।।

16

16:1b.NUM.016.001 कोरह जो लेवी का परपोता, कहात का पोता, और यिसहार का पुत्रा था, वह एलीआब के पुत्रा दातान और अबीराम, और पेलेत के पुत्रा ओन,

16:2b.NUM.016.002 इन तीनों रूबेनियों से मिलकर मण्डली के अढ़ाई सौ प्रधान, जो सभासद और नामी थे, उनको संग लिया;

16:3b.NUM.016.003 और वे मूसा और हारून के विरूद्ध उठ खड़े हुए, और उन से कहने लगे, तुम ने बहुत किया, अब बस करो; क्योंकि सारी मण्डली का एक एक मनुष्य पवित्रा है, और यहोवा उनके मध्य में रहता है; इसलिये तुम यहोवा की मण्डली में ऊंचे पदवाले क्यों बन बैठे हो?

16:4b.NUM.016.004 यह सुनकर मूसा अपने मुंह के बल गिरा;

16:5b.NUM.016.005 फिर उस ने कोरह और उसकी सारी मण्डली से कहा, कि बिहान को यहोवा दिखला देगा कि उसका कौन है, और पवित्रा कौन है, और उसको अपने समीप बुला लेगा; जिसको वह आप चुन लेगा उसी को अपने समीप बुला भी लेगा।

16:6b.NUM.016.006 इसलिये, हे कोरह, तुम अपनी सारी मण्डली समेत यह करो, अर्थात् अपना अपना धूपदान ठीक करो;

16:7b.NUM.016.007 और कल उन में आग रखकर यहोवा के साम्हने धूप देना, तब जिसको यहोवा चुन ले वही पवित्रा ठहरेगा। हे लेवियों, तुम भी बड़ी बड़ी बातें करते हो, अब बस करो।

16:8b.NUM.016.008 फिर मूसा ने कोरह से कहा, हे लेवियों, सुनो,

16:9b.NUM.016.009 क्या यह तुम्हें छोटी बात जान पड़ती है, कि इस्त्राएल के परमेश्वर ने तुम को इस्त्राएल की मण्डली से अलग करके अपने निवास की सेवकाई करने, और मण्डली के साम्हने खड़े होकर उसकी भी सेवा टहल करने के लिये अपने समीप बुला लिया है;

16:10b.NUM.016.010 और तुझे और तेरे सब लेवी भाइयों को भी अपने समीप बुला लिया है? फिर भी तुम याजक पद के भी खोजी हो?

16:11b.NUM.016.011 और इसी कारण तू ने अपनी सारी मण्डली को यहोवा के विरूद्ध इकट्ठी किया है; हारून कौन है कि तुम उस पर बुड़बुड़ाते हो?

16:12b.NUM.016.012 फिर मूसा ने एलीआब के पुत्रा दातान और अबीराम को बुलवा भेजा; और उन्हों ने कहा, हम तेरे पास नहीं आएंगे।

16:13b.NUM.016.013 क्या यह एक छोटी बात है, कि तू हम को ऐसे देश से जिस में दूध और मधु की धाराएं बहती है इसलिये निकाल लाया है, कि हमें जंगल में मार डाले, फिर क्या तू हमारे ऊपर प्रधान भी बनकर अधिकार जताता है?

16:14b.NUM.016.014 फिर तू हमें ऐसे देश में जहां दूध और मधु की धाराएं बहती हैं नहीं पहुंचाया, और न हमें खेतों और दाख की बारियों के अधिकारी किया। क्या तू इन लोगों की आंखों में धूलि डालेगा? हम तो नहीं आएंगे।

16:15b.NUM.016.015 तब मूसा का कोप बहुत भड़क उठा, और उस ने यहोवा से कहा, उन लोगों की भेंट की ओर दृष्टि न कर। मैं ने तो उन से एक गदहा भी नहीं लिया, और न उन में से किसी की हानि की है।

16:16b.NUM.016.016 तब मूसा ने कोरह से कहा, कल तू अपनी सारी मण्डली को साथ लेकर हारून के साथ यहोवा के साम्हने हाजिर होना;

16:17b.NUM.016.017 और तुम सब अपना अपना धूपदान लेकर उन में धूप देना, फिर अपना अपना धूपदान जो सब समेत अढ़ाई सौ होंगे यहोवा के साम्हने ले जाना; विशेष करके तू और हारून अपना अपना धूपदान ले जाना।

16:18b.NUM.016.018 सो उन्हों ने अपना अपना धूपदान लेकर और उन में आग रखकर उन पर धूप डाला; और मूसा और हारून के साथ मिलापवाले तम्बू के द्वार पर खड़े हुए।

16:19b.NUM.016.019 और कोरह ने सारी मण्डली को उनके विरूद्ध मिलापवाले तम्बू के द्वार पर इकट्ठा कर लिया। तब यहोवा का तेज सारी मण्डली को दिखाई दिया।।

16:20b.NUM.016.020 तब यहोवा ने मूसा और हारून से कहा,

16:21b.NUM.016.021 उस मण्डली के बीच में से अलग हो जाओ। कि मैं उन्हें पल भर में भस्म कर डालूं।

16:22b.NUM.016.022 तब वे मुंह के बल गिरके कहने लगे, हे ईश्वर, हे सब प्राणियों के आत्माओं के परमेश्वर, क्या एक पुरूष के पाप के कारण तेरा क्रोध सारी मण्डली पर होगा?

16:23b.NUM.016.023 यहोवा ने मूसा से कहा,

16:24b.NUM.016.024 मण्डली के लोगों से कह, कि कोरह, दातान, और अबीराम के तम्बुओं के आसपास से हट जाओ।

16:25b.NUM.016.025 तब मूसा उठकर दातान और अबीराम के पास गया; और इस्त्राएलियों के वृद्ध लोग उसके पीछे पीछे गए।

16:26b.NUM.016.026 और उस ने मण्डली के लोगों से कहा, तुम उन दुष्ट मनुष्यों के डेरों के पास से हट जाओ, और उनकी कोई वस्तु न छूओ, कहीं ऐसा न हो कि तुम भी उनके सब पापों में फंसकर मिट जाओ।

16:27b.NUM.016.027 यह सुन वे कोरह, दातान, और अबीराम के तम्बुओं के आसपास से हट गए; परन्तु दातान और अबीराम निकलकर अपनी पत्नियों, बेंटों, और बालबच्चों समेत अपने अपने डेरे के द्वार पर खड़े हुए।

16:28b.NUM.016.028 तब मूसा ने कहा, इस से तुम जान लोगे कि यहोवा ने मुझे भेजा है कि यह सब काम करूं, क्योंकि मैं ने अपनी इच्छा से कुछ नहीं किया।

16:29b.NUM.016.029 यदि उन मनुष्यों की मृत्यु और सब मनुष्यों के समान हो, और उनका दण्ड सब मनुष्यों के समान हो, तब जानों कि मैं यहोवा का भेजा हुआ नहीं हूं।

16:30b.NUM.016.030 परन्तु यदि यहोवा अपनी अनोखी शक्ति प्रकट करे, और पृथ्वी अपना मुंह पसारकर उनको, और उनका सब कुछ निगल जाए, और वे जीते जी अधोलोक में जा पड़ें, तो तुम समझ लो कि इन मनुष्यों ने यहोवा का अपमान किया है।

16:31b.NUM.016.031 वह ये सब बातें कह ही चुका था, कि भूमि उन लोगों के पांव के नीचे फट गई;

16:32b.NUM.016.032 और पृथ्वी ने अपना मुंह खोल दिया और उनका और उनका घरद्वार का सामान, और कोरह के सब मनुष्यों और उनकी सारी सम्पत्ति को भी निगल लिया।

16:33b.NUM.016.033 और वे और उनका सारा घरबार जीवित ही अधोलोक में जा पड़े; और पृथ्वी ने उनको ढंाप लिया, और वे मण्डली के बीच में से नष्ट हो गए।

16:34b.NUM.016.034 और जितने इस्त्राएली उनके चारों ओर थे वे उनका चिल्लाना सुन यह कहते हुए भागे, कि कहीं पृथ्वी हम को भी निगल न ले!

16:35b.NUM.016.035 तब यहोवा के पास से आग निकली, और उन अढ़ाई सौ धूप चढ़ानेवालों को भस्म कर डाला।।

16:36b.NUM.016.036 तब यहोवा ने मूसा से कहा,

16:37b.NUM.016.037 हारून याजक के पुत्रा एलीआजार से कह, कि उन धूपदानों को आग में से उठा ले; और आग के अंगारों को उधर ही छितरा दे, क्योंकि वे पवित्रा हैं।

16:38b.NUM.016.038 जिन्हों ने पाप करके अपने ही प्राणों की हानि की है, उनके धूपदानों के पत्तर पीट पीटकर बनाए जाएं जिस से कि वह वेदी के मढ़ने के काम आवे; क्योंकि उन्हों ने यहोवा के साम्हने रखा था; इस से वे पवित्रा हैं। इस प्रकार वह इस्त्राएलियों के लिये एक निशान ठहरेगा।

16:39b.NUM.016.039 सो एलीआजर याजक ने उन पीतल के धूपदानों को, जिन में उन जले हुए मनुष्यों ने धूप चढ़ाया था, लेकर उनके पत्तर पीटकर वेदी के मढ़ने के लिये बनवा दिए,

16:40b.NUM.016.040 कि इस्त्राएलियों को इस बात का स्मरण रहे कि कोई दूसरा, जो हारून के वंश का न हो, यहोवा के साम्हने धूप चढ़ाने को समीप न जाए, ऐसा न हो कि वह भी कोरह और उसकी मण्डली के समान नष्ट हो जाए, जैसे कि यहोवा ने मूसा के द्वारा उसको आज्ञा दी थी।।

16:41b.NUM.016.041 दूसरे दिन इस्त्राएलियों की सारी मण्डली यह कहकर मूसा और हारून पर बुड़बुड़ाने लगी, कि यहोवा की प्रजा को तुम ने मार डाला है।

16:42b.NUM.016.042 और जब मण्डली के लोग मूसा और हारून के विरूद्ध इकट्ठे हो रहे थे, तब उन्हों ने मिलापवाले तम्बू की ओर दृष्टि की; और देखा, कि बादल ने उसे छा लिया है, और यहोवा का तेज दिखाई दे रहा है।

16:43b.NUM.016.043 तब मूसा और हारून मिलापवाले तम्बू के साम्हने आए,

16:44b.NUM.016.044 तब यहोवा ने मूसा और हारून से कहा,

16:45b.NUM.016.045 तुम उस मण्डली के लोगों के बीच से हट जाओ, कि मैं उन्हें पल भर में भस्म कर डालूं। तब वे मुंह के बल गिरे।

16:46b.NUM.016.046 और मूसा ने हारून से कहा, धूपदान को लेकर उस में वेदी पर से आग रखकर उस पर धूप डाल, मण्डली के पास फुरती से जाकर उसके लिये प्रायश्चित्त कर; क्योंकि यहोवा का कोप अत्यन्त भड़का है, और मरी फैलने लगी है।

16:47b.NUM.016.047 मूसा की आज्ञा के अनुसार हारून धूपदान लेकर मण्डली के बीच में दौड़ा गया; और यह देखकर कि लोगों में मरी फैलने लगी है, उस ने धूप जलाकर लोगों के लिये प्रायश्चित्त किया।

16:48b.NUM.016.048 और वह मुर्दों और जीवित के मध्य में खड़ा हुआ; तब मरी थम गई।

16:49b.NUM.016.049 और जो कोरह के संग भागी होकर मर गए थे, उन्हें छोड़ जो लोग इस मरी से मर गए वे चौदह हजार सात सौ थे।

16:50b.NUM.016.050 तब हारून मिलापवाले तम्बू के द्वार पर मूसा के पास लौट गया, और मरी थम गई।।

17

17:1b.NUM.017.001 तब यहोवा ने मूसा से कहा,

17:2b.NUM.017.002 इस्त्राएलियों से बातें करके उन के पूर्वजों के घरानों के अनुसार, उनके सब प्रधानों के पास से एक एक छड़ी ले; और उन बारह छड़ियों में से एक एक पर एक एक के मूल पुरूष का नाम लिख,

17:3b.NUM.017.003 और लेवियों की छड़ी पर हारून का नाम लिख। क्योंकि इस्त्राएलियों के पूर्वजों के घरानों के एक एक मुख्य पुरूष की एक एक छड़ी होगी।

17:4b.NUM.017.004 और उन छड़ियों को मिलापवाले तम्बू में साक्षीपत्रा के आगे, जहां मैं तुम लोगों से मिला करता हूं, रख दे।

17:5b.NUM.017.005 और जिस पुरूष को मैं चुनूंगा उसकी छड़ी में कलियां फूट निकलेंगी; और इस्त्राएली जो तुम पर बुड़बुड़ाते रहते हैं, वह बुड़बुड़ाना मैं अपने ऊपर से दूर करूंगा।

17:6b.NUM.017.006 सो मूसा ने इस्त्राएलियों से यह बात कही; और उनके सब प्रधानों ने अपने अपने लिये, अपने अपने पूर्वजों के घरानों के अनुसार, एक एक छड़ी उसे दी, सो बारह छड़ियां हुई; और उन की छड़ियों में हारून की भी छड़ी थी।

17:7b.NUM.017.007 उन छड़ियों को मूसा ने साक्षीपत्रा के तम्बू में यहोवा के साम्हने रख दिया।

17:9b.NUM.017.009 सो मूसा उन सब छड़ियों को यहोवा के साम्हने से निकालकर सब इस्त्राएलियों के पास ले गया; और उन्हों ने अपनी अपनी छड़ी पहिचानकर ले ली।

17:10b.NUM.017.010 फिर यहोवा ने मूसा से कहा, हारून की छड़ी को साक्षीपत्रा के साम्हने फिर धर दे, कि यह उन दंगा करनेवालो के लिये एक निशान बनकर रखी रहे, कि तू उनका बुड़बुड़ाना जो मेरे विरूद्ध होता रहता है भविष्य में रोक रखे, ऐसा न हो कि वे मर जाएं।

17:11b.NUM.017.011 और मूसा ने यहोवा की इस आज्ञा के अनुसार ही किया।।

17:12b.NUM.017.012 तब इस्त्राएली मूसा से कहने लगे, देख, हमारे प्राण निकला चाहते हैं, हम नष्ट हुए, हम सब के सब नष्ट हुए जाते हैं।

17:13b.NUM.017.013 जो कोई यहोवा के निवास के समीप जाता है वह मारा जाता है। तो क्या हम सब के सब मर ही जाएंगे।।

18

18:1b.NUM.018.001 फिर यहोवा ने हारून से कहा, कि पवित्रास्थान के अधर्म का भार तुझ पर, और तेरे पुत्रों और तेरे पिता के घराने पर होगा; और तुम्हारा याजक कर्म के अधर्म का भार भी तेरे पुत्रों पर होगा।

18:2b.NUM.018.002 और लेवी का गोत्रा, अर्थात् तेरे मूलपुरूष के गोत्रावाले जो तेरे भाई हैं, उनको भी अपने साथ ले आया कर, और वे तुझ से मिल जाएं, और तेरी सेवा टहल किया करें, परन्तु साक्षीपत्रा के तम्बू के साम्हने तू और तेरे पुत्रा ही आया करें।

18:3b.NUM.018.003 जो तुझे सौंपा गया है उसकी और सारे तम्बू की भी वे रक्षा किया करें; परन्तु पवित्रास्थान के पात्रों के और वेदी के समीप न आएं, ऐसा न हो कि वे और तुम लोग भी मर जाओ।

18:4b.NUM.018.004 सो वे तुझ से मिल जाएं, और मिलापवाले तम्बू की सारी सेवकाई की वस्तुओं की रक्षा किया करें; परन्तु जो तेरे कुल का न हो वह तुम लोगों के समीप न आने पाए।

18:5b.NUM.018.005 और पवित्रास्थान और वेदी की रखवाली तुम ही किया करो, जिस से इस्त्राएलियों पर फिर कोप न भड़के।

18:6b.NUM.018.006 परन्तु मैं ने आप तुम्हारे लेवी भाइयों को इस्त्राएलियों के बीच से अलग कर लिया है, और वे मिलापवाले तम्बू की सेवा करने के लिये तुम को और यहोवा को सौंप दिये गए हैं।

18:7b.NUM.018.007 पर वेदी की और बीचवाले पर्दे के भीतर की बातों की सेवकाई के लिये तू और तेरे पुत्रा अपने याजकपद की रक्षा करना, और तुम ही सेवा किया करना; क्योंकि मैं तुम्हें याजकपद की सेवकाई दान करता हूं; और जो तेरे कुल का न हो वह यदि समीप आए तो मार डाला जाए।।

18:8b.NUM.018.008 फिर यहोवा ने हारून से कहा, सुन, मै आप तुझ को उठाई हुई भेंट सौंप देता हूं, अर्थात् इस्त्राएलियों की पवित्रा की हुई वस्तुएं; जितनी हों उन्हें मैं तेरा अभिषेक वाला भाग ठहराकर तुझे और तेरे पुत्रों को सदा का हक करके दे देता हूं।

18:9b.NUM.018.009 जो परमपवित्रा वस्तुएं आग में होम न ही जाएंगी वे तेरी ही ठहरें, अर्थात् इस्त्राएलियों के सब चढ़ावों में से उनके सब अन्नबलि, सब पापबलि, और सब दोषबलि, जो वे मुझ को दें, वह तेरे और तेरे पुत्रों के लिये परमपवित्रा ठहरें।

18:10b.NUM.018.010 उनको परमपवित्रा वस्तु जानकर खाया करना; उनको हर एक पुरूष खा सकता है; वे तेरे लिये पवित्रा हैं।

18:11b.NUM.018.011 फिर ये वस्तुएं भी तेरी ठहरें, अर्थात् जितनी भेंट इस्त्राएली हिलाने के लिये दें, उनको मैं तुझे और तेरे बेटे- बेटियों को सदा का हक करके दे देता हूं; तेरे घराने में जितने शुद्ध हों वह उन्हें खा सकेंगे।

18:12b.NUM.018.012 फिर उत्तम से उत्तम नया दाखमधु, और गेहूं, अर्थात् इनकी पहली उपज जो वे यहोवा को दें, वह मैं तुझ को देता हूं।

18:13b.NUM.018.013 उनके देश के सब प्रकार की पहली उपज, जो वे यहोवा के लिये ले आएं, वह तेरी ही ठहरे; तेरे घराने में जितने शुद्ध हों वे उन्हें खा सकेंगें।

18:14b.NUM.018.014 इस्त्राएलियों में जो कुछ अर्पण किया जाए वह भी तेरा ही ठहरे।

18:15b.NUM.018.015 सब प्राणियों में से जितने अपनी अपनी मां के पहिलौठे हों, जिन्हें लोग यहोवा के लिये चढ़ाएं, चाहे मनुष्य के चाहे पशु के पहिलौठे हों, वे सब तेरे ही ठहरें; परन्तु मनुष्यों और अशुद्ध पशुओं के पहिलौठों को दाम लेकर छोड़ देना।

18:16b.NUM.018.016 और जिन्हें छुड़ाना हो, जब वे महीने भर के हों तब उनके लिये अपने ठहराए हुए मोल के अनुसार, अर्थात् पवित्रास्थान के बीस गेरा के शेकेल के हिसाब से पांच शेकेल लेके उन्हें छोड़ना।

18:17b.NUM.018.017 पर गाय, वा भेड़ी, वा बकरी के पहिलौठे को न छोड़ना; वे तो पवित्रा हैं। उनके लोहू को वेदी पर छिड़क देना, और उनकी चरबी को हव्य करके जलाना, जिस से यहोवा के लिये सुखदायक सुगन्ध हो;

18:18b.NUM.018.018 परन्तु उनका मांस तेरा ठहरे, और हिलाई हुई छाती, और दहिनी जांघ भी तेरा ही ठहरे।

18:19b.NUM.018.019 पवित्रा वस्तुओं की जितनी भेंटें इस्त्राएली यहोवा को दें, उन सभों को मैं तुझे और तेरे बेटे- बेटियों को सदा का हक करके दे देता हूं: यह तो तेरे और तेरे वंश के लिये यहोवा की सदा के लिये नमक की अटल वाचा है।

18:20b.NUM.018.020 फिर यहोवा ने हारून से कहा, इस्त्राएलियों के देश में तेरा कोई भाग न होगा, और न उनके बीच तेरा कोई अंश होगा; उनके बीच तेरा भाग और तेरा अंश मैं ही हूं।।

18:21b.NUM.018.021 फिर मिलापवाले तम्बू की जो सेवा लेवी करते हैं उसके बदले मैं उनको इस्त्राएलियों का सब दशमांश उनका निज भाग कर देता हूं।

18:22b.NUM.018.022 और भविष्य में इस्त्राएली मिलापवाले तम्बू के समीप न आएं, ऐसा न हो कि उनके सिर पर पाप लगे, और वे मर जाएं।

18:23b.NUM.018.023 परन्तु लेवी मिलापवाले तम्बू की सेवा किया करें, और उनके अधर्म का भार वे ही उठाया करें; यह तुम्हारी पीढ़ीयों में सदा की विधि ठहरे; और इस्त्राएलियों के बीच उनका कोई निज भाग न होगा।

18:24b.NUM.018.024 क्योंकि इस्त्राएली जो दशमांश यहोवा को उठाई हुई भेंट करके देंगे, उसे मैं लेवियों को निज भाग करके देता हूं, इसीलिये मैं ने उनके विषय में कहा है, कि इस्त्राएलियों के बीच कोई भाग उनको न मिले।

18:25b.NUM.018.025 फिर यहोवा ने मूसा से कहा,

18:26b.NUM.018.026 तू लेवियों से कह, कि जब जब तुम इस्त्राएलियों के हाथ से वह दशमांश लो जिसे यहोवा तुम को तुम्हारा निज भाग करके उन से दिलाता है, तब तब उस में से यहोवा के लिये एक उठाई हुई भेंट करके दशमांश का दशमांश देना।

18:27b.NUM.018.027 और तुम्हारी उठाई हुई भेंट तुम्हारे हित के लिये ऐसी गिनी जाएगी जैसा खलिहान में का अन्न, वा रसकुण्ड में का दाखरस गिना जाता है।

18:28b.NUM.018.028 इस रीति तुम भी अपने सब दशमांशों में से, जो इस्त्राएलियों की ओर से पाओगे, यहोवा को एक उठाई हुई भेंट देना; और यहोवा की यह उठाई हुई भेंट हारून याजक को दिया करना।

18:29b.NUM.018.029 जितने दान तुम पाओ उन में से हर एक का उत्तम से उत्तम भाग, जो पवित्रा ठहरा है, सो उसे यहोवा के लिये उठाई हुई भेंट करके पूरी पूरी देना।

18:30b.NUM.018.030 इसलिये तू लेवियों से कह, कि जब तुम उस में का उत्तम से उत्तम भाग उठाकर दो, तब यह तुम्हारे लिये खलिहान में के अन्न, और रसकुण्ड के रस के तुल्य गिना जाएगा;

18:31b.NUM.018.031 और उसको तुम अपने घरानों समेत सब स्थानों में खा सकते हो, क्योंकि मिलापवाले तम्बू की जो सेवा तुम करोगे उसका बदला यही ठहरा है।

18:32b.NUM.018.032 और जब तुम उसका उत्तम से उत्तम भाग उठाकर दो तब उसके कारण तुम को पाप न लगेगा। परन्तु इस्त्राएलियों की पवित्रा की हुई वस्तुओं को अपवित्रा न करना, ऐसा न हो कि तुम मर जाओ।।

19

19:1b.NUM.019.001 फिर यहोवा ने मूसा और हारून से कहा,

19:2b.NUM.019.002 व्यवस्था की जिस विधि की आज्ञा यहोवा देता है वह यह है; कि तू इस्त्राएलियों से कह, कि मेरे पास एक लाल निर्दोष बछिया ले आओ, जिस में कोई भी दोष न हो, और जिस पर जूआ कभी न रखा गया हो।

19:3b.NUM.019.003 तब एलीआजर याजक को दो, और वह उसे छावनी से बाहर ले जाए, और कोई उसको उसके सम्हने बलिदान करे;

19:4b.NUM.019.004 तब एलीआजर याजक अपनी उंगली से उसका कुछ लोहू लेकर मिलापवाले तम्बू के साम्हने की ओर सात बार छिड़क दे।

19:5b.NUM.019.005 तब कोई उस बछिया को खाल, मांस, लोहू, और गोबर समेत उसके साम्हने जलाए;

19:6b.NUM.019.006 और याजक देवदारू की लकड़ी, जूफा, और लाल रंग का कपड़ा लेकर उस आग में जिस में बछिया जलती हो डाल दे।

19:7b.NUM.019.007 तब वह अपने वस्त्रा धोए और स्नान करे, इसके बाद छावनी में तो आए, परन्तु सांझ तक अशुद्ध रहे।

19:8b.NUM.019.008 और जो मनुष्य उसको जलाए वह भी जल से अपने वस्त्रा धोए और स्नान करे, और सांझ तक अशुद्ध रहे।

19:9b.NUM.019.009 फिर कोई शुद्ध पुरूष उस बछिया की राख बटोरकर छावनी के बाहर किसी शुद्ध स्थान में रख छोड़े; और वह राख इस्त्राएलियों की मण्डली के लिये अशुद्धता से छुड़ानेवाले जल के लिये रखी रहे; वह तो पापबलि है।

19:10b.NUM.019.010 और जो मनुष्य बछिया की राख बटोरे वह अपने वस्त्रा धोए, और सांझ तक अशुद्ध रहे। और यह इस्त्राएलियों के लिये, और उनके बीच रहनेवाले परदेशियों के लिये भी सदा की विधि ठहरे।

19:11b.NUM.019.011 जो किसी मनुष्य की लोथ छूए वह सात दिन तक अशुद्ध रहे;

19:12b.NUM.019.012 ऐसा मनुष्य तीसरे दिन उस जल से पाप छुड़ाकर अपने को पावन करे, और सातवें दिन शुद्ध ठहरे; परन्तु यदि वह तीसरे दिन आप को पाप छुड़ाकर पावन न करे, तो सातवें दिन शुद्ध ठहरेगा।

19:13b.NUM.019.013 जो कोई किसी मनुष्य की लोथ छूकर पाप छुड़ाकर अपने को पावन न करे, वह यहोवा के निवासस्थान का अशुद्ध करनेवाला ठहरेगा, और वह प्राणी इस्त्राएल में से नाश किया जाए; अशुद्धता से छुड़ानेवाला जल उस पर न छिड़का गया, इस कारण वह अशुद्ध ठहरेगा, उसकी अशुद्धता उस में बची रहेगी।

19:14b.NUM.019.014 यदि कोई मनुष्य डेरे में मर जाए तो व्यवस्था यह यह है, कि जितने उस डेरे में रहें, वा उस में जाएं, वे सब सात दिन तक अशुद्ध रहें।

19:15b.NUM.019.015 और हर एक खुला हुआ पात्रा, जिस पर कोई ढकना लगा न हो, वह अशुद्ध ठहरे।

19:16b.NUM.019.016 और जो कोई मैदान में तलवार से मारे हुए को, वा अपनी मृत्यु से मरे हुए को, वा मनुष्य की हड्डी को, वा किसी कब्र को छूए, तो सात दिन तक अशुद्ध रहे।

19:17b.NUM.019.017 अशुद्ध मनुष्य के लिये जलाए हुए पापबलि की राख में से कुछ लेकर पात्रा में डालकर उस पर सोते का जल डाला जाए;

19:18b.NUM.019.018 तब कोई शुद्ध मनुष्य जूफा लेकर उस जल में डुबाकर जल को उस डेरे पर, और जितने पात्रा और मनुष्य उस में हों, उन पर छिड़के, और हड्डी के, वा मारे हुए के, वा अपनी मृत्यु से मरे हुए के, वा कब्र के छूनेवाले पर छिड़क दे;

19:19b.NUM.019.019 वह शुद्ध पुरूष तीसरे दिन और सातवें दिन उस अशुद्ध मनुष्य पर छिड़के; और सातवें दिन वह उसके पाप छुड़ाकर उसको पावन करे, तब वह अपने वस्त्रों को धोकर और जल से स्नान करके सांझ को शुद्ध ठहरे।

19:20b.NUM.019.020 और जो कोई अशुद्ध होकर अपने पाप छुड़ाकर अपने को पावन न कराए, वह प्राणी यहोवा के पवित्रा स्थान का अशुद्ध करनेवाला ठहरेगा, इस कारण वह मण्डली के बीच में से नाश किया जाए; अशुद्धता से छुडानेवाला जल उस पर न छिड़का गया, इस कारण से वह अशुद्ध ठहरेगा।

19:21b.NUM.019.021 और यह उनके लिये सदा की विधि ठहरे। जो अशुद्धता से छुड़ानेवाला जल छिड़के वह अपने वस्त्रों को धोए; और जिस जन से अशुद्धता से छुड़ानेवाला जल छू जाए वह भी सांझ तक अशुद्ध रहे।

19:22b.NUM.019.022 और जो कुछ वह अशुद्ध मनुष्य छूए वह भी अशुद्ध ठहरे; और जो प्राणी उस वस्तु को छूए वह भी सांझ तक अशुद्ध रहे।।

20

20:1b.NUM.020.001 पहिले महीने में सारी इस्त्राएली मण्डली के लोग सीनै नाम जंगल में आ गए, और कादेश में रहने लगे; और वहां मरियम मर गई, और वहीं उसको मिट्टी दी गई।

20:2b.NUM.020.002 वहां मण्डली के लोगों के लिये पानी न मिला; सो वे मूसा और हारून के विरूद्ध इकट्ठे हुए।

20:3b.NUM.020.003 और लोग यह कहकर मूसा से झगड़ने लगे, कि भला होता कि हम उस समय ही मर गए होते जब हमारे भाई यहोवा के साम्हने मर गए!

20:4b.NUM.020.004 और तुम यहोवा की मण्डली को इस जंगल में क्यों ले आए हो, कि हम अपने पशुओं समेत यहां मर जाए?

20:5b.NUM.020.005 और तुम ने हम को मि से क्यों निकालकर इस बुरे स्थान में पहुंचाया है? यहां तो बीच, वा अंजीर, वा दाखलता, वा अनार, कुछ नहीं है, यहां तक कि पीने को कुछ पानी भी नहीं है।

20:6b.NUM.020.006 तब मूसा और हारून मण्डली के साम्हने से मिलापवाले तम्बू के द्वार पर जाकर अपने मुंह के बल गिरे। और यहोवा का तेज उनको दिखाई दिया।

20:7b.NUM.020.007 तब यहोवा ने मूसा से कहा,

20:8b.NUM.020.008 उस लाठी को ले, और तू अपने भाई हारून समेत मण्डली को इकट्ठा करके उनके देखते उस चट्टान से बातें कर, तब वह अपना जल देगी; इस प्रकार से तू चट्टान में से उनके लिये जल निकाल कर मण्डली के लोगों और उनके पशुओं को पिला।

20:9b.NUM.020.009 यहोवा की इस आज्ञा के अनुसार मूसा ने उसके साम्हने से लाठी को ले लिया।

20:10b.NUM.020.010 और मूसा और हारून ने मण्डली को उस चट्टान के साम्हने इकट्ठा किया, तब मूसा ने उस से कह, हे दंगा करनेवालो, सुनो; क्या हम को इस चट्टान में से तुम्हारे लिये जल निकालना होगा?

20:11b.NUM.020.011 तब मूसा ने हाथ उठाकर लाठी चट्टान पर दो बार मारी; और उस में से बहुत पानी फूट निकला, और मण्डली के लोग अपने पशुओं समेत पीने लगे।

20:12b.NUM.020.012 परन्तु मूसा और हारून से यहोवा ने कहा, तुम ने जो मुझ पर विश्वास नहीं किया, और मुझे इस्त्राएलियों की दृष्टि में पवित्रा नहीं ठहराया, इसलिये तुम इस मण्डली को उस देश में पहुंचाने न पाओगे जिसे मैं ने उन्हें दिया है।

20:13b.NUM.020.013 उस सोते का नाम मरीबा पड़ा, क्योंकि इस्त्राएलियों ने यहोवा से झगड़ा किया था, और वह उनके बीच पवित्रा ठहराया गया।।

20:14b.NUM.020.014 फिर मूसा ने कादेश से एदोम के राजा के पास दूत भेजे, कि तेरा भाई इस्त्राएल यों कहता है, कि हम पर जो जो क्लेश पड़े हैं वह तू जानता होगा;

20:15b.NUM.020.015 अर्थात् यह कि हमारे पुरखा मि में गए थे, और हम मि में बहुत दिन रहे; और मिस्त्रियों ने हमारे पुरखाओं के साथ और हमारे साथ भी बुरा बर्ताव किया;

20:16b.NUM.020.016 परन्तु जब हम ने यहोवा की दोहाई दी तब उस ने हमारी सुनी, और एक दूत को भेजकर हमें मि से निकाल ले आया है; सो अब हम कादेश नगर में हैं जो तेरे सिवाने ही पर है।

20:17b.NUM.020.017 सो हमें अपने देश में से होकर जाने दे। हम किसी खेत वा दाख की बारी से होकर न चलेंगे, और कूओं का पानी न पीएंगे; सड़क- सड़क होकर चले जाएंगे, और जब तक तेरे देश से बाहर न हो जाएं, तब तक न दहिने न बाएं मुड़ेंगे।

20:18b.NUM.020.018 परन्तु एदोमियों ने उसके पास कहला भेजा, कि तू मेरे देश में से होकर मत जा, नहीं तो मैं तलवार लिये हुए तेरा साम्हना करने को निकलूंगा।

20:19b.NUM.020.019 इस्त्राएलियों ने उसके पास फिर कहला भेजा, कि हम सड़क ही सड़क चलेंगे, और यदि हम और हमारे पशु तेरा पानी पीएं, तो उसका दाम देंगे, हम को और कुछ नहीं, केवल पांव पांव चलकर निकल जाने दे।

20:20b.NUM.020.020 परन्तु उस ने कहा, तू आने न पाएगा। और एदोम बड़ी सेना लेकर भुजबल से उसका साम्हना करने को निकल आया।

20:21b.NUM.020.021 इस प्रकार एदोम ने इस्त्राएल को अपने देश के भीतर से होकर जाने देने से इन्कार किया; इसलिये इस्त्राएल उसकी ओर से मुड़ गए।।

20:22b.NUM.020.022 तब इस्त्राएलियों की सारी मण्डली कादेश से कूच करके होर नाम पहाड़ के पास आ गई।

20:23b.NUM.020.023 और एदोम देश के सिवाने पर होर पहाड़ में यहोवा ने मूसा और हारून से कहा,

20:24b.NUM.020.024 हारून अपने लोगों मे जा मिलेगा; क्योंकि तुम दोनो ने जो मरीबा नाम सोते पर मेरा कहना छोड़कर मुझ से बलवा किया है, इस कारण वह उस देश में जाने न पाएगा जिसे मैं ने इस्त्राएलियों को दिया है।

20:25b.NUM.020.025 सो तू हारून और उसके पुत्रा एलीआजर को होर पहाड़ पर ले चल;

20:26b.NUM.020.026 और हारून के वस्त्रा उतारके उसके पुत्रा एलीआजर को पहिना; तब हारून वहीं मरकर अपने लोगों मे जा मिलेगा।

20:27b.NUM.020.027 यहोवा की इस आज्ञा के अनुसार मूसा ने किया; वे सारी मण्डली के देखते होर पहाड़ पर चढ़ गए।

20:28b.NUM.020.028 तब मूसा ने हारून के वस्त्रा उतारके उसके पुत्रा एलीआजर को पहिनाए और हारून वहीं पहाड़ की चोटी पर मर गया। तब मूसा और एलीआजर पहाड़ पर से उतर आए।

20:29b.NUM.020.029 और जब इस्त्राएल की सारी मण्डली ने देखा कि हारून का प्राण छूट गया है, तब इस्त्राएल के सब घराने के लोग उसके लिये तीस दिन तक रोते रहे।।

21

21:1b.NUM.021.001 तब अराद का कनानी राजा, जो दक्खिन देश में रहता था, यह सुनकर, कि जिस मार्ग से वे भेदिये आए थे उसी मार्ग से अब इस्त्राएली आ रहे हैं, इस्त्राएल से लड़ा, और उन में से कितनों को बन्धुआ कर लिया।

21:2b.NUM.021.002 तब इस्त्राएलियों ने यहोवा से यह कहकर मन्नत मानी, कि यदि तू सचमुच उन लोगों को हमारे वश में कर दे, तो हम उनके नगरों को सत्यनाश कर देंगे।

21:3b.NUM.021.003 इस्त्राएल की यह बात सुनकर यहोवा ने कनानियों को उनके वश में कर दिया; सो उन्हों ने उनके नगरों समेत उनको भी सत्यानाश किया; इस से उस स्थान का नाम होर्मा रखा गया।।

21:4b.NUM.021.004 फिर उन्हों ने होर पहाड़ से कूच करके लाल समुद्र का मार्ग लिया, कि एदोम देश से बाहर बाहर घूमकर जाएं; और लोगों का मन मार्ग के कारण बहुत व्याकुल हो गया।

21:5b.NUM.021.005 सो वे परमेश्वर के विरूद्ध बात करने लगे, और मूसा से कहा, तुम लोग हम को मि से जंगल में मरने के लिये क्यों ले आए हो? यहां न तो रोटी है, और न पानी, और हमारे प्राण इस निकम्मी रोटी से दुखित हैं।

21:6b.NUM.021.006 सो यहोवा ने उन लोगों में तेज विषवाले सांप भेजे, जो उनको डसने लगे, और बहुत से इस्त्राएली मर गए।

21:7b.NUM.021.007 तब लोग मूसा के पास जाकर कहने लगे, हम ने पाप किया है, कि हम ने यहोवा के और तेरे विरूद्ध बातें की हैं; यहोवा से प्रार्थना कर, कि वह सांपों को हम से दूर करे। तब मूसा ने उनके लिये प्रार्थना की।

21:8b.NUM.021.008 यहोवा ने मूसा से कहा एक तेज विषवाले सांप की प्रतिमा बनवाकर खम्भे पर लटका; तब जो सांप से डसा हुआ उसको देख ले वह जीवित बचेगा।

21:9b.NUM.021.009 सो मूसा ने पीतल को एक सांप बनवाकर खम्भे पर लटकाया; तब सांप के डसे हुओं में से जिस जिस ने उस पीतल के सांप को देखा वह जीवित बच गया।

21:10b.NUM.021.010 फिर इस्त्राएलियों ने कूच करके ओबोत में डेरे डाले।

21:11b.NUM.021.011 और ओबोत से कूच करके अबारीम नाम डीहों में डेरे डाले, जो पूरब की ओर मोआब के साम्हने के जंगल में है।

21:12b.NUM.021.012 वंहा से कूच करके उन्हों ने जेरेद नाम नाले में डेरे डाले।

21:13b.NUM.021.013 वहां से कूच करके उन्हों ने अर्नोन नदी, जो जंगल में बहती और एमोरियों के देश से निकलती है, उसकी परली ओर डेरे खड़े किए; क्योंकि अर्नोन मोआबियों और एमोरियों के बीच होकर मोआब देश का सिवाना ठहरा है।

21:14b.NUM.021.014 इस कारण यहोवा के संग्राम नाम पुस्तक में इस प्रकार लिखा है, कि सूपा में बाहेब, और अर्नोन के नाले,

21:15b.NUM.021.015 और उन नालों की ढलान जो आर नाम नगर की ओर है, और जो मोआब के सिवाने पर है।

21:16b.NUM.021.016 फिर वहां से कूच करके वे बैर तक गए; वहां वही कूआं है जिसके विषय में यहोवा ने मूसा से कहा था, कि उन लोगों को इकट्ठा कर, और मैं उन्हे पानी दूंगा।।

21:17b.NUM.021.017 उस समय इस्त्राएल ने यह गीत गया, कि हे कूएं, उबल आ, उस कूएं के विषय में गाओ!

21:18b.NUM.021.018 जिसको हाकिमों ने खोदा, और इस्त्राएल के रईसों ने अपने सोंटों और लाठियों से खोद लिया।।

21:19b.NUM.021.019 फिर वे जंगल से मत्ताना को, और मत्ताना से नहलीएल को, और नहलीएल से बामोत को,

21:20b.NUM.021.020 और बामोत से कूच करके उस तराई तक जो मोआब के मैदान में है, और पिसगा के उस सिरे तक भी जो यशीमोन की ओर झुका है पहुंच गए।।

21:21b.NUM.021.021 तब इस्त्राएल ने एमोरियों के राजा सीहोन के पास दूतों से यह कहला भेजा,

21:22b.NUM.021.022 कि हमें अपने देश में होकर जाने दे; हम मुड़कर किसी खेत वा दाख की बारी में तो न जाएंगे; न किसी कूएं का पानी पीएंगे; और जब तक तेरे देश से बाहर न हो जाएं तब तक सड़क ही से चले जाएंगे।

21:23b.NUM.021.023 तौभी सीहोन ने इस्त्राएल को अपने देश से होकर जाने न दिया; वरन अपनी सारी सेना को इकट्ठा करके इस्त्राएल का साम्हना करने को जंगल में निकल आया, और यहस को आकर उन से लड़ा।

21:24b.NUM.021.024 तब इस्त्राएलियों ने उस को तलवार से मार लिया, और अर्नोन से यब्बोक नदी तक, जो अम्मोनियों का सिवाना था, उसके देश के अधिकारी हो गए; अम्मोनियों का सिवाना तो दृढ़ था।

21:25b.NUM.021.025 सो इस्त्राएल ने एमोरियों के सब नगरों को ले लिया, और उन में, अर्थात् हेशबोन और उसके आस पास के नगरों में रहने लगे।

21:26b.NUM.021.026 हेशबोन एमोरियों के राजा सीहोन का नगर था; उस ने मोआब के अगले राजा से लड़के उसका सारा देश अर्नोन तक उसके हाथ से छीन लिया था।

21:27b.NUM.021.027 इस कारण गूढ़ बात के कहनेवाले कहते हैं, कि हेशबोन में आओ, सीहोन का नगर बसे, और दृढ़ किया जाए।

21:28b.NUM.021.028 क्योंकि हेशबोन से आग, अर्थात् सीहोन के नगर से लौ निकली; जिस से मोआब देश का आर नगर, और अर्नोन के ऊंचे स्थानों के स्वामी भस्म हुए।

21:29b.NUM.021.029 हे मोआब, तुझ पर हाय! कमोश देवता की प्रजा नाश हुई, उस ने अपने बेटों को भगेडू, और अपनी बेटियों को एमोरी राजा सीहोन की दासी कर दिया।

21:30b.NUM.021.030 हम ने उन्हें गिरा दिया है, हेशबोन दीबोन तक नष्ट हो गया है, और हम ने नोपह और मेदबा तक भी उजाड़ दिया है।।

21:31b.NUM.021.031 सो इस्त्राएल एमोरियों के देश में रहने लगा।

21:32b.NUM.021.032 तब मूसा ने याजेर नगर का भेद लेने को भेजा; और उन्हों ने उसके गांवों को लिया, और वहां के एमोरियों को उस देश से निकाल दिया।

21:33b.NUM.021.033 तब वे मुड़के बाशान के मार्ग से जाने लगे; और बाशान के राजा ओग न उनका साम्हना किया, अर्थात् लड़ने को अपनी सारी सेना समेत एद्रेई में निकल आया।

21:34b.NUM.021.034 तब यहोवा ने मूसा से कहा, उस से मत डर; क्योंकि मैं उसको सारी सेना और देश समेत तेरे हाथ में कर देता हूं; और जैसा तू ने एमोरियों के राजा हेशबोनवासी सीहोन के साथ किया है, वैसा ही उसके साथ भी करना।

21:35b.NUM.021.035 तब उन्हों ने उसको, और उसके पुत्रों और सारी प्रजा को यहां तक मारा कि उसका कोई भी न बचा; और वे उसके देश के अधिकारी को गए।

22

22:1b.NUM.022.001 तब इस्त्राएलियों ने कूच करके यरीहो के पास यरदन नदी के इस पार मोआब के अराबा में डेरे खड़े किए।।

22:2b.NUM.022.002 और सिप्पोर के पुत्रा बालाक ने देखा कि इस्त्राएल ने एमोरियों से क्या क्या किया है।

22:3b.NUM.022.003 इसलिये मोआब यह जानकर, कि इस्त्राएली बहुत हैं, उन लोगों से अत्यन्त डर गया; यहां तक कि मोआब इस्त्राएलियों के कारण अत्यन्त व्याकुल हुआ।

22:4b.NUM.022.004 तब मोआबियों ने मिद्यानी पुरनियों से कहा, अब वह दल हमारे चारों ओर के सब लोगों को चट कर जाएगा, जिस तरह बैल खेत की हरी घास को चट कर जाता है। उस समय सिप्पोर का पुत्रा बालाक मोआब का राजा था;

22:5b.NUM.022.005 और इस ने पतोर नगर को, जो महानद के तट पर बोर के पुत्रा बिलाम के जातिभाइयों की भूमि थी, वहां बिलाम के पास दूत भेजे, कि वे यह कहकर उसे बुला लाएं, कि सुन एक दल मि से निकल आया है, और भूमि उन से ढक गई है, और अब वे मेरे साम्हने ही आकर बस गए हैं।

22:6b.NUM.022.006 इसलिये आ, और उन लोगों को मेरे निमित्त शाप दे, क्योंकि वे मुझ से अधिक बलवन्त हैं, तब सम्भव है कि हम उन पर जयवन्त हों, और हम सब इनको अपने देश से मारकर निकाल दें; क्योंकि यह तो मैं जानता हूं कि जिसको तू आशीर्वाद देता है वह धन्य होता है, और जिसको तू शाप देता है वह स्रापित होता है।

22:7b.NUM.022.007 तब मोआबी और मिद्यानी पुरनिये भावी कहने की दक्षिणा लेकर चले, और बिलाम के पास पहुंचकर बालाक की बातें कह सुनाईं।

22:8b.NUM.022.008 उस ने उन से कहा, आज रात को यहां टिको, और जो बात यहोवा मुझ से कहेगा, उसी के अनुसार मैं तुम को उत्तर दूंगा; तब मोआब के हाकिम बिलाम के यहां ठहर गए।

22:9b.NUM.022.009 तब परमेश्वर ने बिलाम के पास आकर पूछा, कि तेरे यहां ये पुरूष कौन हैं?

22:10b.NUM.022.010 बिलाम ने परमेश्वर से कहा सिप्पोर के पुत्रा मोआब के राजा बालाक ने मेरे पास यह कहला भेजा है,

22:11b.NUM.022.011 कि सुन, जो दल मि से निकल आया है उस से भूमि ढंप गई है; इसलिये आकर मेरे लिये उन्हें शाप दे; सम्भव है कि मैं उनसे लड़कर उनको बरबस निकाल सकूंगा।

22:12b.NUM.022.012 परमेश्वर ने बिलाम से कहा, तू इनके संग मत जा; उन लोगों को शाप मत दे, क्योंकि वे आशीष के भागी हो चुके हैं।

22:13b.NUM.022.013 भोर को बिलाम ने उठकर बालाक के हाकिमों से कहा, तुम अपने देश को चले जाओ; क्योंकि यहोवा मुझे तुम्हारे साथ जाने की आज्ञा नहीं देता।

22:14b.NUM.022.014 तब मोआबी हाकिम चले गए और बालाक के पास जाकर कहा, कि बिलाम ने हमारे साथ आने से नाह किया है।

22:15b.NUM.022.015 इस पर बालाक ने फिर और हाकिम भेजे, जो पहिलों से प्रतिष्ठित और गिनती में भी अधिक थे।

22:16b.NUM.022.016 उन्हों ने बिलाम के पास आकर कहा, कि सिप्पोर का पुत्रा बालाक यों कहता है, कि मेरे पास आने से किसी कारण नाह न कर;

22:17b.NUM.022.017 क्योंकि मैं निश्चय तेरी बड़ी प्रतिष्ठा करूंगा, और जो कुछ तू मुझ से कहे वही मैं करूंगा; इसलिये आ, और उन लोगों को मेरे निमित्त शाप दे।

22:18b.NUM.022.018 बिलाम ने बालाक के कर्मचारियों को उत्तर दिया, कि चाहे बालाक अपने घर को सोने चांदी से भरकर मुझे दे दे, तौभी मैं अपने परमेश्वर यहोवा की आज्ञा को पलट नहीं सकता, कि उसे घटाकर वा बढ़ाकर मानूं।

22:19b.NUM.022.019 इसलिये अब तुम लोग आज रात को यहीं टिके रहो, ताकि मैं जान लूं, कि यहोवा मुझ से और क्या कहता है।

22:20b.NUM.022.020 और परमेश्वर ने रात को बिलाम के पास आकर कहा, यदि वे पुरूष तुझे बुलाने आए हैं, तो तू उठकर उनके संग जा; परन्तु जो बात मैं तुझ से कहूं उसी के अनुसार करना।

22:21b.NUM.022.021 तब बिलाम भोर को उठा, और अपनी गदही पर काठी बान्धकर मोआबी हाकिमों के संग चल पड़ा।

22:22b.NUM.022.022 और उसके जाने के कारण परमेश्वर का कोप भड़क उठा, और यहोवा का दूत उसका विरोध करने के लिये मार्ग रोककर खड़ा हो गया। वह तो अपनी गदही पर सवार होकर जा रहा था, और उसके संग उसके दो सेवक भी थे।

22:23b.NUM.022.023 और उस गदही को यहोवा का दूत हाथ में नंगी तलवार लिये हुए मार्ग में खड़ा दिखाई पड़ा; तब गदही मार्ग छोड़कर खेत में चली गई; तब बिलाम ने गदही को मारा, कि वह मार्ग पर फिर आ जाए।

22:24b.NUM.022.024 तब यहोवा का दूत दाख की बारियों के बीच की गली में, जिसके दोनों ओर बारी की दीवार थी, खड़ा हुआ।

22:25b.NUM.022.025 यहोवा के दूत को देखकर गदही दीवार से ऐसी सट गई, कि बिलाम का पांव दीवार से दब गया; तब उस ने उसको फिर मारा।

22:26b.NUM.022.026 तब यहोवा का दूत आगे बढ़कर एक सकेत स्थान पर खड़ा हुआ, जहां न तो दहिनी ओर हटने की जगह थी और न बाईं ओर।

22:27b.NUM.022.027 वहां यहोवा के दूत को देखकर गदही बिलाम को लिये दिये बैठ गई; फिर तो बिलाम का कोप भड़क उठा, और उस ने गदही को लाठी से मारा।

22:28b.NUM.022.028 तब यहोवा ने गदही का मुंह खोल दिया, और वह बिलाम से कहने लगी, मैं ने तेरा क्या किया है, कि तू ने मुझे तीन बार मारा?

22:29b.NUM.022.029 बिलाम ने गदही से कहा, यह कि तू ने मुझ से नटखटी की। यदि मेरे हाथ में तलवार होती तो मैं तुझे अभी मार डालता।

22:30b.NUM.022.030 गदही ने बिलाम से कहा क्या मैं तेरी वही गदही नहीं जिस पर तू जन्म से आज तक चढ़ता आया है? क्या मैं तुझ से कभी ऐसा करती थी? वह बोला, नहीं।

22:31b.NUM.022.031 तब यहोवा ने बिलाम की आंखे खोलीं, और उसको यहोवा का दूत हाथ में नंगी तलवार लिये हुए मार्ग में खड़ा दिखाई पड़ा; तब वह झुक गया, और मुंह के बल गिरके दण्डवत की।

22:32b.NUM.022.032 यहोवा के दूत ने उस से कहा, तू ने अपनी गदही को तीन बार क्यों मारा? सुन, तेरा विरोध करने को मैं ही आया हूं, इसलिये कि तू मेरे साम्हने उलटी चाल चलता है;

22:33b.NUM.022.033 और यह गदही मुझे देखकर मेरे साम्हने से तीन बार हट गई। जो वह मेरे साम्हने से हट न जाती, तो नि:सन्देह मैं अब तक तुझ को मार ही डालता, परन्तु उसको जीवित छोड़ देता।

22:34b.NUM.022.034 तब बिलाम ने यहोवा के दूत से कहा, मैं ने पाप किया है; मैं नहीं जानता था कि तू मेरा साम्हना करने को मार्ग में खड़ा है। इसलिये अब यदि तुझे बुरा लगता है, तो मैं लौट जाता हूं।

22:35b.NUM.022.035 यहोवा के दूत ने बिलाम से कहा, इन पुरूषों के संग तू चला जा; परन्तु केवल वही बात कहना जो मैं तुझ से कहूंगा। तब बिलाम बालाक के हाकिमों के संग चला गया।

22:36b.NUM.022.036 यह सुनकर, कि बिलाम आ रहा है, बालाक उस से भेंट करने के लिये मोआब के उस नगर तक जो उस देश के अर्नोनवाले सिवाने पर है गया।

22:37b.NUM.022.037 बालाक ने बिलाम से कहा, क्या मैं ने बड़ी आशा से तुझे नहीं बुलवा भेजा था? फिर तू मेरे पास क्यों नहीं चला आया? क्या मैं इस योग्य नहीं कि सचमुच तेरी उचित प्रतिष्ठा कर सकता?

22:38b.NUM.022.038 बिलाम ने बालाक से कहा, देख मैं तेरे पास आया तो हूं! परन्तु अब क्या मैं कुछ कर सकता हूं? जो बात परमेश्वर मेरे मुंह में डालेगा वही बात मैं कहूंगा।

22:39b.NUM.022.039 तब बिलाम बालाक के संग संग चला, और वे किर्यथूसोत तक आए।

22:40b.NUM.022.040 और बालाक ने बैल और भेड़- बकरियों को बलि किया, और बिलाम और उसके साथ के हाकिमों के पास भेजा।

22:41b.NUM.022.041 बिहान को बालाक बिलाम को बालू के ऊंचे स्थानों पर चढ़ा ले गया, और वहां से उसको सब इस्त्राएली लोग दिखाई पड़े।।

23

23:1b.NUM.023.001 तब बिलाम ने बालाक से कहा, यहां पर मेरे लिये सात वेदियां बनवा, और इसी स्थान पर सात बछड़े और सात मेढ़े तैयार कर।

23:2b.NUM.023.002 तब बालाक ने बिलाम के कहने के अनुसार किया; और बालाक और बिलाम ने मिलकर प्रत्येक वेदी पर एक बछड़ा और एक मेढ़ा चढ़ाया।

23:3b.NUM.023.003 फिर बिलाम ने बालाक से कहा, तू अपने होमबलि के पास खड़ा रह, और मैं जाता हूं; सम्भव है कि यहोवा मुझ से भेंट करने को आए; और जो कुछ वह मुझ पर प्रकाश करेगा वही मैं तुझ को बताऊंगा। तब वह एक मुण्डे पहाड़ पर गया।

23:4b.NUM.023.004 और परमेश्वर बिलाम से मिला; और बिलाम ने उस से कहा, मैं ने सात वेदियां तैयार की हैं, और प्रत्येक वेदी पर एक बछड़ा और एक मेढ़ा चढ़ाया है।

23:5b.NUM.023.005 यहोवा ने बिलाम के मुंह में एक बाल डालीं, और कहा, बालाक के पास लौट जो, और यों कहना।

23:6b.NUM.023.006 और वह उसके पास लौटकर आ गया, और क्या देखता है, कि वह सारे मोआबी हाकिमों समेत अपने होमबलि के पास खड़ा है।

23:7b.NUM.023.007 तब बिलाम ने अपनी गूढ़ बात आरम्भ की, और कहने लगा, बालाक ने मुझे आराम से, अर्थात् मोआब के राजा ने मुझे पूरब के पहाड़ों से बुलवा भेजा: आ, मेरे लिये याकूब को शाप दे, आ, इस्त्राएल को धमकी दे!

23:8b.NUM.023.008 परन्तु जिन्हें ईश्वर ने नहीं शाप दिया उन्हें मैं क्यों शाप दूं? और जिन्हें यहोवा ने धमकी नहीं दी उन्हें मैं कैसे धमकी दूं?

23:9b.NUM.023.009 चट्टानों की चोटी पर से वे मुझे दिखाई पड़ते हैं, पहाड़ियों पर से मैं उनको देखता हूं; वह ऐसी जाति है जो अकेली बसी रहेगी, और अन्यजातियों से अलग गिनी जाएगी!

23:10b.NUM.023.010 याकूब के धूलि के किनके को कौन गिन सकता है, वा इस्त्राएल की चौथाई की गिनती कौन ले सकता है? सौभाग्य यदि मेरी मृत्यु धर्मियों की सी, और मेरा अन्त भी उन्हीं के समान हो!

23:11b.NUM.023.011 तब बालाक ने बिलाम से कहा, तू ने मुझ से क्या किया है?

23:12b.NUM.023.012 उस ने कहा, जो बात यहोवा ने मुझे सिखलाई क्या मुझे उसी को सावधानी से बोलना न चाहिये?

23:13b.NUM.023.013 बालाक ने उस से कहा, मेरे संग दूसरे स्थान पर चल, जहां से वे तुझे दिखाई देंगे; तू उन सभों को तो नहीं, केवल बाहरवालों को देख सकेगा; वहां से उन्हें मेरे लिये शाप दे।

23:14b.NUM.023.014 तब वह उसको सोपीम नाम मैदान में पिसगा के सिरे पर ले गया, और वहां सात वेदियां बनवाकर प्रत्येक पर एक बछड़ा और एक मेढ़ा चढ़ाया।

23:15b.NUM.023.015 तब बिलाम ने बालाक से कहा, अपने होमबलि के पास यहीं खड़ा रह, और मैं उधर जाकर यहोवा से भेंट करूं।

23:16b.NUM.023.016 और यहोवा ने बिलाम से भेंट की, और उस ने उसके मुंह में एक बात डाली, और कहा, कि बालाक के पास लौट जा, और यों कहना।

23:17b.NUM.023.017 और वह उसके पास गया, और क्या देखता है, कि वह मोआबी हाकिमों समेत अपने होमबलि के पास खड़ा है। और बालाक ने पूछा, कि यहोवा ने क्या कहा है?

23:18b.NUM.023.018 तब बिलाम ने अपनी गूढ़ बात आरम्भ की, और कहने लगा, हे बालाक, मन लगाकर सुन, हे सिप्पोर के पुत्रा, मेरी बात पर कान लगा:

23:19b.NUM.023.019 ईश्वर मनुष्य नहीं, कि झूठ बोले, और न वह आदमी है, कि अपनी इच्छा बदले। क्या जो कुछ उस ने कहा उसे न करे? क्या वह वचन देकर उस पूरा न करे?

23:20b.NUM.023.020 देख, आशीर्वाद ही देने की आज्ञा मैं ने पाई है: वह आशीष दे चुका है, और मैं उसे नहीं पलट सकता।

23:21b.NUM.023.021 उस ने याकूब में अनर्थ नहीं पाया; और न इस्त्राएल में अन्याय देखा है। उसका परमेश्वर यहोवा उसके संग है, और उन में राजा की सी ललकार होती है।

23:22b.NUM.023.022 उनको मि में से ईश्वर ही निकाले लिये आ रहा है, वह तो बैनेले सांड के समान बल रखता है।

23:23b.NUM.023.023 निश्चय कोई मंत्रा याकूब पर नहीं चल सकता, और इस्त्राएल पर भावी कहना कोई अर्थ नहीं रखता; परन्तु याकूब और इस्त्राएल के विषय अब यह कहा जाएगा, कि ईश्वर ने क्या ही विचित्रा काम किया है!

23:24b.NUM.023.024 सुन, वह दल सिंहनी की नाई उठेगा, और सिंह की नाई खड़ा होगा; वह जब तक अहेर को न खा ले, और मरे हुओं के लोहू को न पी ले, तब तक न लेटेगा।।

23:25b.NUM.023.025 तब बालाक ने बिलाम से कहा, उनको न तो शाप देना, और न आशीष देना।

23:26b.NUM.023.026 बिलाम ने बालाक से कहा, क्या मैं ने तुझ से नहीं कहा, कि जो कुछ यहोवा मुझ से कहेगा, वही मुझे करना पड़ेगा?

23:27b.NUM.023.027 बालाक ने बिलाम से कहा चल, मैं तुझ को एक और स्थान पर ले चलता हूं; सम्भव है कि परमेश्वर की इच्छा हो कि तू वहां से उन्हें मेरे लिये शाप दे।

23:28b.NUM.023.028 तब बालाक बिलाम को पोर के सिरे पर, जहां से यशीमोन देश दिखाई देता है, ले गया।

23:29b.NUM.023.029 और बिलाम ने बालाक से कहा, यहां पर मेरे लिये सात वेदियां बनवा, और यहां सात बछड़े और सात मेढ़े तैयार कर।

23:30b.NUM.023.030 बिलाम के कहने के अनुसार बालाक ने प्रत्येक वेदी पर एक बछड़ा और एक मेढ़ा चढ़ाया।।

24

24:1b.NUM.024.001 यह देखकर, कि यहोवा इस्त्राएल को आशीष ही दिलाना चाहता है, बिलाम पहिले की नाई शकुन देखने को न गया, परन्तु अपना मुंह जंगल की ओर कर लिया।

24:2b.NUM.024.002 और बिलाम ने आंखे उठाई, और इस्त्राएलियों को अपने गोत्रा गोत्रा के अनुसार बसे हुए देखा। और परमेश्वर का आत्मा उस पर उतरा।

24:3b.NUM.024.003 तब उसने अपनी गूढ़ बात आरम्भ की, और कहने लगा, कि बोर के पुत्रा बिलाम की यह वाणी है, जिस पुरूष की आंखें बन्द थीं उसी की यह वाणी है,

24:4b.NUM.024.004 ईश्वर के वचनों का सुननेवाला, जो दण्डवत में पड़ा हुआ खुली हुई आंखों से सर्वशक्तिमान का दर्शन पाता है, उसी की यह वाणी है: कि

24:5b.NUM.024.005 हे याकूब, तेरे डेरे, और हे इस्त्राएल, तेरे निवासस्थान क्या ही मनभावने हैं!

24:6b.NUM.024.006 वे तो नालों वा घाटियों की नाई, और नदी के तट की वाटिकाओं के समान ऐसे फैले हुए हैं, जैसे कि यहोवा के लगाए हुए अगर के वृक्ष, और जल के निकट के देवदारू।

24:7b.NUM.024.007 और उसके डोलों से जल उमण्डा करेगा, और उसका बीच बहुतेरे जलभरे खेतों में पडेग़ा, और उसका राजा अगाग से भी महान होगा, और उसका राज्य बढ़ता ही जाएगा।

24:8b.NUM.024.008 उसको मि में से ईश्वर की निकाले लिये आ रहा है; वह तो बनैले सांड़ के सामान बल रखता है, जाति जाति के लोग जो उसके द्रोही है उनको वह खा जायेगा, और उनकी हडि्डयों को टुकडे टुकडे करेगा, और अपने तीरों से उनको बेधेगा।

24:9b.NUM.024.009 वह दबका बैठा है, वह सिंह वा सिंहनी की नाई लेट गया है; अब उसको कौन छेड़े? जो कोई तुझे आशीर्वाद दे सो आशीष पाए, और जो कोई तुझे शाप दे वह स्रापित हो।।

24:10b.NUM.024.010 तब बालाक का कोप बिलाम पर भड़क उठा; और उस ने हाथ पर हाथ पटककर बिलाम से कहा, मैं ने तुझे अपने शत्रुओं के शाप देने के लिये बुलवाया, परन्तु तू ने तीन बार उन्हें आशीर्वाद ही आशीर्वाद दिया है।

24:11b.NUM.024.011 इसलिये अब तू अपने स्थान पर भाग जा; मैं ने तो सोचा था कि तेरी बड़ी प्रतिष्ठा करूंगा, परन्तु अब यहोवा ने तुझे प्रतिष्ठा पाने से रोक रखा है।

24:12b.NUM.024.012 बिलाम ने बालाक से कहा, जो दूत तू ने मेरे पास भेजे थे, क्या मैं ने उन से भी न कहा था,

24:13b.NUM.024.013 कि चाहे बालाक अपने घर को सोने चांदी से भरकर मुझे दे, तौभी मैं यहोवा की आज्ञा तोड़कर अपने मन से न तो भला कर सकता हूं और न बुरा; जो कुछ यहोवा कहेगा वही मैं कहूंगा?

24:14b.NUM.024.014 अब सुन, मैं अपने लोगों के पास लौट कर जाता हूं; परन्तु पहिले मैं तुझे चिता देता हूं कि अन्त के दिनों में वे लोग तेरी प्रजा से क्या क्या करेंगे।

24:15b.NUM.024.015 फिर वह अपनी गूढ़ बात आरम्भ करके कहने लगा, कि बोर के पुत्रा बिलाम की यह वाणी है, जिस पुरूष की आंखे बन्द थी उसी की यह वाणी है,

24:16b.NUM.024.016 ईश्वर के वचनों का सुननेवाला, और परमप्रधान के ज्ञान का जाननेवाला, जो दण्डवत् में पड़ा हुआ खुली हुई आंखों से सर्वशक्तिमान का दर्शन पाता है, उसी की यह वाणी है: कि

24:17b.NUM.024.017 मै उसको देखूंगा तो सही, परन्तु अभी नहीं; मैं उसको निहारूंगा तो सही, परन्तु समीप होके नहीं: याकूब में से एक तारा उदय होगा, और इस्त्राएल में से एक राज दण्ड उठेगा; जो मोआब की अलंगों को चूर कर देगा, जो सब दंगा करनेवालों को गिरा देगा।

24:18b.NUM.024.018 तब एदोम और सेईर भी, जो उसके शत्रु हैं, दोनों उसके वश में पड़ेंगे, और इस्त्राएल वीरता दिखाता जाएगा।

24:19b.NUM.024.019 और याकूब ही में से एक अधिपति आवेगा जो प्रभुता करेगा, और नगर में से बचे हुओं को भी सत्यानाश करेगा।।

24:20b.NUM.024.020 फिर उस ने अमालेक पर दृष्टि करके अपनी गूढ़ बात आरम्भ की, और कहने लगा, अमालेक अन्यजातियों में श्रेष्ठ तो था, परन्तु उसका अन्त विनाश ही है।।

24:21b.NUM.024.021 फिर उस ने केनियों पर दृष्टि करके अपनी गूढ़ बात आरम्भ की, और कहने लगा, तेरा निवासस्थान अति दृढ़ तो है, और तेरा बसेरा चट्टान पर तो है;

24:22b.NUM.024.022 तौभी केन उजड़ जाएगा। और अन्त में अश्शूर् तुझे बन्धुआई में ले आएगा।।

24:23b.NUM.024.023 फिर उस ने अपनी गूढ़ बात आरम्भ की, और कहने लगा, हाय जब ईश्वर यह करेगा तब कौन जीवित बचेगा?

24:24b.NUM.024.024 तौभी कित्तियों के पास से जहाजवाले आकर अश्शूर् को और एबेर को भी दु:ख देंगे; और अन्त में उसका भी विनाश हो जाएगा।।

24:25b.NUM.024.025 तब बिलाम चल दिया, और अपने स्थान पर लौट गया; और बालाक ने भी अपना मार्ग लिया।।

25

25:1b.NUM.025.001 इस्त्राएली शित्तीम में रहते थे, और लोग मोआबी लड़कियों के संग कुकर्म करने लगे।

25:2b.NUM.025.002 और जब उन स्त्रीयों ने उन लोगों को अपने देवताओं के यज्ञों में नेवता दिया, तब वे लोग खाकर उनके देवताओं को दण्डवत् करने लगे।

25:3b.NUM.025.003 यों इस्त्राएली बालपोर देवता को पूजने लगे। तब यहोवा का कोप इस्त्राएल पर भड़क उठा;

25:4b.NUM.025.004 और यहोवा ने मूसा से कहा, प्रजा के सब प्रधानों को पकड़कर यहोवा के लिये धूप में लटका दे, जिस से मेरा भड़का हुआ कोप इस्त्राएल के ऊपर से दूर हो जाए।

25:5b.NUM.025.005 तब मूसा ने इस्त्राएली न्यायियों से कहा, तुम्हारे जो जो आदमी बालपोर के संग मिल गए हैं उन्हें घात करो।।

25:6b.NUM.025.006 और जब इस्त्राएलियों की सारी मण्डली मिलापवाले तम्बू के द्वार पर रो रही थी, तो एक इस्त्राएली पुरूष मूसा और सब लोगों की आंखों के सामने एक मिद्यानी स्त्री को अपने साथ अपने भाइयों के पास ले आया।

25:7b.NUM.025.007 इसे देखकर एलीआजर का पुत्रा पीनहास, जो हारून याजक का पोता था, उस ने मण्डली में से उठकर हाथ में एक बरछी ली,

25:8b.NUM.025.008 और उस इस्त्राएली पुरूष के डेरे में जाने के बाद वह भी भीतर गया, और उस पुरूष और उस स्त्री दोनों के पेट में बरछी बेध दी। इस पर इस्त्राएलियों में जो मरी फैल गई थी वह थम गई।

25:9b.NUM.025.009 और मरी से चौबीस हजार मनुष्य मर गए।।

25:10b.NUM.025.010 तब यहोवा ने मूसा से कहा,

25:11b.NUM.025.011 हारून याजक का पोता एलीआजर का पुत्रा पीनहास, जिसे इस्त्राएलियों के बीच मेरी सी जलन उठी, उस ने मेरी जलजलाहट को उन पर से यहां तक दूर किया है, कि मैं ने जलकर उनका अन्त नहीं कर डाला।

25:12b.NUM.025.012 इसलिये तू कह दे, कि मैं उस से शांति की वाचा बान्धता हूं;

25:13b.NUM.025.013 और वह उसके लिये, और उसके बाद उसके वंश के लिये, सदा के याजकपद की वाचा होगी, क्योंकि उसे अपने परमेश्वर के लिये जलन उठी, और उस ने इस्त्राएलियों के लिये प्रायश्चित्त किया।

25:14b.NUM.025.014 जो इस्त्राएली पुरूष मिद्यानी स्त्री के संग मारा गया, उसका नाम जिम्री था, वह साल का पुत्रा और शिमोनियों में से अपने पितरों के घराने का प्रधान था।

25:15b.NUM.025.015 और जो मिद्यानी स्त्री मारी गई उसका नाम कोजबी था, वह सूर की बेटी थी, जो मिद्यानी पितरों के एक घराने के लोगों का प्रधान था।।

25:16b.NUM.025.016 फिर यहोवा ने मूसा से कहा,

25:17b.NUM.025.017 मिद्यानियों को सता, और उन्हें मार;

25:18b.NUM.025.018 क्योंकि पोर के विषय और कोजबी के विषय वे तुम को छल करके सताते हैं। कोजबी तो एक मिद्यानी प्रधान की बेटी और मिद्यानियों की जाति बहिन थी, और मरी के दिन में पोर के मामले में मारी गई।।

26

26:1b.NUM.026.001 फिर यहोवा ने मूसा और एलीआजर नाम हारून याजक के पुत्रा से कहा,

26:2b.NUM.026.002 इस्त्राएलियों की सारी मण्डली में जितने बीस वर्ष के, वा उस से अधिक अवस्था के होने से इस्त्राएलियों के बीच युद्ध करने के योग्य हैं, उनके पितरों के घरानों के अनुसार उन सभों की गिनती करो।

26:3b.NUM.026.003 सो मूसा और एलीआजर याजक ने यरीहो के पास यरदन नदी के तीर पर मोआब के अराबा में उन से समझाके कहा,

26:4b.NUM.026.004 बीस वर्ष के और उस से अधिक अवस्था के लोगों की गिनती लो, जैसे कि यहोवा ने मूसा और इस्त्राएलियों को मि देश से निकले आने के समय आज्ञा दी थी।।

26:5b.NUM.026.005 रूबेन जो इस्त्राएल का जेठा था; उसके ये पुत्रा थे; अर्थात् हनोक, जिस से हनोकियों का कुल चला; और पल्लू, जिस से पल्लूइयों का कुल चला;

26:6b.NUM.026.006 हेद्दॊन, जिस से हेद्दॊनियों का कुल चला; और कर्मी, जिस से कर्मियों का कुल चला।

26:7b.NUM.026.007 रूबेनवाले कुल ये ही थे; और इन में से जो गिने गए वे तैतालीस हजार सात सौ तीस पुरूष थे।

26:8b.NUM.026.008 और पल्लू का पुत्रा एलीआब था।

26:9b.NUM.026.009 और पल्लू का पुत्रा नमूएल, दातान, और अबीराम थे। ये वही दातान और अबीराम हैं जो सभासद थे; और जिस समय कोरह की मण्डली ने यहोवा से झगड़ा किया था, उस समय उस मण्डली में मिलकर वे भी मूसा और हारून से झगड़े थे;

26:10b.NUM.026.010 और जब उन अढ़ाई सौ मनुष्यों के आग में भस्म हो जाने से वह मण्डली मिट गई, उसी समय पृथ्वी ने मुंह खोलकर कोरह समेत इनको भी निगल लिया; और वे एक दृष्टान्त ठहरे।

26:11b.NUM.026.011 परन्तु कोरह के पुत्रा तो नहीं मरे थे।

26:12b.NUM.026.012 शिमोन के पुत्रा जिन से उनके कुल निकले वे ये थे; अर्थात् नमूएल, जिस से नमूएलियों का कुल चला; और यामीन, जिस से यामीनियों का कुल चला;

26:13b.NUM.026.013 और जेरह, जिस से जेरहियों का कुल चला; और शाऊल, जिस से शाऊलियों का कुल चला।

26:14b.NUM.026.014 शिमोनवाले कुल ये ही थे; इन में से बाईस हजार दो सौ पुरूष गिने गए।।

26:15b.NUM.026.015 और गाद के पुत्रा जिस से उनके कुल निकले वे ये थे; अर्थात् सपोन, जिस से सपोनियों का कुल चला; और हाग्गी, जिस से हाग्गियों का कुल चला; और शूनी, जिस से शूनियों का कुल चला; और ओजनी, जिस से ओजनियों का कुल चला;

26:16b.NUM.026.016 और एरी, जिस से एरियों का कुल चला; और अरोद, जिस से अरोदियों का कुल चला;

26:17b.NUM.026.017 और अरेली, जिस से अरेलियों का कुल चला।

26:18b.NUM.026.018 गाद के वंश के कुल ये ही थे; इन में से साढ़े चालीस हजार पुरूष गिने गए।।

26:19b.NUM.026.019 और यहूदा के एक और ओनान नाम पुत्रा तो हुए, परन्तु वे कनान देश में मर गए।

26:20b.NUM.026.020 और यहूदा के जिन पुत्रों से उनके कुल निकले वे ये थे; अर्थात् शेला, जिस से शेलियों का कुल चला; और पेरेस जिस से पेरेसियों का कुल चला; और जेरह, जिस से जेरहियों का कुल चला।

26:21b.NUM.026.021 और पेरेस के पुत्रा ये थे; अर्थात् हेद्दॊन, जिस से हेद्दॊनियों का कुल चला; और हामूल, जिस से हामूलियों का कुल चला।

26:22b.NUM.026.022 यहूदियों के कुल ये ही थे; इन में से साढ़े छिहत्तर हजार पुरूष गिने गए।।

26:23b.NUM.026.023 और इस्साकार के पुत्रा जिन से उनके कुल निकले वे ये थे; अर्थात् तोला, जिस से तोलियों का कुल चला; और पुव्वा, जिस से पुव्वियों का कुल चला;

26:24b.NUM.026.024 और याशूब, जिस से याशूबियों का कुल चला; और शिम्रोन, जिस से शिम्रोनियों का कुल चला।

26:25b.NUM.026.025 इस्साकारियों के कुल ये ही थे; इन में से चौसठ हजार तीन सौ पुरूष गिने गए।।

26:26b.NUM.026.026 और जबूलून के पुत्रा जिन से उनके कुल निकले वे ये थे; अर्थात् सेरेद जिस से सेरेदियों का कुल चला; और एलोन, जिस से एलोनियों का कुल चला; और यहलेल, जिस से यहलेलियों का कुल चला।

26:27b.NUM.026.027 जबूलूनियों के कुल ये ही थे; इन में से साढ़े साठ हजार पुरूष गिने गए।।

26:28b.NUM.026.028 और यूसुफ के पुत्रा जिस से उनके कुल निकले वे मनश्शे और एप्रैम थे।

26:29b.NUM.026.029 मनश्शे के पुत्रा ये थे; अर्थात् माकीर, जिस से माकीरियों का कुल चला; और माकीर से गिलाद उत्पन्न हुआ; और गिलाद से गिलादियों का कुल चला।

26:30b.NUM.026.030 गिलाद के तो पुत्रा ये थे; अर्थात् ईएजेर, जिस से ईएजेरियों का कुल चला;

26:31b.NUM.026.031 और हेलेक, जिस से हेलेकियों का कुल चला और अस्त्रीएल, जिस से अस्त्रीएलियों का कुल चला; और शेकेम, जिस से शेकेमियों का कुल चला; और शमीदा, जिस से शमीदियों का कुल चला;

26:32b.NUM.026.032 और हेपेर, जिस से हेपेरियों का कुल चला;

26:33b.NUM.026.033 और हेपेर के पुत्रा सलोफाद के बेटे नहीं, केवल बेटियां हुई; इन बेटियों के नाम महला, नोआ, होग्ला, मिल्का, और तिर्सा हैं।

26:34b.NUM.026.034 मनश्शेवाले कुल ये ही थे; और इन में से जो गिने गए वे बावन हजार सात सौ पुरूष थे।।

26:35b.NUM.026.035 और एप्रैम के पुत्रा जिन से उनके कुल निकले वे ये थे; अर्थात् शूतेलह, जिस से शूतेलहियों का कुल चला; और बेकेर, जिस से बेकेरियों का कुल चला; और तहन जिस से तहनियों का कुल चला।

26:36b.NUM.026.036 और शूतेलह के यह पुत्रा हुआ; अर्थात् एरान, जिस से एरानियों का कुल चला।

26:37b.NUM.026.037 एप्रैमियों के कुल ये ही थे; इन में से साढ़े बत्तीस हजार पुरूष गिने गए। अपने कुलों के अनुसार यूसुफ के वंश के लोग ये ही थे।।

26:38b.NUM.026.038 और बिन्यामीन के पुत्रा जिन से उनके कुल निकले वे ये थे; अर्थात् बेला जिस से लेवियों का कुल चला; और अशबेल, जिस से अशबेलियों का कुल चला; और अहीराम, जिस से अहीरामियों का कुल चला;

26:39b.NUM.026.039 और शपूपास, जिस से शपूपामियों का कुल चला; और हूपाम, जिस से हूपामियों का कुल चला।

26:40b.NUM.026.040 और बेला के पुत्रा अर्द और नामान थे; और अर्द से तो अर्दियों को कुल, और नामान से नामानियों का कुल चला।

26:41b.NUM.026.041 अपने कुलों के अनुसार बिन्यामीनी ये ही थे; और इन में से जो गिने गए वे पैंतालीस हजार छ: सौ पुरूष थे।।

26:42b.NUM.026.042 और दान का पुत्रा जिस से उनका कुल निकला यह था; अर्थात् शूहाम, जिस से शूहामियों का कुल चला। और दान का कुल यही था।

26:43b.NUM.026.043 और शूहामियों में से जो गिने गए उनके कुल में चौसठ हजार चार सौ पुरूष थे।।

26:44b.NUM.026.044 और आशेर के पुत्रा जिस से उनके कुल निकले वे ये थे; अर्थात् यिम्ना, जिस से यिम्नियों का कुल चला; यिश्री, जिस से यिश्रियों का कुल चला; और बरीआ, जिस से बरीइयों का कुल चला।

26:45b.NUM.026.045 फिर बरीआ के ये पुत्रा हुए; अर्थात् हेबेर, जिस से हेबेरियों का कुल चला; और मल्कीएल, जिस से मल्कीएलियों का कुल चला।

26:46b.NUM.026.046 और आशेर की बेटी का नाम सेरह है।

26:47b.NUM.026.047 आशेरियों के कुल ये ही थे; इन में से तिर्पन हजार चार सौ पुरूष गिने गए।।

26:48b.NUM.026.048 और नप्ताली के पुत्रा जिस से उनके कुल निकले वे ये थे; अर्थात् यहसेल, जिस से यहसेलियों का कुल चला; और गूनी, जिस से गूनियों का कुल चला;

26:49b.NUM.026.049 येसेर, जिस से येसेरियों का कुल चला; और शिल्लेम, जिस से शिल्लेमियों का कुल चला।

26:50b.NUM.026.050 अपने कुलों के अनुसार नप्ताली के कुल ये ही थे; और इन में से जो गिने गए वे पैंतालीस हजार चार सौ पुरूष थे।।

26:51b.NUM.026.051 सब इस्त्राएलियों में से जो गिने गए थे वे ये ही थे; अर्थात् छ: लाख एक हजार सात सौ तीस पुरूष थे।।

26:52b.NUM.026.052 फिर यहोवा ने मूसा से कहा,

26:53b.NUM.026.053 इनको, इनकी गिनती के अनुसार, वह भूमि इनका भाग होने के लिये बांट दी जाए।

26:54b.NUM.026.054 अर्थात् जिस कुल से अधिक हों उनको अधिक भाग, और जिस में कम हों उनको कम भाग देना; प्रत्येक गोत्रा को उसका भाग उसके गिने हुए लोगों के अनुसार दिया जाए।

26:55b.NUM.026.055 तौभी देश चिट्ठी डालकर बांटा जाए; इस्त्राएलियों के पितरों के एक एक गोत्रा का नाम, जैसे जैसे निकले वैसे वैसे वे अपना अपना भाग पाएं।

26:56b.NUM.026.056 चाहे बहुतों का भाग हो चाहे थोड़ों का हो, जो जो भाग बांटे जाएं वह चिट्ठी डालकर बांटे जाए।।

26:57b.NUM.026.057 फिर लेवियों में से जो अपने कुलों के अनुसार गिने गए वे ये हैं; अर्थात् गेर्शोनियों से निकला हुआ गेर्शोनियों का कुल; कहात से निकला हुआ कहातियों का कुल; और मरारी से निकला हुआ मरारियों का कुल।

26:58b.NUM.026.058 लेवियों के कुल ये हैं; अर्थात् लिब्नियों का, हेब्रानियों का, महलियों का, मूशियों का, और कोरहियों का कुल। और कहात से अम्राम उत्पन्न हुआ।

26:59b.NUM.026.059 और अम्राम की पत्नी का नाम योकेबेद है, वह लेवी के वंश की थी जो लेवी के वंश में मि देश में उत्पन्न हुई थी; और वह अम्राम से हारून और मूसा और उनकी बहिन मरियम को भी जनी।

26:60b.NUM.026.060 और हारून से नादाब, अबीहू, एलीआजर, और ईतामार उत्पन्न हुए।

26:61b.NUM.026.061 नादाब और अबीहू तो उस समय मर गए थे, जब वे यहोवा के साम्हने ऊपरी आग ले गए थे।

26:62b.NUM.026.062 सब लेवियों में से जो गिने गये, अर्थात् जितने पुरूष एक महीने के वा उस से अधिक अवस्था के थे, वे तेईस हजार थे; वे इस्त्राएलियों के बीच इसलिये नहीं गिने गए, क्योंकि उनको देश का कोई भाग नहीं दिया गया था।।

26:63b.NUM.026.063 मूसा और एलीआजर याजक जिन्हों ने मोआब के अराबा में यरीहो के पास की यरदन नदी के तट पर इस्त्राएलियों को गिन लिया, उनके गिने हुए लोग इतने ही थे।

26:64b.NUM.026.064 परन्तु जिन इस्त्राएलियों को मूसा और हारून याजक ने सीनै के जंगल में गिना था, उन में से एक पुरूष इस समय के गिने हुओं में न था।

26:65b.NUM.026.065 क्योंकि यहोवा ने उनके विषय कहा था, कि वे निश्चय जंगल में मर जाएंगे, इसलिये यपुन्ने के पुत्रा कालेब और नून के पुत्रा यहोशू को छोड़, उन में से एक भी पुरूष नहीं बचा।।

27

27:1b.NUM.027.001 तब यूसुफ के पुत्रा मनश्शे के वंश के कुलों में से सलोफाद, जो हेपेर का पुत्रा, और गिलाद का पोता, और मनश्शे के पुत्रा माकीर का परपोता था, उसकी बेटियां जिनके नाम महला, नोवा, होग्ला, मिलका, और तिर्सा हैं वे पास आईं।

27:2b.NUM.027.002 और वे मूसा और एलीआजर याजक और प्रधानों और सारी मण्डली के साम्हने मिलापवाले तम्बू के द्वार पर खड़ी होकर कहने लगीं,

27:3b.NUM.027.003 हमारा पिता जंगल में मर गया; परन्तु वह उस मण्डली में का न था जो कोरह की मण्डली के संग होकर यहोवा के विरूद्ध इकट्ठी हुई थी, वह अपने ही पाप के कारण मरा; और उसके कोई पुत्रा न था।

27:4b.NUM.027.004 तो हमारे पिता का नाम उसके कुल में से पुत्रा न होने के कारण क्यों मिट जाए? हमारे चाचाओं के बीच हमें भी कुछ भूमि निज भाग करके दे।

27:5b.NUM.027.005 उनकी यह बिनती मूसा ने यहोवा को सुनाई।

27:6b.NUM.027.006 यहोवा ने मूसा से कहा,

27:7b.NUM.027.007 सलोफाद की बेटियां ठीक कहती हैं; इसलिये तू उनके चाचाओं के बीच उनको भी अवश्य ही कुछ भूमि निज भाग करके दे, अर्थात् उनके पिता का भाग उनके हाथ सौंप दे।

27:8b.NUM.027.008 और इस्त्राएलियों से यह कह, कि यदि कोई मनुष्य निपुत्रा मर जाए, तो उसका भाग उसकी बेटी के हाथ सौंपना।

27:9b.NUM.027.009 और यदि उसके कोई बेटी भी न हो, तो उसका भाग उसके भाइयों को देना।

27:10b.NUM.027.010 और यदि उसके भाई भी न हों, तो उसका भाग चाचाओं को देना।

27:11b.NUM.027.011 और यदि उसके चाचा भी न हों, तो उसके कुल में से उसका जो कुटुम्बी सब से समीप हो उसको उसका भाग देना, कि वह उसका अधिकारी हो। इस्त्राएलियों के लिये यह न्याय की विधि ठहरेगी, जैसे कि यहोवा ने मूसा को आज्ञा दी।।

27:12b.NUM.027.012 फिर यहोवा ने मूसा से कहा, इस अबारीम नाम पर्वत के ऊपर चढ़के उस देश को देख ले जिसे मैं ने इस्त्राएलियों को दिया है।

27:13b.NUM.027.013 और जब तू उसको देख लेगा, तब अपने भाई हारून की नाई तू भी अपने लोगों मे जा मिलेगा,

27:14b.NUM.027.014 क्योंकि सीन नाम जंगल में तुम दोनों ने मण्डली के झगड़ने के समय मेरी आज्ञा को तोड़कर मुझ से बलवा किया, और मुझे सोते के पास उनकी दृष्टि में पवित्रा नहीं ठहराया। ( यह मरीबा नाम सोता है जो सीन नाम जंगल के कादेश में है )

27:15b.NUM.027.015 मूसा ने यहोवा से कहा,

27:16b.NUM.027.016 यहोवा, जो सारे प्राणियों की आत्माओं का परमेश्वर है, वह इस मण्डली के लोगों के ऊपर किसी पुरूष को नियुक्त कर दे,

27:17b.NUM.027.017 जो उसके साम्हने आया जाया करे, और उनका निकालने और पैठानेवाला हो; जिस से यहोवा की मण्डली बिना चरवाहे की भेड़ बकरियों के समान न रहे।

27:18b.NUM.027.018 यहोवा ने मूसा से कहा, तू नून के पुत्रा यहोशू को लेकर उस पर हाथ रख; वह तो ऐसा पुरूष है जिस में मेरा आत्मा बसा है;

27:19b.NUM.027.019 और उसको एलीआजर याजक के और सारी मण्डली के साम्हने खड़ा करके उनके साम्हने उसे आज्ञा दे।

27:20b.NUM.027.020 और अपनी महिमा में से कुछ उसे दे, जिस से इस्त्राएलियों की सारी मण्डली उसकी माना करे।

27:21b.NUM.027.021 और वह एलीआजर याजक के साम्हने खड़ा हुआ करे, और एलीआजर उसके लिये यहोवा से ऊरीम की आज्ञा पूछा करे; और वह इस्त्राएलियों की सारी मण्डली समेत उसके कहने से जाया करे, और उसी के कहने से लौट भी आया करे।

27:22b.NUM.027.022 यहोवा की इस आज्ञा के अनुसार मूसा ने यहोशू को लेकर, एलीआजर याजक और सारी मण्डली के साम्हने खड़ा करके,

27:23b.NUM.027.023 उस पर हाथ रखे, और उसको आज्ञा दी जैसे कि यहोवा ने मूसा के द्वारा कहा था।।

28

28:1b.NUM.028.001 फिर यहोवा ने मूसा से कहा,

28:2b.NUM.028.002 इस्त्राएलियों को यह आज्ञा सुना कि मेरा चढ़ावा, अर्थात् मुझे सुखदायक सुगन्ध देनेवाला मेरा हव्यरूपी भोजन, तुम लोग मेरे लिये उनके नियत समयों पर चढ़ाने के लिये स्मरण रखना।

28:3b.NUM.028.003 और तू उन से कह, कि जो जो तुम्हें यहोवा के लिये चढ़ाना होगा वे ये हैं; अर्थात् नित्य होमबलि के लिये एक एक वर्ष के दो निर्दोष भेड़ी के बच्चे प्रतिदिन चढ़ाया करे।

28:4b.NUM.028.004 एक बच्चे को भोर को और दूसरे को गोधूलि के समय चढ़ाना;

28:5b.NUM.028.005 और भेड़ के बच्चे के पीछे एक चौथाई हीन कूटके निकाले हुए तेल से सने हुए एपा के दसवें अंश मैदे का अन्नबलि चढ़ाना।

28:6b.NUM.028.006 यह नित्य होमबलि है, जो सीनै पर्वत पर यहोवा का सुखदायक सुगन्धवाला हव्य होने के लिये ठहराया गया।

28:7b.NUM.028.007 और उसका अर्घ प्रति एक भेड़ के बच्चे के संग एक चौथाई हीन हो; मदिरा का यह अर्घ यहोवा के लिये पवित्रास्थान में देना।

28:8b.NUM.028.008 और दूसरे बच्चे को गोधूलि के समय चढ़ाना; अन्नबलि और अर्घ समेत भोर के होमबलि की नाई उसे यहोवा को सुखदायक सुगन्ध देनेवाला हव्य करके चढ़ाना।।

28:9b.NUM.028.009 फिर विश्रामदिन को दो निर्दोष भेड़ के एक साल के नर बच्चे, और अन्नबलि के लिये तेल से सना हुआ एपा का दो दसवां अंश मैदा अर्घ समेत चढ़ाना।

28:10b.NUM.028.010 नित्य होमबलि और उसके अर्घ के अलावा प्रत्येक विश्रामदिन का यही होमबलि ठहरा है।।

28:11b.NUM.028.011 फिर अपने महीनों के आरम्भ में प्रतिमास यहोवा के लिये होमबलि चढ़ाना; अर्थात् दो बछड़े, एक मेढ़ा, और एक एक वर्ष के निर्दोष भेड़ के सात बच्चे;

28:12b.NUM.028.012 और बछड़े पीछे तेल से सना हुआ एपा का तीन दसवां अंश मैदा, और उस एक मेढ़े के साथ तेल से सना हुआ एपा का दो दसवां अंश मैदा;

28:13b.NUM.028.013 और प्रत्येक भेड़ के बच्चे के पीछे तेल से सना हुआ एपा का दसवां अंश मैदा, उन सभों को अन्नबलि करके चढ़ाना; वह सुखदायक सुगन्ध देने के लिये होमबलि और यहोवा के लिये हव्य ठहरेगा।

28:14b.NUM.028.014 और उनके साथ ये अर्घ हों; अर्थात् बछड़े पीछे आध हीन, मेढ़े के साथ तिहाई हीन, और भेड़ के बच्चे पीछे चौथाई हीन दाखमधु दिया जाए; वर्ष के सब महीनों में से प्रति एक महीने का यही होमबलि ठहरे।

28:15b.NUM.028.015 और एक बकरा पापबलि करके यहोवा के लिये चढ़ाया जाए; यह नित्य होमबलि और उसके अर्घ के अलावा चढ़ाया जाए।।

28:16b.NUM.028.016 फिर पहिले महीने के चौदहवें दिन को यहोवा का फसह हुआ करे।

28:17b.NUM.028.017 और उसी महीने के पन्द्रहवें दिन को पर्ब्ब लगा करे; सात दिन तक अखमीरी रोटी खाई जाए।

28:18b.NUM.028.018 पहिले दिन पवित्रा सभा हो; और उस दिन परिश्रम का कोई काम न किया जाए;

28:19b.NUM.028.019 उस में तुम यहोवा के लिये हव्य, अर्थात् होमबलि चढ़ाना; सो दो बछड़े, एक मेढ़ा, और एक एक वर्ष के सात भेड़ के बच्चे हों; ये सब निर्दोष हों;

28:20b.NUM.028.020 और उनका अन्नबलि तेल से सने हुए मैदे का हो; बछड़े पीछे एपा का तीन दसवां अंश और मेढ़े के सात एपा का दो दसवां अंश मैदा हो।

28:21b.NUM.028.021 और सातों भेड़ के बच्चों में से प्रति एक बच्चे पीछे एपा का दसवां अंश चढ़ाना।

28:22b.NUM.028.022 और एक बकरा भी पापबलि करके चढ़ाना, जिस से तुम्हारे लिये प्रायश्चित्त हो।

28:23b.NUM.028.023 भोर का होमबलि जो नित्य होमबलि ठहरा है, उसके अलावा इनको चढ़ाना।

28:24b.NUM.028.024 इस रीति से तुम उन सातों दिनों में भी हव्य का भोजन चढ़ाना, जो यहोवा को सुखदायक सुगन्ध देने के लिये हो; यह नित्य होमबलि और उसके अर्घ के अलावा चढ़ाया जाए।

28:25b.NUM.028.025 और सातवें दिन भी तुम्हारी पवित्रा सभा हो; और उस दिन परिश्रम का कोई काम न करना।।

28:26b.NUM.028.026 फिर पहिली उपज के दिन में, जब तुम अपने अठवारे नाम पर्ब्ब में यहोवा के लिये नया अन्नबलि चढ़ाओगे, तब भी तुम्हारी पवित्रा सभा हो; और परिश्रम का कोई काम न करना।

28:27b.NUM.028.027 और एक होमबलि चढ़ाना, जिस से यहोवा के लिये सुखदायक सुगन्ध हो; अर्थात् दो बछड़े, एक मेढ़ा, और एक एक वर्ष के सात भेड़ के बच्चे;

28:28b.NUM.028.028 और उनका अन्नबलि तेल से सने हुए मैदे का हो; अर्थात् बछड़े पीछे एपा का तीन दसवां अंश, और मेढ़े के संग एपा का दो दसवां अंश,

28:29b.NUM.028.029 और सातों भेड़ के बच्चों में से एक एक बच्चे के पीछे एपा का दसवां अंश मैदा चढ़ाना।

28:30b.NUM.028.030 और एक बकरा भी चढ़ाना, जिस से तुम्हारे लिये प्रायश्चित्त हो।

28:31b.NUM.028.031 ये सब निर्दोष हों; और नित्य होमबलि और उसके अन्नबलि और अर्घ के अलावा इसको भी चढ़ाना।।

29

29:1b.NUM.029.001 फिर सातवें महीने के पहिले दिन को तुम्हारी पवित्रा सभा हो; उस में परिश्रम का कोई काम न करना। वह तुम्हारे लिये जयजयकार का नरसिंगा फूंकने का दिन ठहरा है;

29:2b.NUM.029.002 तुम होमबलि चढ़ाना, जिस से यहोवा के लिये सुखदायक सुगन्ध हो; अर्थात् बछड़ा, एक मेढ़ा, और एक एक वर्ष के सात निर्दोष भेड़ के बच्चे;

29:3b.NUM.029.003 और उनका अन्नबलि तेल से सने हुए मैदे का हो; अर्थात् बछड़े के साथ एपा का दो दसवां अंश,

29:4b.NUM.029.004 और सातों भेड़ के बच्चों में से एक एक बच्चे पीछे एपा का दसवां अंश मैदा चढ़ाना।

29:5b.NUM.029.005 और एक बकरा भी पापबलि करके चढ़ाना, जिस से तुम्हारे लिये प्रायश्चित्त हो।

29:6b.NUM.029.006 इन सभों से अधिक नए चांद का होमबलि और उसका अन्नबलि, और नित्य होमबलि और उसका अन्नबलि, और उन सभों के अर्घ भी उनके नियम के अनुसार सुखदायक सुगन्ध देने के लिये यहोवा के हव्य करके चढ़ाना।।

29:7b.NUM.029.007 फिर उसी सातवें महीने के दसवें दिन को तुम्हारी पवित्रा सभा हो; तुम अपने अपने प्राण को दु:ख देना, और किसी प्रकार का कामकाज न करना;

29:8b.NUM.029.008 और यहोवा के लिये सुखदायक सुगन्ध देने को होमबलि; अर्थात् एक बछड़ा, एक मेढ़ा, और एक एक वर्ष के सात भेड़ के बच्चे चढ़ाना; फिर ये सब निर्दोष हों;

29:9b.NUM.029.009 और उनका अन्नबलि तेल से सने हुए मैदे का हो; अर्थात् बछड़े के साथ एपा का तीन दसवां अंश, और मेढ़े के साथ एपा का दो दसवां अंश,

29:10b.NUM.029.010 और सातों भेड़ के बच्चों में से एक एक बच्चे के पीछे एपा का दसवां अंश मैदा चढ़ाना।

29:11b.NUM.029.011 और पापबलि के लिये एक बकरा भी चढ़ाना; ये सब प्रायश्चित्त के पापबलि और नित्य होमबलि और उसके अन्नबलि के, और उन सभों के अर्धो के अलावा चढ़ाया जाए।।

29:12b.NUM.029.012 फिर सातवें महीने के पन्द्रहवें दिन को तुम्हारी पवित्रा सभा हो; और उस में परिश्रम का कोई काम न करना, और सात दिन तक यहोवा के लिये पर्ब्ब मानना;

29:13b.NUM.029.013 तुम होमबलि यहोवा को सुखदायक सुगन्ध देने के लिये हव्य करके चढ़ाना; अर्थात् तेरह बछड़े, और दो मेढ़े, और एक एक वर्ष के चौदह भेड़ के बच्चे; ये सब निर्दोष हों;

29:14b.NUM.029.014 और उनका अन्नबलि तेल से सने हुए मैदे का हो; अर्थात् तेरहों बछड़ों में से एक एक बछड़े के पीछे एपा का तीन दसवां अंश, और दोनों मेढ़ों में से एक एक मेढ़े के पीछे एपा का दो दसवां अंश,

29:15b.NUM.029.015 और चौदहों भेड़ के बच्चों में से एक एक बच्चे के पीछे एपा का दसवां अंश मैदा चढ़ाना।

29:16b.NUM.029.016 और पापबलि के लिये एक बकरा चढ़ाना; ये नित्य होमबलि और उसके अन्नबलि और अर्घ के अलावा चढ़ाए जाएं।।

29:17b.NUM.029.017 फिर दूसरे दिन बारह बछड़े, और दो मेढ़े, और एक एक वर्ष के चौदह निर्दोष भेड़ के बच्चे चढ़ाना;

29:18b.NUM.029.018 और बछड़ों, और मेढ़ों, और भेड़ के बच्चों के साथ उनके अन्नबलि और अर्घ, उनकी गिनती के अनुसार, और नियम के अनुसार चढ़ाना।।

29:19b.NUM.029.019 और पापबलि के लिये एक बकरा भी चढ़ाना; ये नित्य होमबलि और उसके अन्नबलि और अर्घ के अलावा चढ़ाए जाएं।।

29:20b.NUM.029.020 फिर तीसरे दिन ग्यारह बछड़े, और दो मेढ़े, और एक एक वर्ष के चौदह निर्दोष भेड़ के बच्चे चढ़ाना;

29:21b.NUM.029.021 और बछड़ों, और मेढ़ों, और भेड़ के बच्चों के साथ उनके अन्नबलि और अर्घ, उनकी गिनती के अनुसार, और नियम के अनुसार चढ़ाना।

29:22b.NUM.029.022 और पापबलि के लिये एक बकरा भी चढ़ाना; ये नित्य होमबलि और उसके अन्नबलि और अर्घ के अलावा चढ़ाए जाएं।।

29:23b.NUM.029.023 और फिर चौथे दिन दस बछड़े, और दो मेढ़े, और एक एक वर्ष के चौदह निर्दोष भेड़ के बच्चे चढ़ाना;

29:24b.NUM.029.024 बछड़ों, और मेढ़ों, और भेड़ के बच्चों के साथ उनके अन्नबलि और अर्घ, उनकी गिनती के अनुसार, और नियम के अनुसार चढ़ाना।

29:25b.NUM.029.025 और पापबलि के लिये एक बकरा भी चढ़ाना; ये नित्य होमबलि और उसके अन्नबलि और अर्घ के अलावा चढ़ाए जाएं।।

29:26b.NUM.029.026 फिर पांचवें दिन नौ बछड़े, दो मेढ़े, और एक एक वर्ष के चौदह निर्दोष भेड़ के बच्चे चढ़ाना;

29:27b.NUM.029.027 और बछड़ों, मेढ़ों, और भेड़ के बच्चों के साथ उनके अन्नबलि और अर्घ, उनकी गिनती के अनुसार, और नियम के अनुसार चढ़ाना।

29:28b.NUM.029.028 और पापबलि के लिये एक बकरा भी चढ़ाना; ये नित्य होमबलि और उसके अन्नबलि और अर्घ के अलावा चढ़ाए जाएं।।

29:29b.NUM.029.029 फिर छठवें दिन आठ बछड़े, और दो मेढ़े, और एक एक वर्ष के चौदह निर्दोष भेड़ के बच्चे चढ़ाना;

29:30b.NUM.029.030 और बछड़ों, और मेढ़ों, और भेड़ के बच्चों के साथ उनके अन्नबलि और अर्घ, उनकी गिनती के अनुसार चढ़ाना।

29:31b.NUM.029.031 और पापबलि के लिये एक बकरा भी चढ़ाना; ये नित्य होमबलि और उसके अन्नबलि और अर्घ के अलावा चढ़ाए जाएं।।

29:32b.NUM.029.032 फिर सातवें दिन सात बछड़े, और दो मेढ़े, और एक एक वर्ष के चौदह निर्दोष भेड़ के बच्चे चढ़ाना।

29:33b.NUM.029.033 और बछड़ों और मेढ़ों, और भेड़ के बच्चों के साथ उनके अन्नबलि और अर्घ, उनकी गिनती के अनुसार चढ़ाना।

29:34b.NUM.029.034 और पापबलि के लिये एक बकरा भी चढ़ाना; ये नित्य होमबलि और उसके अन्नबलि और अर्घ के अलावा चढ़ाए जाएं।।

29:35b.NUM.029.035 फिर आठवें दिन तुम्हारी एक महासभा हो; उस में परिश्रम का कोई काम न करना,

29:36b.NUM.029.036 और उस में होमबलि यहोवा को सुखदायक सुगन्ध देने के लिये हव्य करके चढ़ाना; वह एक बछड़े, और एक मेढ़े, और एक एक वर्ष के सात निर्दोंष भेड़ के बच्चों का हो;

29:37b.NUM.029.037 बछड़े, और मेढ़े, और भेड़ के बच्चों के साथ उनके अन्नबलि और अर्घ, उनकी गिनती के अनुसार, और नियम के अनुसार चढ़ाना।

29:38b.NUM.029.038 और पापबलि के लिये एक बकरा भी चढ़ाना; ये नित्य होमबलि और उसके अन्नबलि और अर्घ के अलावा चढ़ाए जाएं।।

29:39b.NUM.029.039 अपनी मन्नतों और स्वेच्छाबलियों के अलावा, अपने अपने नियत समयों में, ये ही होमबलि, अन्नबलि, अर्घ, और मेलबलि, यहोवा के लिये चढ़ाना।

29:40b.NUM.029.040 यह सारी आज्ञा यहोवा ने मूसा को दी जो उस ने इस्त्राएलियों को सुनाई।।

30

30:1b.NUM.030.001 फिर मूसा ने इस्त्राएली गोत्रों के मुख्य मुख्य पुरूषों से कहा, यहोवा ने यह आज्ञा दी है,

30:2b.NUM.030.002 कि जब कोई पुरूष यहोवा की मन्नत माने, वा अपने आप को वाचा से बान्धने के लिये शपथ खाए, तो वह अपना वचन न टाले; जो कुछ उसके मुंह से निकला हो उसके अनुसार वह करे।

30:3b.NUM.030.003 और जब कोई स्त्री अपनी कुंवारी अवस्था में, अपने पिता के घर से रहते हुए, यहोवा की मन्नत माने, वा अपने को वाचा से बान्धे,

30:4b.NUM.030.004 तो यदि उसका पिता उसकी मन्नत वा उसका वह वचन सुनकर, जिस से उसने अपने आप को बान्धा हो, उस से कुछ न कहे; तब तो उसकी सब मन्नतें स्थिर बनी रहें, और कोई बन्धन क्यों न हो, जिस से उस ने अपने आप को बान्धा हो, वह भी स्थिर रहे।

30:5b.NUM.030.005 परन्तु यदि उसका पिता उसकी सुनकर उसी दिन उसको बरजे, तो उसकी मन्नतें वा और प्रकार के बन्धन, जिन से उस ने अपने आप को बान्धा हो, उन में से एक भी स्थिर न रहे, और यहोवा यह जान कर, कि उस स्त्री के पिता ने उसे मना कर दिया है, उसका यह पाप क्षमा करेगा।

30:6b.NUM.030.006 फिर यदि वह पति के अधीन हो और मन्नत माने, वा बिना सोच विचार किए ऐसा कुछ कहे जिस से वह बन्धन में पड़े,

30:7b.NUM.030.007 और यदि उसका पति सुनकर उस दिन उससे कुछ न कहे; तब तो उसकी मन्नतें स्थिर रहें, और जिन बन्धनों से उस ने अपने आप को बान्धा हो वह भी स्थिर रहें।

30:8b.NUM.030.008 परन्तु यदि उसका पति सुनकर उसी दिन उसे मना कर दे, तो जो मन्नत उस ने मानी है, और जो बात बिना सोच विचार किए कहने से उस ने अपने आप को वाचा से बान्धा हो, वह टूट जाएगी; और यहोवा उस स्त्री का पाप क्षमा करेगा।

30:9b.NUM.030.009 फिर विधवा वा त्यागी हुई स्त्री की मन्नत, वा किसी प्रकार की वाचा का बन्धन क्यों न हो, जिस से उस ने अपने आप को बान्धा हो, तो वह स्थिर ही रहे।

30:10b.NUM.030.010 फिर यदि कोई स्त्री अपने पति के घर में रहते मन्नत माने, वा शपथ खाकर अपने आप को बान्धे,

30:11b.NUM.030.011 और उसका पति सुनकर कुछ न कहे, और न उसे मना करे; तब तो उसकी सब मन्नतें स्थिर बनी रहें, और हर एक बन्धन क्यों न हो, जिस से उस ने अपने आप को बान्धा हो, वह स्थिर रहे।

30:12b.NUM.030.012 परन्तु यदि उसका पति उसकी मन्नत आदि सुनकर उसी दिन पूरी रीति से तोड़ दे, तो उसकी मन्नतें आदि, जो कुछ उसके मुंह से अपने बन्धन के विषय निकला हो, उस में से एक बात भी स्थिर न रहे; उसके पति ने सब तोड़ दिया है; इसलिये यहोवा उस स्त्री का वह पाप क्षमा करेगा।

30:13b.NUM.030.013 कोई भी मन्नत वा शपथ क्यों न हो, जिस से उस स्त्री ने अपने जीव को दु:ख देने की वाचा बान्धी हो, उसको उसका पति चाहे तो दृढ़ करे, और चाहे तो तोड़े;

30:14b.NUM.030.014 अर्थात् यदि उसका पति दिन प्रति दिन उस से कुछ भी न कहे, तो वह उसको सब मन्नतें आदि बन्धनों को जिस से वह बन्धी हो दृढ़ कर देता है; उस ने उनको दृढ़ किया है, क्योंकि सुनने के दिन उस ने कुछ नहीं कहा।

30:15b.NUM.030.015 और यदि वह उन्हें सुनकर पीछे तोड़ दे, तो अपनी स्त्री के अधर्म का भार वही उठाएगा।

30:16b.NUM.030.016 पति पत्नी के बीच, और पिता और उसके घर मे रहती हुई कुंवारी बेटी के बीच, जिन विधियों की आज्ञा यहोवा ने मूसा को दी वे ये ही हैं।।

31

31:1b.NUM.031.001 फिर यहोवा ने मूसा से कहा,

31:2b.NUM.031.002 मिद्यानियों से इस्त्राएलियों का पलटा ले; बाद को तू अपने लोगों में जा मिलेगा।

31:3b.NUM.031.003 तब मूसा ने लोगों से कहा, अपने में से पुरूषों को युद्ध के लिये हथियार बन्धाओ, कि वे मिद्यानियों पर चढ़के उन से यहोवा का पलटा ले।

31:4b.NUM.031.004 इस्त्राएल के सब गोत्रों में से प्रत्येक गोत्रा के एक एक हजार पुरूषों को युद्ध करने के लिये भेजो।

31:5b.NUM.031.005 तब इस्त्राएल के सब गोत्रों में से प्रत्येक गोत्रा के एक एक हजार पुरूष चुने गये, अर्थात् युद्ध के लिये हथियार- बन्द बारह हजार पुरूष।

31:6b.NUM.031.006 प्रत्येक गोत्रा में से उन हजार हजार पुरूषों को, और एलीआजर याजक के पुत्रा पीनहास को, मूसा ने युद्ध करने के लिये भेजा, और उसके हाथ में पवित्रास्थान के पात्रा और वे तुरहियां थीं जो सांस बान्ध बान्ध कर फूंकी जाती थीं।

31:7b.NUM.031.007 और जो आज्ञा यहोवा ने मूसा को दी थी, उसके अनुसार उन्हों ने मिद्यानियों से युद्ध करके सब पुरूषों को घात किया।

31:8b.NUM.031.008 और दूसरे जूझे हुओं को छोड़ उन्हों ने एवी, रेकेम, सूर, हूर, और रेबा नाम मिद्यान के पांचों राजाओं को घात किया; और बोर के पुत्रा बिलाम को भी उन्हों ने तलवार से घात किया।

31:9b.NUM.031.009 और इस्त्राएलियों ने मिद्यानी स्त्रियों को बालबच्चों समेत बन्धुआई में कर लिया; और उनके गाय- बैल, भेड़- बकरी, और उनकी सारी सम्पत्ति को लूट लिया।

31:10b.NUM.031.010 और उनके निवास के सब नगरों, और सब छावनियों को फूंक दिया;

31:11b.NUM.031.011 तब वे, क्या मनुष्य क्या पशु, सब बन्धुओं और सारी लूट- पाट को लेकर

31:12b.NUM.031.012 यरीहो के पास की यरदन नदी के तीर पर, मोआब के अराबा में, छावनी के निकट, मूसा और एलीआजर याजक और इस्त्राएलियों की मण्डली के पास आए।।

31:13b.NUM.031.013 तब मूसा और एलीआजर याजक और मण्डली के सब प्रधान छावनी के बाहर उनका स्वागत करने को निकले।

31:14b.NUM.031.014 और मूसा सहस्त्रापति- शतपति आदि, सेनापतियों से, जो युद्ध करके लौटे आते थे क्रोधित होकर कहने लगा,

31:15b.NUM.031.015 क्या तुम ने सब स्त्रियों को जीवित छोड़ दिया?

31:16b.NUM.031.016 देखे, बिलाम की सम्मति से, पोर के विषय में इस्त्राएलियों से यहोवा का विश्वासघात इन्हीं ने कराया, और यहोवा की मण्डली में मरी फैली।

31:17b.NUM.031.017 सो अब बालबच्चों में से हर एक लड़के को, और जितनी स्त्रियों ने पुरूष का मुंह देखा हो उन सभों को घात करो।

31:18b.NUM.031.018 परन्तु जितनी लड़कियों ने पुरूष का मुंह न देखा हो उन सभों को तुम अपने लिये जीवित रखो।

31:19b.NUM.031.019 और तुम लोग सात दिन तक छावनी के बाहर रहो, और तुम में से जितनों ने किसी प्राणी को घात किया, और जितनों ने किसी मरे हुए को छूआ हो, वे सब अपने अपने बन्धुओं समेत तीसरे और सातवें दिनों में अपने अपने को पाप छुड़ाकर पावन करें।

31:20b.NUM.031.020 और सब वस्त्रों, और चमड़े की बनी हुई सब वस्तुओं, और बकरी के बालों की और लकड़ी की बनी हुई सब वस्तुओं को पावन कर लो।

31:21b.NUM.031.021 तब एलीआजर याजक ने सेना के उन पुरूषों से जो युद्ध करने गए थे कहा, व्यवस्था की जिस विधि की आज्ञा यहोवा ने मूसा को दी है वह यह है,

31:22b.NUM.031.022 कि सोना, चांदी, पीतल, लोहा, रांगा, और सीसा,

31:23b.NUM.031.023 जो कुछ आग में ठहर सके उसको आग में डालो, तब वह शुद्ध ठहरेगा; तौभी वह अशुद्धता छुड़ानेवाले जल के द्वारा पावन किया जाए; परन्तु जो कुछ आग में न ठहर सके उसे जल में डुबाओ।

31:24b.NUM.031.024 और सातवें दिन अपने वस्त्रों को धोना, तब तुम शुद्ध ठहरोगे; और तब छावनी में आना।।

31:25b.NUM.031.025 फिर यहोवा ने मूसा से कहा,

31:26b.NUM.031.026 एलीआजर याजक और मण्डली के पितरों के घरानों के मुख्य मुख्य पुरूषों को साथ लेकर तू लूट के मनुष्यों और पशुओं की गिनती कर;

31:27b.NUM.031.027 तब उनको आधा आधा करके एक भाग उन सिपाहियों को जो युद्ध करने को गए थे, और दूसरा भाग मण्डली को दे।

31:28b.NUM.031.028 फिर जो सिपाही युद्ध करने को गए थे, उनके आधे में से यहोवा के लिये, क्या मनुष्य, क्या गाय- बैल, क्या गदहे, क्या भेड़- बकरियां

31:29b.NUM.031.029 पांच सौ के पीछे एक को मानकर ले ले; और यहोवा की भेंट करके एलीआजर याजक को दे दे।

31:30b.NUM.031.030 फिर इस्त्राएलियों के आधे में से, क्या मनुष्य, क्या गाय- बैल, क्या गदहे, क्या भेड़- बकरियां, क्या किसी प्रकार का पशु हो, पचास के पीछे एक लेकर यहोवा के निवास की रखवाली करनेवाले लेवियों को दे।

31:31b.NUM.031.031 यहोवा की इस आज्ञा के अनुसार जो उस ने मूसा को दी मूसा और एलीआजर याजक ने किया।

31:32b.NUM.031.032 और जो वस्तुएं सेना के पुरूषों ने अपने अपने लिये लूट ली थीं उन से अधिक की लूट यह थी; अर्थात् छ: लाख पचहत्तर हजार भेड़- बकरियां,

31:33b.NUM.031.033 बहत्तर हजार गाय बैल,

31:34b.NUM.031.034 इकसठ हजार गदहे,

31:35b.NUM.031.035 और मनुष्यों में से जिन स्त्रियों ने पुरूष का मुंह नहीं देखा था वह सब बत्तीस हजार थीं।

31:36b.NUM.031.036 और इसका आधा, अर्थात् उनका भाग जो युद्ध करने को गए थे, उस में भेड़बकरियां तीन लाख साढ़े सैंतीस हजार,

31:37b.NUM.031.037 जिस में से पौने सात सौ भेड़- बकरियां यहोवा का कर ठहरीं।

31:38b.NUM.031.038 और गाय- बैल छत्तीस हजार, जिन में से बहत्तर यहोवा का कर ठहरे।

31:39b.NUM.031.039 और गदहे साढ़े तीस हजार, जिन में से इकसठ यहोवा का कर ठहरे।

31:40b.NUM.031.040 और मनुष्य सोलह हजार जिन में से बत्तीस प्राणी यहोवा का कर ठहरे।

31:41b.NUM.031.041 इस कर को जो यहोवा की भेंट थी मूसा ने यहोवा की आज्ञा के अनुसार एलीआजर याजक को दिया।

31:42b.NUM.031.042 और इस्त्राएलियों की मण्डली का आधा

31:43b.NUM.031.043 तीन लाख साढ़े सैंतिस हजार भेड़- बकरियां

31:44b.NUM.031.044 छत्तीस हजार गाय- बैल,

31:45b.NUM.031.045 साढ़े तीस हजार गदहे,

31:46b.NUM.031.046 और सोलह हजार मनुष्य हुए।

31:47b.NUM.031.047 इस आधे में से, जिसे मूसा ने युद्ध करनेवाले पुरूषों के पास से अलग किया था, यहोवा की आज्ञा के अनुसार मूसा ने, क्या मनुष्य क्या पशु, पचास पीछे एक लेकर यहोवा के निवास की रखवाली करनेवाले लेवियों को दिया।

31:48b.NUM.031.048 तब सहस्त्रापति- शतपति आदि, जो सरदार सेना के हजारों के ऊपर नियुक्त थे, वे मूसा के पास आकर कहने लगे,

31:49b.NUM.031.049 जो सिपाही हमारे अधीन थे उनकी तेरे दासों ने गिनती ली, और उन में से एक भी नहीं घटा।

31:50b.NUM.031.050 इसलिये पायजेब, कड़े, मुंदरियां, बालियां, बाजूबन्द, सोने के जो गहने, जिस ने पाया है, उनको हम यहोवा के साम्हने अपने प्राणों के निमित्त प्रायश्चित्त करने को यहोवा की भेंट करके ले आए हैं।

31:51b.NUM.031.051 तब मूसा और एलीआजर याजक ने उन से वे सब सोने के नक्काशीदार गहने ले लिए।

31:52b.NUM.031.052 और सहस्त्रापतियों और शतपतियों ने जो भेंट का सोना यहोवा की भेंट करके दिया वह सब का सब सोलह हजार साढ़े सात सौ शेकेल का था।

31:53b.NUM.031.053 ( योद्धाओं ने तो अपने अपने लिये लूट ले ली थी। )

31:54b.NUM.031.054 यह सोना मूसा और एलीआजर याजक ने सहस्त्रापतियों और शतपतियों से लेकर मिलापवाले तम्बू में पहुंचा दिया, कि इस्त्राएलियों के लिये यहोवा के साम्हने स्म्रण दिलानेवाली वस्तु ठहरे।।

32

32:1b.NUM.032.001 रूबेनियों और गादियों के पास बहुत जानवर थे। जब उन्हों ने याजेर और गिलाद देशों को देखकर विचार किया, कि वह ढ़ोरों के योग्य देश है,

32:2b.NUM.032.002 तब मूसा और एलीआजर याजक और मण्डली के प्रधानों के पास जाकर कहने लगे,

32:3b.NUM.032.003 अतारोत, दीबोन, याजेर, निम्रा, हेशबोन, एलाले, सबाम, नबो, और बोन नगरों का देश

32:4b.NUM.032.004 जिस पर यहोवा ने इस्त्राएल की मण्डली को विजय दिलवाई है, वह ढोरों के योग्य है; और तेरे दासों के पास ढोर हैं।

32:5b.NUM.032.005 फिर उन्हों ने कहा, यदि तेरा अनुग्रह तेरे दासों पर हो, तो यह देश तेरे दासों को मिले कि उनकी निज भूमि हो; हमें यरदन पार न ले चल।

32:6b.NUM.032.006 मूसा ने गादियों और रूबेनियों से कहा, जब तुम्हारे भाई युद्ध करने को जाएंगे तब क्या तुम यहां बैठे रहोगे?

32:7b.NUM.032.007 और इस्त्राएलियों से भी उस पार के देश जाने के विषय जो यहोवा ने उन्हें दिया है तुम क्यों अस्वीकार करवाते हो?

32:8b.NUM.032.008 जब मैं ने तुम्हारे बापदादों को कादेशबर्ने से कनान देश देखने के लिये भेजा, तब उन्हों ने भी ऐसा ही किया था।

32:9b.NUM.032.009 अर्थात् जब उन्हों ने एशकोल नाम नाले तक पहुंचकर देश को देखा, तब इस्त्राएलियों से उस देश के विषय जो यहोवा ने उन्हें दिया था अस्वीकार करा दिया।

32:10b.NUM.032.010 इसलिये उस समय यहोवा ने कोप करके यह शपथ खाई कि,

32:11b.NUM.032.011 नि:सन्देह जो मनुष्य मि से निकल आए हैं उन में से, जितने बीस वर्ष के वा उस से अधिक अवस्था के हैं, वे उस देश को देखने न पाएंगे, जिसके देने की शपथ मैं ने इब्राहीम, इसहाक, और याकूब से खाई है, क्योंकि वे मेरे पीछे पूरी रीति से नहीं हो लिये;

32:12b.NUM.032.012 परन्तु यपुन्ने कनजी का पुत्रा कालेब, और नून का पुत्रा यहोशू, ये दोनों जो मेरे पीछे पूरी रीति से हो लिये हैं ये तो उसे देखने पाएंगे।

32:13b.NUM.032.013 सो यहोवा का कोप इस्त्राएलियों पर भड़का, और जब तक उस पीढ़ी के सब लोगों का अन्त न हुआ, जिन्हों ने यहोवा के प्रति बुरा किया था, तब तक अर्थात् चालीस वर्ष तक वह जंगल में मारे मारे फिराता रहा।

32:14b.NUM.032.014 और सुनो, तुम लोग उन पापियों के बच्चे होकर इसी लिये अपने बाप- दादों के स्थान पर प्रकट हुए हो, कि इस्त्राएल के विरूद्ध यहोवा से भड़के हुए कोप को और भड़काओ!

32:15b.NUM.032.015 यदि तुम उसके पीछे चलने से फिर जाओ, तो वह फिर हम सभों को जंगल में छोड़ देगा; इस प्रकार तुम इन सारे लोगों का नाश कराओगे।

32:16b.NUM.032.016 तब उन्हों ने मूसा के और निकट आकर कहा, हम अपने ढ़ोरों के लिये यहीं भेड़शाले बनाएंगे, और अपने बालबच्चों के लिये यहीं नगर बसाएंगे,

32:17b.NUM.032.017 परन्तु आप इस्त्राएलियों के आगे आगे हथियार बन्द तब तक चलेंगे, जब तक उनको उनके स्थान में न पहुंचा दे; परन्तु हमारे बालबच्चे इस देश के निवासियों के डर से गढ़वाले नगरों में रहेंगे।

32:18b.NUM.032.018 परन्तु जब तक इस्त्राएली अपने अपने भाग के अधिकारी न हों तब तक हम अपने घरों को न लौटेंगे।

32:19b.NUM.032.019 हम उनके साथ यरदन पार वा कहीं आगे अपना भाग न लेंगे, क्योंकि हमारा भाग यरदन के इसी पार पूरब की ओर मिला है।

32:20b.NUM.032.020 तब मूसा ने उन से कहा, यदि तुम ऐसा करो, अर्थात् यदि तुम यहोवा के आगे आगे युद्ध करने को हथियार बान्धो।

32:21b.NUM.032.021 और हर एक हथियार- बन्द यरदन के पार तब तक चले, जब तक यहोवा अपने आगे से अपने शत्रुओं को न निकाले

32:22b.NUM.032.022 और देश यहोवा के वश में न आए; तो उसके पीछे तुम यहां लौटोगे, और यहोवा के और इस्त्राएल के विषय निर्दोष ठहरोगे; और यह देश यहोवा के प्रति तुम्हारी निज भूमि ठहरेगा।

32:23b.NUM.032.023 और यदि तुम ऐसा न करो, तो यहोवा के विरूद्ध पापी ठहरोगे; और जान रखो कि तुम को तुम्हारा पाप लगेगा।

32:24b.NUM.032.024 तुम अपने बालबच्चों के लिये नगर बसाओ, और अपनी भेड़- बकरियों के लिये भेड़शाले बनाओ; और जो तुम्हारे मुंह से निकला है वही करो।

32:25b.NUM.032.025 तब गादियों और रूबेनियों ने मूसा से कहा, अपने प्रभु की आज्ञा के अनुसार तेरे दास करेंगे।

32:26b.NUM.032.026 हमारे बालबच्चे, स्त्रियां, भेड़- बकरी आदि, सब पशु तो यहीं गिलाद के नगरों में रहेंगे;

32:27b.NUM.032.027 परन्तु अपने प्रभु के कहे के अनुसार तेरे दास सब के सब युद्ध के लिये हथियार- बन्द यहोवा के आगे आगे लड़ने को पार जाएंगे।

32:28b.NUM.032.028 तब मूसा ने उनके विषय में एलीआजर याजक, और नून के पुत्रा यहोशू, और इस्त्राएलियों के गोत्रों के पितरों के घरानों के मुख्य मुख्य पुरूषों को यह आज्ञा दी,

32:29b.NUM.032.029 कि यदि सब गादी और रूबेनी पुरूष युद्ध के लिये हथियार- बन्द तुम्हारे संग यरदन पार जाएं, और देश तुम्हारे वश में आ जाए, तो गिलाद देश उनकी निज भूमि होने को उन्हें देना।

32:30b.NUM.032.030 परन्तु यदि वे तुम्हारे संग हथियार- बन्द पार न जाएं, तो उनकी निज भूमि तुम्हारे बीच कनान देश में ठहरे।

32:31b.NUM.032.031 तब गादी और रूबेनी बोल उठे, यहोवा ने जैसा तेरे दासों से कहलाया है वैसा ही हम करेंगे।

32:32b.NUM.032.032 हम हथियार- बन्द यहोवा के आगे आगे उस पार कनान देश में जाएंगे, परन्तु हमारी निज भूमि यरदन के इसी पार रहे।।

32:33b.NUM.032.033 तब मूसा ने गादियों और रूबेनियों को, और यूसुफ के पुत्रा मनश्शे के आधे गोत्रियों को एमोरियों के राजा सीहोन और बाशान के राजा ओग, दोनों के राज्यों का देश, नगरों, और उनके आसपास की भूमि समेत दे दिया।

32:34b.NUM.032.034 तब गादियों ने दीबोन, अतारोत, अरोएर,

32:35b.NUM.032.035 अत्राौत, शोपान, याजेर, योगबहा,

32:36b.NUM.032.036 बेतनिम्रा, और बेथारान नाम नगरों को दृढ़ किया, और उन में भेड़- बकरियों के लिये भेड़शाले बनाए।

32:37b.NUM.032.037 और रूबेनियों ने हेशबोन, एलाले, और किर्यातैम को,

32:38b.NUM.032.038 फिर नबो और बालमोन के नाम बदलकर उनको, और सिबमा को दृढ़ किया; और उन्हों ने अपने दृढ़ किए हुए नगरों के और और नाम रखे।

32:39b.NUM.032.039 और मनश्शे के पुत्रा माकीर के वंशवालों ने गिलाद देश में जाकर उसे ले लिया, और जो एमोरी उस में रहते थे उनको निकाल दिया।

32:40b.NUM.032.040 तब मूसा ने मनश्शे के पुत्रा माकीर के वंश को गिलाद दे दिया, और वे उस में रहने लगे।

32:41b.NUM.032.041 और मनश्शेई याईर ने जाकर गिलाद की कितनी बस्तियां ले लीं, और उनके नाम हव्वोत्याईर रखे।

32:42b.NUM.032.042 और नोबह ने जाकर गांवों समेत कनात को ले लिया, और उसका नाम अपने नाम पर नोबह रखा।।

33

33:1b.NUM.033.001 जब से इस्त्राएली मूसा और हारून की अगुवाई से दल बान्धकर मि देश से निकले, तब से उनके ये पड़ाव हुए।

33:2b.NUM.033.002 मूसा ने यहोवा से आज्ञा पाकर उनके कूच उनके पड़ावों के अनुसार लिख दिए; और वे ये हैं।

33:3b.NUM.033.003 पहिले महीने के पन्द्रहवें दिन को उन्हों ने रामसेस से कूच किया; फसह के दूसरे दिन इस्त्राएली सब मिस्त्रियों के देखते बेखटके निकल गए,

33:4b.NUM.033.004 जब कि मिद्दी अपने सब पहिलौठों को मिट्टी दे रहे थे जिन्हें यहोवा ने मारा था; और उस ने उनके देवताओं को भी दण्ड दिया था।

33:5b.NUM.033.005 इस्त्राएलियों ने रामसेस से कूच करे सुक्कोत में डेरे डाले।

33:6b.NUM.033.006 और सुक्कोत से कूच करके एताम में, जो जंगल के छोर पर हैं, डेरे डाले।

33:7b.NUM.033.007 और एताम से कूच करके वे पीहहीरोत को मुड़ गए, जो बालसपोन के साम्हने है; और मिगदोल के साम्हने डेरे खड़े किए।

33:8b.NUM.033.008 तब वे पीहहीरोत के साम्हने से कूच कर समुद्र के बीच होकर जंगल में गए, और एताम नाम जंगल में तीन दिन का मार्ग चलकर मारा में डेरे डाले।

33:9b.NUM.033.009 फिर मारा से कूच करके वे एलीम को गए, और एलीम में जल के बारह सोते और सत्तर खजूर के वृक्ष मिले, और उन्हों ने वहां डेरे खड़े किए।

33:10b.NUM.033.010 तब उन्हों ने एलीम से कूच करे लाल समुद्र के तीर पर डेरे खड़े किए।

33:11b.NUM.033.011 और लाल समुद्र से कूच करके सीन नाम जंगल में डेरे खड़े किए।

33:12b.NUM.033.012 फिर सीन नाम जंगल से कूच करके उन्हों ने दोपका में डेरा किया।

33:13b.NUM.033.013 और दोपका से कूच करके आलूश में डेरा किया।

33:14b.NUM.033.014 और आलूश से कूच करके रपीदीम में डेरा किया, और वहां उन लोगों को पीने का पानी न मिला।

33:15b.NUM.033.015 फिर उन्हों ने रपीदीम से कूच करके सीनै के जंगल में डेरे डाले।

33:16b.NUM.033.016 और सीनै के जंगल से कूच करके किब्रोथत्तावा में डेरा किया।

33:17b.NUM.033.017 और किब्रोथत्तावा से कूच करे हसेरोत में डेरे डाले।

33:18b.NUM.033.018 और हसेरोत से कूच करके रित्मा में डेरे डाले।

33:19b.NUM.033.019 फिर उन्हों ने रित्मा से कूच करके रिम्मोनपेरेस में डेरे खड़े किए।

33:20b.NUM.033.020 और रिम्मोनपेरेस से कूच करके लिब्ना में डेरे खड़े किए।

33:21b.NUM.033.021 और लिब्ना से कूच करके रिस्सा में डेरे खड़े किए।

33:22b.NUM.033.022 और रिस्सा से कूच करके कहेलाता में डेरा किया।

33:23b.NUM.033.023 और कहेलाता से कूच करके शेपेर पर्वत के पास डेरा किया।

33:24b.NUM.033.024 फिर उन्हों ने शेपेर पर्वत से कूच करके हरादा में डेरा किया।

33:25b.NUM.033.025 और हरादा से कूच करके मखेलोत में डेरा किया।

33:26b.NUM.033.026 और मखेलोत से कूच करके तहत में डेरे खड़े किए।

33:27b.NUM.033.027 और तहत से कूच करके तेरह में डेरे डाले।

33:28b.NUM.033.028 और तेरह से कूच करके मित्का में डेरे डाले।

33:29b.NUM.033.029 फिर मित्का से कूच करके उन्हों ने हशमोना में डेरे डाले।

33:30b.NUM.033.030 और हशमोना से कूच करके मोसेरोत मे डेरे खड़े किए।

33:31b.NUM.033.031 और मोसेरोत से कूच करके याकानियों के बीच डेरा किया।

33:32b.NUM.033.032 और याकानियों के बीच से कूच करके होर्हग्गिदगाद में डेरा किया।

33:33b.NUM.033.033 और होर्हग्गिदगाद से कूच करके योतबाता में डेरा किया।

33:34b.NUM.033.034 और योतबाता से कूच करके अब्रोना में डेरे खड़े किए।

33:35b.NUM.033.035 और अब्रोना से कूच करके एस्योनगेबेर में डेरे खड़े किए।

33:36b.NUM.033.036 और एस्योनगेबेर के कूच करके उन्हों ने सीन नाम जंगल के कादेश में डेरा किया।

33:37b.NUM.033.037 फिर कादेश से कूच करके होर पर्वत के पास, जो एदोम देश के सिवाने पर है, डेरे डाले।

33:38b.NUM.033.038 वहां इस्त्राएलियों के मि देश से निकलने के चालीसवें वर्ष के पांचवें महीने के पहिले दिन को हारून याजक यहोवा की आज्ञा पाकर होर पर्वत पर चढ़ा, और वहां मर गया।

33:39b.NUM.033.039 और जब हारून होर पर्वत पर मर गया तब वह एक सौ तेईस वर्ष का था।

33:40b.NUM.033.040 और अरात का कनानी राजा, जो कनान देश के दक्खिन भाग में रहता था, उस ने इस्त्राएलियों के आने का समाचार पाया।

33:41b.NUM.033.041 तब इस्त्राएलियों ने होर पर्वत से कूच करके सलमोना में डेरे डाले।

33:42b.NUM.033.042 और सलमोना से कूच करके पूनोन में डेरे डाले।

33:43b.NUM.033.043 और पूनोन से कूच करके ओबोस में डेरे डाले।

33:44b.NUM.033.044 और ओबोस से कूच करके अबारीम नाम डीहों में जो मोआब के सिवाने पर हैं, डेरे डाले।

33:45b.NUM.033.045 तब उन डीहों से कूच करके उन्हों ने दीबोनगाद में डेरा किया।

33:46b.NUM.033.046 और दीबोनगाद से कूच करके अल्मोनदिबलातैम से कूच करके उन्हों ने अबारीम नाम पहाड़ों मे नबो के साम्हने डेरा किया।

33:47b.NUM.033.047 और अल्मोनदिबलातैम से कूच करके उन्हों ने अबारीम नाम पहाड़ों में नबो के साम्हने डेरा किया।

33:48b.NUM.033.048 फिर अबारीम पहाड़ों से कूच करके मोआब के अराबा में, यरीहो के पास यरदन नदी के तट पर डेरा किया।

33:49b.NUM.033.049 और वे मोआब के अराबा में वेत्यशीमोत से लेकर आबेलशित्तीम तक यरदन के तीर तीर डेरे डाले।।

33:50b.NUM.033.050 फिर मोआब के अराबा में, यरीहो के पास की यरदन नदी के तट पर, यहोवा ने मूसा से कहा,

33:51b.NUM.033.051 इस्त्राएलियों को समझाकर कह, जब तुम यरदन पार होकर कनान देश में पहुंचो

33:52b.NUM.033.052 तब उस देश के निवासियों को उनके देश से निकाल देना; और उनके सब नक्काशे पत्थरों को और ढली हुई मूर्तियों को नाश करना, और उनके सब पूजा के ऊंचे स्थानों को ढा देना।

33:53b.NUM.033.053 और उस देश को अपने अधिकार में लेकर उस में निवास करना, क्योंकि मैं ने वह देश तुम्हीं को दिया है कि तुम उसके अधिकारी हो।

33:54b.NUM.033.054 और तुम उस देश को चिट्ठी डालकर अपने कुलों के अनुसार बांट लेना; अर्थात् जो कुल अधिकवाले हैं उन्हें अधिक, और जो थोड़ेवाले हैं उनको थोड़ा भाग देना; जिस कुल की चिट्ठी जिस स्थान के लिये निकले वही उसका भाग ठहरे; अपने पितरों के गोत्रों के अनुसार अपना अपना भाग लेना।

33:55b.NUM.033.055 परन्तु यदि तुम उस देश के निवासियों को अपने आगे से न निकालोगे, तो उन में से जिनको तुम उस में रहने दोगे वे मानो तुम्हारी आंखों में कांटे और तुम्हारे पांजरों में कीलें ठहरेंगे, और वे उस देश में जहां तुम बसोगे तुम्हें संकट में डालेंगे।

33:56b.NUM.033.056 और उन से जैसा बर्ताव करने की मनसा मैं ने की है वैसा ही तुम से करूंगा।

34

34:1b.NUM.034.001 फिर यहोवा ने मूसा से कहा,

34:2b.NUM.034.002 इस्त्राएलियों को यह आज्ञा दे, कि जो देश तुम्हारा भाग होगा वह तो चारों ओर से सिवाने तक का कनान देश है, इसलिये जब तुम कनान देश मे पहुंचों,

34:3b.NUM.034.003 तब तुम्हारा दक्खिनी प्रान्त सीन नाम जंगल से ले एदोम देश के किनारे किनारे होता हुआ चला जाए, और तुम्हारा दक्खिनी सिवाना खारे ताल के सिरे पर आरम्भ होकर पश्चिम की ओर चले;

34:4b.NUM.034.004 वहां से तुम्हारा सिवाना अक्रब्बीम नाम चढ़ाई की दक्खिन की ओर पहुंचकर मुड़े, और सीन तक आए, और कादेशबर्ने की दक्खिन की ओर निकले, और हसरस्रार तक बढ़के अस्मोन तक पहुंचे;

34:5b.NUM.034.005 फिर वह सिवाना अस्मोन से घूमकर मि के नाले तक पहुंचे, और उसका अन्त समुद्र का तट ठहरे।

34:6b.NUM.034.006 फिर पच्छिमी सिवाना महासमुद्र हो; तुम्हारा पच्छिमी सिवाना यही ठहरे।

34:7b.NUM.034.007 और तुम्हारा उत्तरीय सिवाना यह हो, अर्थात् तुम महासमुद्र से ले होर पर्वत तक सिवाना बन्धाना;

34:8b.NUM.034.008 और होर पर्वत से हामात की घाटी तक सिवाना बान्धना, और वह सदाद पर निकले;

34:9b.NUM.034.009 फिर वह सिवाना जिप्रोन तक पहुंचे, और हसरेनान पर निकले; तुम्हारा उत्तरीय सिवाना यही ठहरे।

34:10b.NUM.034.010 फिर अपना पूरबी सिवाना हसरेनान से शपाम तक बान्धना;

34:11b.NUM.034.011 और वह सिवाना शपाम से रिबला तक, जो ऐन की पूर्व की ओर है, नीचे को उतरते उतरते किन्नेरेत नाम ताल के पूर्व से लग जाए;

34:12b.NUM.034.012 और वह सिवाना यरदन तक उतरके खारे ताल के तट पर निकले। तुम्हारे देश के चारों सिवाने ये ही ठहरें।

34:13b.NUM.034.013 तब मूसा ने इस्त्राएलियों से फिर कहा, जिस देश के तुम चिट्ठी डालकर अधिकारी होगे, और यहोवा ने उसे साढ़े नौ गोत्रा के लोगों को देने की आज्ञा दी है, वह यही है;

34:14b.NUM.034.014 परन्तु रूबेनियों और गादियों के गोत्रा तो अपने अपने पितरों के कुलों के अनुसार अपना अपना भाग पा चुके हैं, और मनश्शे के आधे गोत्रा के लोग भी अपना भाग पा चुके हैं;

34:15b.NUM.034.015 अर्थात् उन अढ़ाई गोत्रों के लोग यरीहो के पास की यरदन के पार पूर्व दिशा में, जहां सूर्योदय होता है, अपना अपना भाग पा चुके हैं।।

34:16b.NUM.034.016 फिर यहोवा ने मूसा से कहा,

34:17b.NUM.034.017 कि जो पुरूष तुम लोगों के लिये उस देश को बांटेंगे उनके नाम ये हैं; अर्थात् एलीआजर याजक और नून का पुत्रा यहोशू।

34:18b.NUM.034.018 और देश को बांटने के लिये एक एक गोत्रा का एक एक प्रधान ठहराना।

34:19b.NUM.034.019 और इन पुरूषों के नाम ये हैं; अर्थात् यहूदागोत्री यपुन्ने का पुत्रा कालेब,

34:20b.NUM.034.020 शिमोनगोत्री अम्मीहूद का पुत्रा शमुएल,

34:21b.NUM.034.021 बिन्यामीनगोत्री किसलोन का पुत्रा एलीदाद,

34:22b.NUM.034.022 दानियों के गोत्रा का प्रधान योग्ली का पुत्रा बुक्की,

34:23b.NUM.034.023 यूसुफियों में से मनश्शेइयों के गोत्रा का प्रधान एपोद का पुत्रा हन्नीएल,

34:24b.NUM.034.024 और एप्रैमियों के गोत्रा का प्रधान शिम्तान का पुत्रा कमूएल,

34:25b.NUM.034.025 जबूलूनियों के गोत्रा का प्रधान पर्नाक का पुत्रा एलीसापान,

34:26b.NUM.034.026 इस्साकारियों के गोत्रा का प्रधान अज्जान का पुत्रा पलतीएल,

34:27b.NUM.034.027 आशेरियों के गोत्रा का प्रधान शलोमी का पुत्रा अहीहूद,

34:28b.NUM.034.028 और नप्तालियों के गोत्रा का प्रधान अम्मीहूद का पुत्रा पदहेल।

34:29b.NUM.034.029 जिन पुरूषों को यहोवा ने कनान देश को इस्त्राएलियों के लिये बांटने की आज्ञा दी वे ये ही हैं।।

35

35:1b.NUM.035.001 फिर यहोवा ने, मोआब के अराबा में, यरीहो के पास की यरदन नदी के तट पर मूसा से कहा,

35:2b.NUM.035.002 इस्त्राएलियों को आज्ञा दे, कि तुम अपने अपने निज भाग की भूमि में से लेवियों को रहने के लिये नगर देना; और नगरों के चारों ओर की चराइयां भी उनको देना।

35:3b.NUM.035.003 नगर तो उनके रहने के लिये, और चराइयां उनके गाय- बैल और भेड़- बकरी आदि, उनके सब पशुओं के लिये होंगी।

35:4b.NUM.035.004 और नगरों की चराइयां, जिन्हें तुम लेवियों को दोगे, वह एक एक नगर की शहरपनाह से बाहर चारों ओर एक एक हजार हाथ तक की हों।

35:5b.NUM.035.005 और नगर के बाहर पूर्व, दक्खिन, पच्छिम, और उत्तर अलंग, दो दो हजार हाथ इस रीति से नापना कि नगर बीचोंबीच हो; लेवियों के एक एक नगर की चराई इतनी ही भूमि की हो।

35:6b.NUM.035.006 और जो नगर तुम लेवियों को दोगे उन में से छ: शरणनगर हों, जिन्हें तुम को खूनी के भागने के लिये ठहराना होगा, और उन से अधिक बयालीस नगर और भी देना।

35:7b.NUM.035.007 जितने नगर तुम लेवियों को दोगे वे सब अड़तालीस हों, और उनके साथ चराइयां देना।

35:8b.NUM.035.008 और जो नगर तुम इस्त्राएलियों की निज भूमि में से दो, वे जिनके बहुत नगर हों उन से थोड़े लेकर देना; सब अपने अपने नगरों में से लेवियों को अपने ही अपने भाग के अनुसार दें।।

35:9b.NUM.035.009 फिर यहोवा ने मूसा से कहा,

35:10b.NUM.035.010 इस्त्राएलियों से कह, कि जब तुम यरदन पार होकर कनान देश में पहुंचो,

35:11b.NUM.035.011 तक ऐसे नगर ठहराना जो तुम्हारे लिये शरणनगर हों, कि जो कोई किसी को भूल से मारके खूनी ठहरा हो वह वहां भाग जाए।

35:12b.NUM.035.012 वे नगर तुम्हारे निमित्त पलटा लेनेवाले से शरण लेने के काम आएंगे, कि जब तक खूनी न्याय के लिये मण्डली के साम्हने खड़ा न हो तब तक वह न मार डाला जाए।

35:13b.NUM.035.013 और शरण के जो नगर तुम दोगे वे छ: हों।

35:14b.NUM.035.014 तीन नगर तो यरदन के इस पार, और तीन कनान देश में देना; शरणनगर इतने ही रहें।

35:15b.NUM.035.015 ये छहों नगर इस्त्राएलियों के और उनके बीच रहनेवाले परदेशियों के लिये भी शरणस्थान ठहरें, कि जो कोई किसी को भूल से मार डाले वह वहीं भाग जाए।

35:16b.NUM.035.016 परन्तु यदि कोई किसी को लोहे के किसी हथियार से ऐसा मारे कि वह मर जाए, तो वह खूनी ठहरेगा; और वह खूनी अवश्य मार डाला जाए।

35:17b.NUM.035.017 और यदि कोई ऐसा पत्थर हाथ में लेकर, जिस से कोई मर सकता है, किसी को मारे, और वह मर जाए, तो वह भी खूनी ठहरेगा; और वह खूनी अवश्य मार डाला जाए।

35:18b.NUM.035.018 वा कोई हाथ में ऐसी लकड़ी लेकर, जिस से कोई मर सकता है, किसी को मारे, और वह मर जाए, तो वह भी खूनी ठहरेगा; और वह खूनी अवश्य मार डाला जाए।

35:19b.NUM.035.019 लोहू का पलटा लेनेवाला आप की उस खूनी को मार डाले; जब भी वह मिले तब ही वह उसे मार डाले।

35:20b.NUM.035.020 और यदि कोई किसी को बैर से ढकेल दे, वा घात लगाकर कुछ उस पर ऐसे फेंक दे कि वह मर जाए,

35:21b.NUM.035.021 वा शत्रुता से उसको अपने हाथ से ऐसा मारे कि वह मर जाए, तो जिस ने मारा हो वह अवश्य मार डाला जाए; वह खूनी ठहरेगा; लोहू का पलटा लेनेवाला जब भी वह खूनी उसे मिल जाए तब ही उसको मार डाले।

35:22b.NUM.035.022 परन्तु यदि कोई किसी को बिना सोचे, और बिना शत्रुता रखे ढकेल दे, वा बिना घात लगाए उस पर कुछ फेंक दे,

35:23b.NUM.035.023 वा ऐसा कोई पत्थर लेकर, जिस से कोई मर सकता है, दूसरे को बिना देखे उस पर फेंक दे, और वह मर जाए, परन्तु वह न उसका शत्रु हो, और न उसकी हानि का खोजी रहा हो;

35:24b.NUM.035.024 तो मण्डली मारनेवाले और लोहू का पलटा लेनेवाले के बीच इन नियमों के अनुसार न्याय करे;

35:25b.NUM.035.025 और मण्डली उस खूनी को लोहू के पलटा लेनेवाले के हाथ से बचाकर उस शरणनगर में जहां वह पहिले भाग गया हो लौटा दे, और जब तक पवित्रा तेल से अभिषेक किया हुआ महायाजक न मर जाए तब तक वह वहीं रहे।

35:26b.NUM.035.026 परन्तु यदि वह खूनी उस शरणस्थान के सिवाने से जिस में वह भाग गया हो बाहर निकलकर और कहीं जाए,

35:27b.NUM.035.027 और लोहू का पलटा लेनेवाला उसको शरणस्थान के सिवाने के बाहर कहीं पाकर मार डाले, तो वह लोहू बहाने का दोषी न ठहरे।

35:28b.NUM.035.028 क्योंकि खूनी को महायाजक की मृत्यु तक शरणस्थान में रहना चाहिये; और महायाजक के मरने के पश्चात् वह अपनी निज भूमि को लौट सकेगा।

35:29b.NUM.035.029 तुम्हारी पीढ़ी पीढ़ी में तुम्हारे सब रहने के स्थानों में न्याय की यह विधि होगी।

35:30b.NUM.035.030 और जो कोई किसी मनुष्य को मार डाले वह साक्षियों के कहने पर मार डाला जाए, परन्तु एक ही साक्षी की साक्षी से कोई न मार डाला जाए।

35:31b.NUM.035.031 और जो खूनी प्राणदण्ड के योग्य ठहरे उस से प्राणदण्ड के बदले में जुरमाना न लेना; वह अवश्य मार डाला जाए।

35:32b.NUM.035.032 और जो किसी शरणस्थान में भागा हो उसके लिये भी इस मतलब से जुरमाना न लेना, कि वह याजक के मरने से पहिले फिर अपने देश मे रहने को लौटने पाएं।

35:33b.NUM.035.033 इसलिये जिस देश में तुम रहोगे उसको अशुद्ध न करना; खून से तो देश अशुद्ध हो जाता है, और जिस देश में जब खून किया जाए तब केवल खूनी के लोहू बहाने ही से उस देश का प्रायश्चित्त हो सकता है।

35:34b.NUM.035.034 जिस देश में तुम निवास करोगे उसके बीच मै रहूंगा, उसको अशुद्ध न करना; मैं यहोवा तो इस्त्राएलियों के बीच रहता हूं।।

36

36:1b.NUM.036.001 फिर यूसुफियों के कुलों में से गिलाद, जो माकीर का पुत्रा और मनश्शे का पोता था, उसके वंश के कुल के पितरों के घरानों के मुख्य मुख्य पुरूष मूसा के समीप जाकर उस प्रधानों के साम्हने, जो इस्त्राएलियों के पितरों के घरानों के मुख्य पुरूष थे, कहने लगे,

36:2b.NUM.036.002 यहोवा ने हमारे प्रभु को आज्ञा दी थी, कि इस्त्राएलियों को चिट्ठी डालकर देश बांट देना; और फिर यहोवा की यह भी आज्ञा हमारे प्रभु को मिली, कि हमारे सगोत्री सलोफाद का भाग उसकी बेटियों को देना।

36:3b.NUM.036.003 तो यदि वे इस्त्राएलियों के और किसी गोत्रा के पुरूषों से ब्याही जाएं, तो उनका भाग हमारे पितरों के भाग से छूट जाएगा, और जिस गोत्रा में से ब्याही जाएं उसी गोत्रा के भाग में मिल जाएगा; तब हमारा भाग घट जाएगा।

36:4b.NUM.036.004 और जब इस्त्राएलियों की जुबली होगी, तब जिस गोत्रा में वे ब्याही जाएं उसके भाग में उनका भाग पक्की रीति से मिल जाएगा; और वह हमारे पितरों के गोत्रा के भाग से सदा के लिये छूट जाएगा।

36:5b.NUM.036.005 तब यहोवा से आज्ञा पाकर मूसा ने इस्त्राएलियों से कहा, यूसुफियों के गोत्री ठीक कहते हैं।

36:6b.NUM.036.006 सलोफाद की बेटियों के विषय में यहोवा ने यह आज्ञा दी है, कि जो वर जिसकी दृष्टि में अच्छा लगे वह उसी से ब्याही जाए; परन्तु वे अपने मूलपुरूष ही के गोत्रा के कुल में ब्याही जाएं।

36:7b.NUM.036.007 और इस्त्राएलियों के किसी गोत्रा का भाग दूसरे के गोत्रा के भाग में ने मिलने पाए; इस्त्राएली अपने अपने मूलपुरूष के गोत्रा के भाग पर बने रहें।

36:8b.NUM.036.008 और इस्त्राएलियों के किसी गोत्रा में किसी की बेटी हो जो भाग पानेवाली हो, वह अपने ही मूलपुरूष के गोत्रा के किसी पुरूष से ब्याही जाए, इसलिये कि इस्त्राएली अपने अपने मूलपुरूष के भाग के अधिकारी रहें।

36:9b.NUM.036.009 किसी गोत्रा का भाग दूसरे गोत्रा के भाग में मिलने न पाएं; इस्त्राएलियों के एक एक गोत्रा के लोग अपने अपने भाग पर बने रहें।

36:10b.NUM.036.010 यहोवा की आज्ञा के अनुसार जो उस ने मूसा को दी सलोफाद की बेटियों ने किया।

36:11b.NUM.036.011 अर्थात् महला, तिर्सा, होग्ला, मिलका, और नोआ, जो सलोफाद की बेटियां थी, उन्हों ने अपने चचेरे भाइयों से ब्याह किया।

36:12b.NUM.036.012 वे यूसुफ के पुत्रा मनश्शे के वंश के कुलों में ब्याही गई, और उनका भाग उनके मूलपुरूष के कुल के गोत्रा के अधिकार में बना रहा।।

36:13b.NUM.036.013 जो आज्ञाएं और नियम यहोवा ने मोआब के अराबा में यरीहो के पास की यरदन नदी के तीर पर मूसा के द्वारा इस्त्राएलियों को दिए वे ये ही हैं।।


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